Rajasthan की भजनलाल सरकार 19 फरवरी 2025 को ग्रीन बजट पेश करने जा रही है। यह पहली बार होगा जब राज्य में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बजट तैयार किया गया है।
क्या होगा ग्रीन बजट में?
📌 पर्यावरण-संरक्षण: हर सरकारी प्रोजेक्ट में ग्रीन कॉन्सेप्ट अपनाया जाएगा।
📌 सड़क निर्माण नीति: नई सड़कों की बजाय पुरानी सड़कों की मरम्मत पर जोर।
📌 जल संरक्षण: हर विभाग को जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने का निर्देश।
फ्री-बीज से परहेज, लोकलुभावन घोषणाएं नहीं
बीजेपी हमेशा मुफ्त की घोषणाओं (फ्री-बीज) का विरोध करती रही है। इस बार के बजट में सरकार युवा, महिला और किसान वर्ग पर ध्यान देगी, लेकिन फ्री योजनाओं से बच सकती है।
बजट के मुख्य फोकस क्षेत्र
1️⃣ युवा – सरकारी नौकरियों में नई भर्तियों की संभावनाएं।
2️⃣ महिलाएं – आंगनबाड़ी वर्कर्स का मानदेय बढ़ाने की योजना।
3️⃣ किसान – सोलर सब्सिडी और जल संरक्षण योजनाओं पर जोर।
बजट से जुड़ी 5 मुख्य चुनौतियां
🔴 रोजगार संकट – सरकार ने 5 साल में 4 लाख नौकरियों का वादा किया था, लेकिन बेरोजगारी दर अब भी चिंता का विषय है।
🔴 ईंधन की ऊंची कीमतें – राजस्थान में पेट्रोल-डीजल महंगा है, बजट में राहत मिलेगी या नहीं, यह अहम रहेगा।
🔴 बढ़ता कर्ज – प्रदेश पर 6.5 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज हो चुका है।
🔴 लंबित भुगतान – पेंशन, बेरोजगारी भत्ता और पंचायतों की ग्रांट पेंडिंग है।
🔴 वित्तीय प्रबंधन – बजट के 55% वादे पूरे हुए, लेकिन आर्थिक संतुलन बनाए रखना चुनौती होगी।
बजट तैयार करने में कौन-कौन शामिल?
📌 वित्त मंत्री – दीया कुमारी
📌 मुख्य सचिव – अखिल अरोड़ा
📌 प्रमुख सचिव (वित्त विभाग) – देबाशीष पृष्टि
📌 राजस्व सचिव – कुमार पाल गौतम
सरकार का दावा है कि पिछले बजट की 1272 घोषणाओं में से 55% पूरी हो चुकी हैं। अब देखना होगा कि ग्रीन बजट राजस्थान की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के लिए कितना फायदेमंद साबित होता है।
आपको क्या लगता है, ग्रीन बजट से राजस्थान को क्या फायदा होगा? 💬⬇

