Author: UmaKant Joshi

Kotputli Borewell Rescue- कोटपूतली में बोरवेल में फंसी तीन वर्षीय मासूम चेतना को बचाने के लिए बीते 8 दिनों से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन अब अंतिम चरण में है। रेस्क्यू टीम ने चेतना तक पहुंचने के लिए 7 फीट लंबी टनल हाथों से खोदी है और अब सिर्फ 1.5 फीट की चट्टान को काटना बाकी है। रेस्क्यू टीम के कमांडर का कहना है कि आज (सोमवार) दोपहर 12 बजे तक चेतना तक पहुंचने की उम्मीद है। रेस्क्यू ऑपरेशन का हालएनडीआरएफ की टीम ने सोमवार सुबह तक 170 फीट की गहराई में 7 फीट लंबी सुरंग खोदी है।अब सिर्फ डेढ़ फीट की चट्टान काटने का काम बचा है, जिसके लिए ड्रिलिंग का काम जारी है।टीम के कमांडर और जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल का दावा है कि चेतना को आज सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।23 दिसंबर को हुआ था हादसा23 दिसंबर को कोटपूतली के किरतपुरा क्षेत्र में खेलते हुए चेतना 700 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई थी।चेतना करीब 170 फीट की गहराई पर फंसी हुई है।तब से लेकर अब तक चेतना तक पानी और भोजन नहीं पहुंचाया जा सका है।रेस्क्यू ऑपरेशन की चुनौतियांचेतना को निकालने में सबसे बड़ी चुनौती बोरवेल के आसपास की चट्टानी संरचना रही।बारिश और मौसम की अन्य बाधाओं ने ऑपरेशन को धीमा कर दिया।24 दिसंबर की शाम से चेतना की कोई मूवमेंट कैमरे में दर्ज नहीं हुई है, जिससे उसकी स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।कलेक्टर का बयानजिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने इसे राजस्थान का अब तक का सबसे मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन बताया है। उन्होंने कहा कि हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और आज चेतना को बाहर निकालने में सफलता मिलने की पूरी उम्मीद है। निष्कर्षचेतना को बचाने के लिए प्रशासन और रेस्क्यू टीमें पूरी ताकत से जुटी हैं। यह ऑपरेशन न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए एक उम्मीद की किरण बना हुआ है। हम सभी प्रार्थना करते हैं कि चेतना को सुरक्षित बाहर निकाला जाए और यह अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हो।

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New Year Wishes 2025- नया साल दस्तक देने वाला है, और यह समय है पुराने साल को अलविदा कहने और नए साल का स्वागत करने का। इस खास मौके पर हम सभी अपने प्रियजनों को शुभकामनाएं भेजना चाहते हैं ताकि उनका साल खुशियों और सफलता से भरा रहे। आपके इस खूबसूरत प्रयास को आसान बनाने के लिए हम लाए हैं बेहतरीन मैसेज, शायरी और कोट्स की एक सूची। दोस्तों और परिवार के लिए शुभकामना संदेश”मिले आपको शुभ संदेश, धरकर खुशियों का वेश, पुराने साल को अलविदा कहें, आने वाले नववर्ष की हार्दिक बधाई!””आपकी राहों में फूल बिखराकर आया है नववर्ष, महकी हुई बहारों की खुशबू लाया है नववर्ष। नववर्ष की शुभकामनाएं।””आपकी आंखों में सजे सपने और दिल में छुपी अभिलाषाएं, नया साल उन्हें सच कर जाए, यही हमारी शुभकामनाएं।””सूरज सा चमकता रहे आपका जीवन, सितारों सा झिलमिलाता रहे आपका आंगन। नववर्ष की शुभकामनाएं।””सफलता मिले आपको हर राह में, खुशी चमके आपकी निगाह में। हर कदम पर खुशियों की बहार हो, नया साल मुबारक हो आपको।””रात का चांद सलाम करे आपको, परियों की आवाज अदाब करे आपको। नए साल में हर पल खुशियां बरसे, आपको हमारी ढेर सारी शुभकामनाएं।”प्रेरणादायक शायरी और कोट्स”पुराना साल सबसे हो रहा है दूर, बीती यादें सोचकर न हों उदास। खुशियों के साथ नए साल को करें स्वीकार। नववर्ष की बधाई।””गुल ने गुलशन से गुलफाम भेजा है, सितारों ने आसमान से सलाम भेजा है। मुबारक हो आपको नया साल, हमने एडवांस में पैगाम भेजा है।””साल आता है, साल जाता है। इस नए साल में आपको वो सब मिले, जो आपका दिल चाहता है। हैप्पी न्यू ईयर।””आंख कभी किसी की नम न हो, दिल किसी का न टूटे। साथ किसी का ना छूटे, बस प्यार का दरिया बहता रहे। नया साल आपके जीवन में खुशियां लाए।”प्रेम भरे संदेश”नए साल की हर शाम सिर्फ तेरे नाम। होगी चाहत में एक अलग मुकाम। करेंगे मोहब्बत तुमसे सुबह-शाम।””फरिश्ता बनके कोई आएगा, सारी उम्मीदें तुम्हारी पूरी करके जाएगा। नए साल के इस शुभ दिन पर खुशियों का तोहफा दे जाएगा।”आने वाले साल के लिए सकारात्मक संदेश”भूल जाओ बीता हुआ कल, दिल में बसा लो आने वाला पल। खुशियां लेकर आएगा आने वाला कल।””स्वर्णिम हो भविष्य आपका, जीवन हो सफल। एक नया संकल्प लेकर नववर्ष को बनाएं उज्जवल।”आपके रिश्ते को गहराई देने वाले संदेश”दिन को रात से पहले, चांद को सितारों से पहले। दिल के धड़कने से पहले और आपको सबसे पहले, नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।”यह संदेश आपके प्रियजनों को न केवल खुश करेंगे बल्कि आपके रिश्ते को और भी मजबूत बनाएंगे। इस नए साल को प्यार, सफलता और खुशियों से भरें।हैप्पी न्यू ईयर 2025!

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पूर्व प्रधानमंत्री Dr. Manmohan Singh का निधन 92 वर्ष की आयु में दिल्ली के एम्स अस्पताल में हुआ। उनका निधन भारतीय राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है। डॉ. सिंह ने भारतीय अर्थव्यवस्था के सुधार में अहम योगदान दिया और देश को वैश्विक आर्थिक मंच पर स्थापित किया। उनका निधन देशभर में शोक की लहर छोड़ गया है। राजस्थान से नाताराजस्थान से भी डॉ. मनमोहन सिंह का खास रिश्ता रहा है। वे 2019 में राजस्थान से राज्यसभा के सदस्य निर्विरोध चुने गए थे। यह सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता मदनलाल सैनी के निधन के बाद खाली हुई थी। कांग्रेस ने डॉ. सिंह को इस सीट के लिए नामित किया था, और विपक्षी भाजपा ने इस पर किसी उम्मीदवार को नामांकित नहीं किया, जिससे उन्हें निर्विरोध चुना गया। इसके बाद वे छठी बार राज्यसभा के सदस्य बने, इससे पहले असम से पांच बार राज्यसभा सदस्य रह चुके थे। राजस्थान के नेताओं ने जताया शोक मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, “भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारजनों के साथ हैं। प्रभु श्री राम दिवंगत आत्मा को अपने परम धाम में स्थान और शोकाकुल परिवार को यह अथाह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।”पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक जताया। उन्होंने लिखा, “पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी का निधन देश के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। डॉ साहब सरल, सौम्य एवं ईमानदार थे। भारत के आर्थिक विकास और सुदृढ़ता में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा। उनके कार्यकाल में राजस्थान को विशेष सहयोग मिला, जिससे पचपदरा रिफाइनरी जैसी बड़ी सौगात मिली। उनका जीवन सभी के लिए प्रेरणादायक है।” निष्कर्ष:पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का योगदान भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था में हमेशा याद किया जाएगा। उनका निधन न केवल राजस्थान, बल्कि समूचे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

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New Year 2025 का स्वागत हर कोई खास अंदाज में करना चाहता है। अगर आप भी इस बार न्यू ईयर पार्टी में जलवा बिखेरना चाहती हैं, तो अपने लुक को बेहतर बनाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें। ये टिप्स न केवल आपको खूबसूरत बनाएंगे बल्कि आपके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएंगे। 1. आउटफिट का सही चयन करें 2. पार्टी आउटफिट का रंग चुनें 3. फुटवियर का चयन सोच-समझकर करें 4. मेकअप और हेयरस्टाइल पर ध्यान दें 5. एक्सेसरीज में सिंपल लुक अपनाएं 6. सर्दी से बचाव के साथ दिखें स्टाइलिश 7. बैग और परफ्यूम को न भूलें नोट: नए साल की पार्टी में तैयार होते समय आत्मविश्वास से भरपूर रहना सबसे जरूरी है। सही तैयारी के साथ आप हर किसी का ध्यान आकर्षित कर सकती हैं। नया साल मुबारक हो!

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Jaipur -अजमेर रोड पर भांकरोटा में हुए दर्दनाक एलपीजी टैंकर ब्लास्ट में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आज एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान यूसुफ और नरेश बाबू नामक घायलों की मौत के साथ यह आंकड़ा 19 तक पहुंच गया। प्रशासन और चिकित्सा विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। घटना का संक्षेप विवरण 20 दिसंबर को भांकरोटा में एलपीजी टैंकर फटने से यह भीषण हादसा हुआ था। इस विस्फोट ने कई परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। घायलों का इलाज जयपुर के एसएमएस अस्पताल में जारी है, जहां चिकित्सा विभाग के डॉक्टर और कर्मचारी सतर्कता से उपचार कर रहे हैं। मानवाधिकार आयोग की भूमिका राजस्थान मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष ने आज एसएमएस अस्पताल का दौरा किया और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और घायलों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। प्रशासनिक कार्रवाई और जांच घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी ने मामले की जांच के लिए एक संयुक्त जांच कमेटी का गठन किया है। स्थिति का अद्यतन यह हादसा एक दर्दनाक त्रासदी के रूप में उभरा है, जिसने कई परिवारों को प्रभावित किया है। प्रशासन और आयोग इस घटना की तह तक जाने और पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं।

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Borewell Accident राजस्थान के कोटपूतली के बड़ियाली की ढाणी में 700 फीट गहरे बोरवेल में गिरी तीन वर्षीय चेतना को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सोमवार दोपहर हुई इस घटना को तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन बच्ची अभी भी बोरवेल में फंसी हुई है। प्रशासन और रेस्क्यू टीम का हर संभव प्रयास जारी है, लेकिन चेतना को अब तक बाहर नहीं निकाला जा सका है। घटना का विवरण सोमवार को खेलते समय चेतना अचानक बोरवेल में गिर गई। बोरवेल की गहराई करीब 700 फीट है, लेकिन चेतना 155 फीट की गहराई पर अटक गई। शुरुआत में उसे निकालने के लिए स्थानीय स्तर पर जुगाड़ किए गए, लेकिन चारों प्रयास असफल रहे। इसके बाद प्रशासन ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को बुलाया। रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति रेस्क्यू टीमों ने बोरवेल के समानांतर खुदाई शुरू की। अब तक 160 फीट तक खुदाई पूरी कर ली गई है, लेकिन आगे 10 फीट की खुदाई के लिए पत्थरों की बाधा सामने आ गई। एनडीआरएफ इंचार्ज योगेश मीणा ने बताया कि पत्थरों को मैन्युअली काटने के लिए रेट माइनर्स की मदद ली जा रही है। कलेक्टर की गैर-मौजूदगी पर नाराजगी घटना के तीन दिन बाद कलेक्टर कल्पना अग्रवाल मौके पर पहुंचीं। उनकी गैर-मौजूदगी को लेकर स्थानीय लोग काफी नाराज हैं। बताया जा रहा है कि कलेक्टर छुट्टी पर थीं, लेकिन ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि ऐसी आपातकालीन स्थिति में उनकी अनुपस्थिति से प्रशासन पर भरोसा कैसे किया जा सकता है। चेतना का परिवार और ग्रामीणों की स्थिति परिवार और ग्रामीणों में रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी को लेकर गहरी नाराजगी है। चेतना के माता-पिता लगातार उसकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। ग्रामीण भी मौके पर मौजूद हैं और प्रशासन की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। कैसे हुआ हादसा? चेतना सोमवार दोपहर करीब 2 बजे खेलते समय बोरवेल में गिर गई। गांव के लोग तुरंत उसकी मदद के लिए दौड़े। शुरुआती प्रयासों में देसी जुगाड़ के जरिए उसे निकालने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। चुनौतियां और संभावनाएं जरूरतमंद परिवार के लिए उम्मीद चेतना को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन, रेस्क्यू टीम और स्थानीय लोग पूरी कोशिश कर रहे हैं। इस घटना ने बोरवेल सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं। हम सबकी यही प्रार्थना है कि चेतना जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर आए।

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Christmas, प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का पर्व, न केवल ईसाई धर्म के अनुयायियों बल्कि पूरी दुनिया के लिए खास महत्व रखता है। हर साल 25 दिसंबर को प्रभु यीशु मसीह के जन्म का उत्सव मनाया जाता है। यह दिन न केवल धार्मिक आस्था बल्कि सांस्कृतिक उत्साह से भी भरा होता है। गिरजाघरों की सजावट और विशेष प्रार्थनादेशभर के गिरजाघरों में प्रभु यीशु के बाल स्वरूप की आकर्षक चरनी (क्रिब्स) सजाई जाती है। ये चरनियां येशु के जन्म की कथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, केरल, गोवा, हिमाचल प्रदेश, और राजस्थान जैसे राज्यों में चर्चों को रंग-बिरंगी रोशनी, सितारों और खूबसूरत सजावट से सजाया गया। दिल्ली में सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल और गोवा के आवर लेडी ऑफ द इमैक्युलेट कॉन्सेप्शन चर्च जैसे प्रसिद्ध गिरजाघरों में मध्यरात्रि की सामूहिक प्रार्थना का आयोजन हुआ। वहां भक्तों ने मोमबत्तियां जलाईं और यीशु के जन्म पर विशेष अनुष्ठान किए। क्रिसमस का उल्लास हिमालय से समुद्र तकहिमाचल प्रदेश: बर्फबारी के बीच हिमाचल के मनाली और मंडी जैसे पर्यटन स्थलों पर क्रिसमस का उत्साह चरम पर रहा। सैंटा क्लॉज की पोशाक पहने लोगों ने संगीत की धुनों पर नृत्य किया, जबकि बर्फीली वादियों ने इस त्यौहार को और अधिक मनमोहक बना दिया। गोवा और केरल: गोवा और केरल में क्रिसमस का जश्न खास तौर पर उत्साहजनक रहा। समुद्री तटों के पास चर्चों में रोशनी और क्रिब्स की सुंदर सजावट देखी गई। गोवा में पादरी ने प्रभु यीशु के प्रतीकात्मक स्वरूप को गोद में उठाकर प्रार्थनाओं का नेतृत्व किया। प्रधानमंत्री का संदेश और सामाजिक एकता का प्रतीकप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रिसमस के महत्व पर जोर देते हुए इसे प्रेम और भाईचारे का प्रतीक बताया। उन्होंने भारतीय कैथोलिक बिशप सम्मेलन में भाग लेकर राष्ट्रीय स्तर पर क्रिसमस की मान्यता को और अधिक मजबूती प्रदान की। क्रिसमस की सांस्कृतिक झलकक्रिसमस केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का भी हिस्सा है। सड़कों पर सजे सितारे, झिलमिलाती रोशनी, सैंटा क्लॉज की वेशभूषा, और क्रिसमस कैरोल्स का संगीत हर दिल में उत्साह भर देता है। स्कूलों और संस्थानों में क्रिसमस ट्री सजाए जाते हैं, गिफ्ट एक्सचेंज होते हैं और विशेष खाने-पीने की चीज़ें बनाई जाती हैं। क्रिसमस और आध्यात्मिक संदेशप्रभु यीशु का जन्म मानवता के लिए त्याग, प्रेम और करुणा का संदेश है। उनकी शिक्षाएं हर जाति, धर्म और समाज को प्रेरित करती हैं। क्रिसमस न केवल यीशु मसीह के जन्म का उत्सव है, बल्कि यह हमें इंसानियत की असली परिभाषा सिखाता है। सम्पूर्ण विश्व में उत्सव का माहौलदुनिया के हर कोने में क्रिसमस का जश्न अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में सड़कों और घरों को रंगीन रोशनी से सजाया जाता है। बच्चों के लिए सैंटा क्लॉज की कहानियां और तोहफे इस पर्व को और खास बनाते हैं। क्रिसमस का महत्वक्रिसमस का पर्व हमें सिखाता है कि प्रेम, सेवा और सद्भाव से हम अपने समाज और दुनिया को बेहतर बना सकते हैं। यह दिन हमें हर व्यक्ति को समान दृष्टि से देखने और जरूरतमंदों की मदद करने का संदेश देता है। क्रिसमस की खुशियां सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं हैं। यह पूरे सप्ताह और उससे आगे तक लोगों के दिलों में प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश फैलाता है।

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Rajasthan में राजनीतिक हलचल एक बार फिर बढ़ गई है। बीजेपी के बड़े नेताओं के लगातार दिल्ली दौरे और मुलाकातों के चलते राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वसुंधरा और भजनलाल की सक्रियतापूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दोनों की दिल्ली सक्रियता ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। वसुंधरा राजे, जो पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वन-टू-वन मुलाकात कर चुकी हैं, अब फिर से दिल्ली पहुंची हैं। वहीं, सीएम भजनलाल ने आज गृह मंत्री अमित शाह और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलेंसूत्रों के अनुसार, राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार जनवरी के पहले सप्ताह में या फिर मार्च के बाद होने की संभावना है। आगामी बजट सत्र, जो जनवरी के अंत में संभावित है, और अगले साल होने वाले लोकल बॉडी चुनाव को देखते हुए सरकार कुछ नई राजनीतिक नियुक्तियां करने की तैयारी में है। उपचुनाव और सरकार की रणनीतिहाल ही में हुए उपचुनावों में मिली सफलता और सरकार के एक साल पूरे होने पर हुए आयोजनों से उत्साहित भजनलाल सरकार मंत्रिमंडल में फेरबदल पर विचार कर रही है। बीजेपी में यह भी चर्चा है कि वसुंधरा राजे कैंप के लोगों को मंत्रिमंडल में अधिक मौका मिल सकता है, क्योंकि वसुंधरा राजे इस बार पहले से ज्यादा सक्रिय नजर आ रही हैं। राजनीतिक नियुक्तियों की तैयारीदिल्ली में शीर्ष नेताओं से हुई मुलाकातों के बाद, राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सुगबुगाहट बढ़ गई है। सरकार की कोशिश है कि इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को संतुष्ट किया जाए और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन की तैयारी की जाए। वसुंधरा की बढ़ती भूमिका?वसुंधरा राजे का लगातार संघ और दिल्ली के नेताओं से संपर्क बनाए रखना यह संकेत दे रहा है कि उनकी भूमिका आने वाले दिनों में बीजेपी में बढ़ सकती है। उनके समर्थक भी मंत्रिमंडल में अपनी हिस्सेदारी की उम्मीद कर रहे हैं। अगले कदम पर नजरराजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार, बजट सत्र, और लोकल बॉडी चुनाव के मद्देनजर, राज्य की राजनीति आने वाले महीनों में और गरमा सकती है। बीजेपी के भीतर चल रही इस हलचल से साफ है कि पार्टी आगामी चुनावों की रणनीति को लेकर गंभीर है।

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जयपुर-अजमेर हाईवे पर सोमवार शाम को एक और सड़क हादसा हुआ, जब तेज रफ्तार ट्रक ने लो-फ्लोर बस को टक्कर मार दी। हादसे में बस में बैठी 10 सवारियां घायल हो गईं। सभी घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। कैसे हुआ हादसा?चांदपोल से बगरू जा रही लो-फ्लोर बस को हाईवे किंग होटल के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। घटना शाम करीब 7:30 बजे की है। बगरू थाना अधिकारी मोतीलाल शर्मा ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को पहुंचाया अस्पतालहादसे में बस में सवार यात्रियों को हल्की चोटें आईं। पुलिस ने सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया। हालांकि, हादसे में किसी की गंभीर चोट की सूचना नहीं है। हाईवे पर बढ़ रहे हादसेअजमेर हाईवे पर हाल के दिनों में हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को हुए गैस टैंकर हादसे के बाद सोमवार को यह दूसरा बड़ा हादसा है। लगातार हो रहे इन हादसों ने हाईवे पर सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की अपीलपुलिस ने यात्रियों और ड्राइवरों से अपील की है कि हाईवे पर वाहन चलाते समय गति सीमा का ध्यान रखें और सावधानी से वाहन चलाएं। पुलिस का कहना है कि तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाना इन हादसों का मुख्य कारण है। जयपुर-अजमेर हाईवे पर हो रही इन घटनाओं से प्रशासन के लिए सुरक्षा बढ़ाने और यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत स्पष्ट हो रही है।

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Bikaner में 10 से 12 जनवरी तक अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव का आयोजन किया जाएगा। जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने सोमवार को उत्सव के पोस्टर का विमोचन किया और अब तक की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयोजन को भव्य और गरिमामय बनाने के लिए सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं। पहले दिन: सांस्कृतिक संध्या और प्रदर्शनी10 जनवरी को उत्सव की शुरुआत भव्य सांस्कृतिक संध्या से होगी, जिसमें स्थानीय और बाहरी कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। जूनागढ़ परिसर में हैंडीक्राफ्ट और स्थानीय विशेषताओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। दूसरे दिन: परंपरागत प्रतियोगिताएं और शोभायात्रा11 जनवरी को राष्ट्रीय उच्च अनुसंधान केंद्र में ऊंट नृत्य, ऊंट फर कटिंग, ऊंट सज्जा और ऊंट दौड़ जैसे कार्यक्रम होंगे। दोपहर 3:30 बजे जूनागढ़ से शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें सजे-धजे ऊंट, तांगे, हेरिटेज गाड़ियां, लोक कलाकार और स्कूली विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। शाम को डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में मिस्टर बीकानेर, मिस मरवन और ढोला मरवण शो आयोजित किए जाएंगे। सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी होगा। तीसरे दिन: रायसर में पारंपरिक खेल और अन्य गतिविधियां12 जनवरी को रायसर गांव में रस्साकशी, कुश्ती, कबड्डी, खो-खो, साफा बांधने की प्रतियोगिता और महिला मटका दौड़ जैसी प्रतियोगिताएं होंगी। ड्यून रेस, सैंड आर्ट एग्जिबिशन, फूड बाजार, हैंडीक्राफ्ट, हॉर्स रेस और कैमल कार्ट सफारी जैसी गतिविधियां भी आकर्षण का केंद्र होंगी। शाम 6 से रात 10 बजे तक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। सोशल मीडिया से प्रचार और पीले चावल से न्योताजिला कलेक्टर ने कहा कि उत्सव का प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही, 2 जनवरी को पीले चावल बांटकर आमजन को उत्सव का न्योता दिया जाएगा। इस दौरान लोक कलाकार और सजे-धजे ऊंट-घोड़े भी मौजूद रहेंगे। बैठक में शामिल अधिकारीइस अवसर पर पर्यटन विभाग के उपनिदेशक अनिल राठौड़ ने अब तक की तैयारियों की जानकारी दी। बैठक में नगर निगम आयुक्त मयंक मनीष, अतिरिक्त कलेक्टर रमेश देव, एएसपी सौरभ तिवारी, और कई अन्य अधिकारी एवं पर्यटन व्यवसायी उपस्थित रहे। जिला कलेक्टर ने कहा कि ऊंट उत्सव बीकानेर की पहचान से जुड़ा है। राजस्थान की संस्कृति और परंपराओं को नई पहचान दिलाने के लिए यह आयोजन बेहद खास होगा।

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