Author: UmaKant Joshi
Rajasthan अलवर जिले के शाहजहांपुर में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) की पाइपलाइन से हाईटेक तकनीक का उपयोग करते हुए चोरों ने बड़ी मात्रा में क्रूड ऑयल चोरी करने की घटना को अंजाम दिया। चोरों ने इस वारदात के लिए 8 फीट गहरी और 4 फीट चौड़ी सुरंग बनाकर उसमें सीमेंट की टाइलें लगाई, बिजली फिटिंग की और यहां तक कि सीसीटीवी कैमरे भी लगाए। घटना का खुलासास्थान: शाहजहांपुर, राष्ट्रीय राजमार्ग 48 के पास।तरीका: चोरों ने एक प्लॉट किराए पर लेकर भूमिगत सुरंग बनाई।पाइपलाइन में वॉल्व फिट करके तेल चुराया जा रहा था।सुरंग में लगे सीसीटीवी कैमरों की DVR डिवाइस गायब पाई गई, जिससे यह संदेह है कि चोरी को रिमोट तकनीक से नियंत्रित किया गया।जांच की शुरुआत: 26 दिसंबर को पाइपलाइन में प्रेशर कम होने की सूचना मिलने पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के सहप्रबंधक हेमंत कुमार ने जांच शुरू की।जांच के बाद चोरी का स्थान शाहजहांपुर टोल प्लाजा के पास बेलनी मार्ग पर मिला।शाहजहांपुर थाने में मामला दर्ज किया गया और जांच को एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) को सौंपा गया। सुरंग और चोरों का सेटअपसुरंग में सीमेंट का मजबूत निर्माण किया गया था।तेल चुराने के लिए वॉल्व और अन्य उपकरण लगाए गए थे।सुरंग से कुछ खाली ड्रम और अन्य सामान बरामद किया गया।ऐसा माना जा रहा है कि चोरी को पुलिस या अन्य स्थानीय मदद के बिना अंजाम देना संभव नहीं था। एसओजी और पुलिस की कार्रवाईएसओजी डीएसपी शिव कुमार भारद्वाज ने कहा कि चोरी इतनी सुनियोजित थी कि इसमें पुलिस या अन्य स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत होने की आशंका है।नीमराना डीएसपी सचिन शर्मा, शाहजहांपुर थानाधिकारी पुखराज मीना, और एसओजी की संयुक्त टीम इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।चोरी के सरगनाओं तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं। पिछले मामले और सवाल10 साल पहले भी इसी पाइपलाइन से चोरी का मामला सामने आया था।सुरंग में हाईटेक तकनीक और सीसीटीवी कैमरों का उपयोग कई सवाल खड़े करता है:चोरी को अंजाम देने वाले गिरोह के नेटवर्क का कितना विस्तार है?क्या इस घटना में स्थानीय प्रशासन या अन्य एजेंसियों की संलिप्तता है? निष्कर्षशाहजहांपुर में इंडियन ऑयल पाइपलाइन से क्रूड ऑयल की इस हाईटेक चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस और एसओजी की टीम इस सुनियोजित साजिश के पीछे के अपराधियों तक पहुंचने के लिए तेजी से काम कर रही है। इस वारदात ने तेल पाइपलाइनों की सुरक्षा को और मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
Jabalpur- मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में हाईवे पर लूटपाट करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें चार नाबालिग भी शामिल हैं। आरोपियों ने चार अलग-अलग वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। लूट की घटनाएं और पुलिस कार्रवाईतिलवारा पुल के पास घटना पीड़ित: दशरथ ठाकुर, ग्राम घुघरा निवासी।वारदात:4 जनवरी की रात, छोटा हाथी वाहन का टायर पंचर हो जाने पर दशरथ सड़क किनारे बैठा था।तीन लड़के उसके पास आए, चाकू दिखाकर डराया और उसकी जेब से 140 रुपये और सैमसंग का मोबाइल छीनकर भाग गए।पेट्रोल पंप के पास घटना पीड़ित: राहुल रैकवार।वारदात:3 जनवरी को तीन आरोपियों ने राहुल पर चाकू से हमला किया और लूटपाट की।संजीवनी नगर क्षेत्र स्थान: अंधमुख बायपास के पास।घटना: लूट की एक और वारदात दर्ज की गई। गिरफ्तारी और बरामदगीगिरफ्तार आरोपी: यश अहिरवार उर्फ बाबू।शिवम पटेल।चार नाबालिग।पुलिस ने बरामद किया: तीन लूटे हुए मोबाइल फोन।दो चाकू।दो मोटरसाइकिल।साक्ष्य: आरोपियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और गवाहों की मदद से की गई।तिलवारा और संजीवनी नगर थाने में दर्ज चार मामलों से इनका कनेक्शन पाया गया। पुलिस की बयानबाजीतिलवारा थाना प्रभारी बृजेश मिश्रा ने बताया: यह गिरोह हाईवे पर चाकू और अन्य हथियारों का इस्तेमाल कर राहगीरों को लूटता था।नाबालिग आरोपी भी वारदातों में पूरी तरह शामिल थे।गिरोह के सभी सदस्यों ने अपने अपराध कबूल कर लिए हैं। निष्कर्षजबलपुर पुलिस ने हाईवे पर लूट करने वाले गिरोह का खुलासा कर महत्वपूर्ण सफलता पाई है। अपराधियों की गिरफ्तारी से हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों को सुरक्षा का विश्वास मिलेगा। पुलिस की इस कार्रवाई को स्थानीय निवासियों ने सराहा है।
Rajasthan के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी के विवादास्पद बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। गहलोत ने इसे बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं और समाज में नफरत और असमानता का माहौल बनाते हैं। महिलाओं और लोकतंत्र के प्रति असंवेदनशीलताअशोक गहलोत ने कहा: रमेश बिधूड़ी का बयान महिलाओं के सम्मान और लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है।उन्होंने इसे भारतीय राजनीति के लिए शर्मनाक बताया।प्रियंका गांधी और दिल्ली की मुख्यमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधा। भाजपा पर हमलागहलोत ने कहा कि भाजपा को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।गहलोत ने कहा कि इस तरह के बयान न केवल राजनीतिक माहौल को दूषित करते हैं, बल्कि समाज में असमानता और नफरत को भी बढ़ावा देते हैं। नेताओं की जिम्मेदारी पर जोरगहलोत ने सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान सुनिश्चित करना सभी नेताओं की जिम्मेदारी है।उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में शालीनता और संयम जरूरी है, ताकि लोकतंत्र की गरिमा बनी रहे। गहलोत का संदेशगहलोत ने अपने बयान में यह स्पष्ट किया कि: महिलाओं और लोकतंत्र के प्रति सम्मान की भावना रखना हर नेता का कर्तव्य है।राजनीति में नफरत और असंवेदनशीलता को कोई जगह नहीं दी जानी चाहिए।इस तरह के बयान देश की राजनीति को शर्मसार करते हैं। निष्कर्षअशोक गहलोत ने रमेश बिधूड़ी के बयान को न केवल निंदनीय बताया, बल्कि इसे भारतीय राजनीति के लिए खतरनाक संकेत करार दिया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राजनीति में मर्यादा और गरिमा बनाए रखें और समाज में सकारात्मक माहौल बनाएं।
Rajasthan के निवासियों ने 6 जनवरी 2025 को आसमान में एक अजीब तरह की रोशनी देखी, जिससे पूरे राज्य में हलचल मच गई। कई लोगों ने इसे UFO (Unidentified Flying Object) से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा किए। लेकिन, अंत में यह घटना मात्र एक भ्रांति साबित हुई। लोगों की प्रतिक्रियाइस घटना ने लोगों में उत्सुकता और डर दोनों ही पैदा कर दिए: अद्भुत अनुभव: कई निवासियों ने इसे एक दुर्लभ अनुभव माना।डर और आशंका: कुछ लोग चिंतित थे कि यह कोई बाहरी खतरा हो सकता है।सोशल मीडिया पर चर्चा: इस घटना के वीडियो और तस्वीरें वायरल हो गईं। वैज्ञानिकों का दृष्टिकोणवैज्ञानिक समुदाय ने इस घटना पर विचार करते हुए निम्नलिखित बिंदु रखे: प्राकृतिक घटनाएं:मौसम संबंधी प्रभाव जैसे बिजली की चमक या बादलों का अजीब आकार।मानव निर्मित वस्तुएं:सेटेलाइट्स, ड्रोन, या वायुयान की रोशनी।घबराने की जरूरत नहीं:वैज्ञानिकों ने इसे एक सामान्य घटना बताते हुए लोगों से शांत रहने की अपील की। सच्चाई का खुलासाजांच-पड़ताल के बाद, यह स्पष्ट हुआ कि: आसमान में कोई अज्ञात वस्तु नहीं थी।यह घटना केवल भ्रांति और अफवाहों का परिणाम थी।वैज्ञानिकों और प्रशासन ने पुष्टि की कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी। इस घटना से सबकतथ्यों की पुष्टि करें: किसी भी घटना को लेकर बिना प्रमाण के डर या अफवाह न फैलाएं।वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएं:असामान्य घटनाओं के प्रति तर्कसंगत और तथ्यात्मक दृष्टिकोण रखें।सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें:वायरल वीडियो और तस्वीरों की सत्यता की जांच करें। निष्कर्ष:राजस्थान में UFO दिखने की यह घटना झूठी साबित हुई। यह दर्शाता है कि अफवाहें और भ्रांतियां कैसे फैल सकती हैं। हमें हर स्थिति में शांत रहकर सटीक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।
Nepal Earthquake- नेपाल और तिब्बत सीमा पर मंगलवार सुबह भूकंप के जोरदार झटकों से धरती कांप उठी। भूकंप की तीव्रता 7.1 मापी गई, जिसके कारण नेपाल में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई है। भारत के बिहार, पश्चिम बंगाल, और सिक्किम सहित कई राज्यों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोग डरे-सहमे घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र और झटकों की तीव्रतानेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र तिब्बत क्षेत्र के जिजांग में था। पहला झटका: सुबह 6:30 बजे, 7.1 तीव्रता और 10 किमी गहराई।इसके बाद:7:02 बजे 4.7 तीव्रता।7:07 बजे 4.9 तीव्रता।7:13 बजे 5.0 तीव्रता।भूकंप के ये झटके लगातार महसूस किए गए, जिससे लोग घरों से बाहर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। नेपाल के स्थानीय प्रशासन के अनुसार, राहत और बचाव कार्य जारी है। भूकंप का प्रभाव: भारत में भी झटके महसूसबिहार: भूकंप का असर सबसे ज्यादा बिहार में देखा गया। लोग घरों से बाहर निकल आए।सिक्किम और पश्चिम बंगाल: इन राज्यों के कुछ हिस्सों में भी धरती हिली, लेकिन किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। नेपाल: बार-बार क्यों कांपती है धरती?नेपाल और तिब्बत क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माने जाते हैं। टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल:हिमालय रेंज में भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट की टकराहट होती रहती है।इस टकराव के कारण ऊर्जा का दबाव बनता है, जो भूकंप का कारण बनता है।2015 का विनाशकारी भूकंप:अप्रैल 2015 में नेपाल में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था।9,000 लोगों की मौत और 22,000 से अधिक घायल।800,000 से अधिक घर और स्कूल भवन क्षतिग्रस्त हुए थे। भूकंप के कारण और तीव्रता का महत्वभूकंप क्यों आता है?पृथ्वी के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स लगातार घूमती रहती हैं। इनके टकराने से उत्पन्न दबाव के कारण प्लेट्स टूटने लगती हैं, जिससे भूकंपीय ऊर्जा बाहर निकलती है और भूकंप आता है। केंद्र और तीव्रता:एपीसेंटर (Epicenter): यह वह स्थान है जहां से भूकंप की ऊर्जा बाहर निकलती है।तीव्रता (Intensity):रिक्टर स्केल पर मापी जाती है।7 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप 40 किमी के दायरे में बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं। भूकंप की तीव्रता का मापभूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर 1 से 9 तक मापा जाता है।तीव्रता जितनी अधिक होती है, नुकसान का खतरा उतना ही बढ़ता है।तीव्रताप्रभाव1-3हल्का, केवल उपकरण महसूस करते हैं।4-6मध्यम, खिड़कियां और दरवाजे हिलते हैं।7-9गंभीर, इमारतें गिर सकती हैं। राहत कार्य और सतर्कतानेपाल और भारत दोनों में राहत और बचाव कार्य जारी है। भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालय रेंज में टेक्टोनिक गतिविधियों के कारण इस क्षेत्र में भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। भूकंप के दौरान सुरक्षा के उपायभूकंप आते ही घर से बाहर खुले स्थान पर जाएं।यदि बाहर जाना संभव न हो, तो मजबूत फर्नीचर के नीचे छुपें।खिड़कियों, शीशों और भारी सामान से दूर रहें।आपातकालीन किट और टॉर्च तैयार रखें।भूकंप के बाद घर की संरचना की जांच करवाएं। नेपाल और तिब्बत क्षेत्र में आए इस भूकंप ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन क्षेत्रों में टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल जारी रहेगी, जिससे भूकंप का खतरा बना रहेगा।
HMPV virus: चीन से भारत तक दस्तक, कर्नाटक और गुजरात में मामले, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया अलर्ट
HMPV virus- चीन में फैल रहे ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) का संक्रमण अब भारत तक पहुंच गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि कर्नाटक में दो और गुजरात में एक बच्चे में इस वायरस की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकारें सतर्क हैं और संक्रमण को रोकने के लिए कदम उठा रही हैं। कर्नाटक और गुजरात में संक्रमण के मामलेकर्नाटक: बेंगलुरु के बैपटिस्ट अस्पताल में तीन महीने की बच्ची और आठ महीने के बच्चे में एचएमपीवी संक्रमण पाया गया। तीन महीने की बच्ची को ब्रोन्कोन्यूमोनिया का इलाज कर छुट्टी दे दी गई है।आठ महीने के बच्चे का नमूना 3 जनवरी 2025 को लिया गया, उसकी भी हालत स्थिर है।गुजरात: दो महीने के एक बच्चे में संक्रमण की पुष्टि हुई है।इन मामलों के बाद संबंधित राज्यों ने एडवाइजरी और अलर्ट जारी किए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञों की रायस्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, एचएमपीवी पहले से ही भारत समेत कई देशों में प्रचलन में है। इस वायरस से संबंधित श्वसन बीमारियां हर साल सामने आती हैं। आईसीएमआर (ICMR) ने देशभर में वायरस के प्रसार की निगरानी शुरू कर दी है।आईडीएसपी नेटवर्क के मुताबिक, इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों (ILI) या गंभीर तीव्र श्वसन बीमारियों (SARI) के मामलों में कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई है।कर्नाटक और आंध्र प्रदेश सरकार की तैयारियांकर्नाटक: मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने स्वास्थ्य विभाग को इस वायरस से निपटने के लिए पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।आंध्र प्रदेश: लोक स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर संक्रमण से बचने के उपाय सुझाए हैं। एचएमपीवी वायरस क्या है?ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) पैरामाइक्सोविरीडे परिवार का वायरस है, जो इंसानों की श्वसन प्रणाली पर असर डालता है। पहचान: इसकी पहली बार पहचान 2001 में नीदरलैंड के वैज्ञानिकों ने की थी।फैलाव: यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने, छूने, और हाथ मिलाने से फैलता है।संक्रमण का दायरा:मुख्य रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को प्रभावित करता है।सामान्य लक्षणों में सर्दी, खांसी, बुखार और कफ शामिल हैं।गंभीर मामलों में ब्रोंकियोलाइटिस (फेफड़ों की नली में सूजन) और निमोनिया (फेफड़ों में पानी भरना) हो सकता है। लक्षण और उपचारलक्षण: शुरुआती लक्षण सर्दी-जुकाम जैसे होते हैं।गंभीर मामलों में गले और श्वसन नली में रुकावट या खरखराहट होती है।यह वायरस ऊपरी और निचले श्वसन पथ दोनों को प्रभावित कर सकता है।उपचार: अभी तक इस वायरस के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।एंटीवायरल दवाएं प्रभावी नहीं हैं।लक्षणों को कम करने के लिए दवाइयां दी जा सकती हैं।संक्रमण से बचाव के लिए अच्छी व्यक्तिगत स्वच्छता और संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखना जरूरी है। एचएमपीवी बनाम कोविड-19एचएमपीवी और कोविड-19 के लक्षणों में समानता है, लेकिन दोनों में कुछ मुख्य अंतर हैं: सीजनल संक्रमण: एचएमपीवी मुख्य रूप से मौसमी संक्रमण है, जबकि कोविड-19 महामारी हर सीजन में फैलती थी।प्रभाव: एचएमपीवी मुख्य रूप से बच्चों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को प्रभावित करता है। बचाव के उपायखांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें।बार-बार हाथ धोएं।संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचें।भीड़-भाड़ वाली जगहों में जाने से बचें।निष्कर्षह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) से घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है। स्वास्थ्य मंत्रालय, आईसीएमआर, और राज्य सरकारें स्थिति पर नजर रख रही हैं और आवश्यक कदम उठा रही हैं। अच्छी व्यक्तिगत स्वच्छता और समय पर चिकित्सा परामर्श से इस संक्रमण से बचा जा सकता है।
Sirohi News- सिरोही जिले के आबूरोड रीको पुलिस ने 28 दिसंबर को मावल क्षेत्र के एक गैरेज से चोरी हुई मोटरसाइकिल को बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की मुस्तैदी से सुलझा मामलापुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के निर्देशन और माउंट आबू के उप अधीक्षक गोमाराम चौधरी के सुपरविजन में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। आबूरोड रीको थानाधिकारी सीताराम के नेतृत्व में गठित टीम ने घटना स्थल पर गहन जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले की जानकारीमावल निवासी सोनाराम पुत्र बाबूलाल भील ने 2 जनवरी को थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसने अपनी मोटरसाइकिल वैष्णोदेवी पेट्रोल पंप के पास स्थित गैरेज पर खड़ी की थी। 28 दिसंबर को जब वह अपनी मोटरसाइकिल लेने पहुंचा, तो वह गायब मिली। कैसे पकड़ में आया आरोपी?पुलिस ने घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की और मुखबिरों को सक्रिय किया। इस प्रयास के दौरान पुलिस ने आरोपी रणाराम पुत्र बाबूराम अंगारी गमेती को गिरफ्तार कर लिया और चोरी की गई मोटरसाइकिल को बरामद कर लिया। पुलिस का अभियान जारीसिरोही पुलिस अपराधों की रोकथाम और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चला रही है। यह सफलता पुलिस के निरंतर प्रयास और सतर्कता का नतीजा है।
Balaji temple- सीकर के सदर थाना क्षेत्र के बालाजी की ढाणी में स्थित बालाजी मंदिर को चोरों ने निशाना बनाते हुए बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया। लग्जरी कार में आए चोरों ने मंदिर से लगभग 20 हजार रुपये नकद और डेढ़ किलो वजनी चांदी का छत्र चुराया। पूरी वारदात पास के सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। चोरी की पूरी वारदात मंदिर के पुजारी केसर देव (58) ने बताया कि उन्होंने रात 8 बजे आरती समाप्त करने के बाद मंदिर बंद किया और घर चले गए। रात 1:11 बजे के करीब दो चोर मंदिर में घुसे। चोरों ने मंदिर का मुख्य गेट खोला, दानपात्र तोड़ा, नकदी और चांदी का छत्र चुराया। चोरों के चेहरे ढके हुए थे और उन्होंने चोरी के लिए कार का इस्तेमाल किया, जो मुख्य गेट के पास खड़ी थी। सीसीटीवी में कैद हुई चोरी सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि चोर लग्जरी कार से आए और मंदिर परिसर में दाखिल हुए। उन्होंने बड़ी सफाई से चोरी को अंजाम दिया और वहां से फरार हो गए। पुलिस ने शुरू की जांच मामले की रिपोर्ट पुजारी ने दर्ज करवाई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। स्थानीय समुदाय में आक्रोश मंदिर में चोरी की घटना से स्थानीय लोग आहत हैं। उन्होंने सुरक्षा उपाय बढ़ाने और चोरों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
अलीगढ़ शहर आज नए साल के स्वागत में पूरी तरह डूब जाएगा। 31 दिसंबर की रात साल 2024 को विदा करते हुए लोग साल 2025 का जोरदार जश्न मनाएंगे। शहर के होटलों, रेस्टोरेंट्स और पब्स में खास तैयारियां की गई हैं। आतिशबाजी, म्यूजिक शो, और लजीज व्यंजनों के साथ यह शाम यादगार बनने जा रही है। शहर के जश्न की झलकियां:आतिशबाजी का शो:रात 12 बजते ही आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगा उठेगा। शहर के प्रमुख स्थानों और होटलों में आतिशबाजी के खास इंतजाम किए गए हैं।होटलों और रेस्टोरेंट्स में खास पार्टियां: शहर के होटलों और रेस्टोरेंट्स को खूबसूरती से सजाया गया है।कपल एंट्री के लिए विशेष आयोजन किए गए हैं।एंट्री शुल्क के साथ ड्रिंक्स और स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया जा सकता है।कई होटलों में लाइव म्यूजिक बैंड और डीजे नाइट का आयोजन भी किया गया है।युवाओं और नवविवाहितों का उत्साह:नए साल का क्रेज युवाओं और नवविवाहितों में खासा देखा जा रहा है। दोस्तों और परिवार के साथ पार्टी करने के लिए लोगों ने पहले ही बुकिंग करवा ली है।सुरक्षा और व्यवस्था: पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस तैनात की गई है।रातभर पेट्रोलिंग की जाएगी ताकि लोग सुरक्षित माहौल में जश्न मना सकें।बाजारों की रौनक: शहर के बाजार और मॉल्स में नए साल के गिफ्ट्स और डेकोरेशन आइटम्स की बिक्री जोरों पर है।खासतौर पर बच्चों के लिए फैंसी ड्रेस और खिलौनों की भारी डिमांड है।स्पेशल इवेंट्स:लाइव म्यूजिक और डांस शो:कई होटलों में मशहूर कलाकारों और डीजे की परफॉर्मेंस होगी।फैमिली गैदरिंग्स:शहर के कई गार्डन्स और क्लब्स में परिवारों के लिए विशेष आयोजन किए गए हैं।चैरिटी इवेंट्स:नए साल की शुरुआत को खास बनाने के लिए कुछ संस्थाओं द्वारा चैरिटी कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।नए साल की शुभकामनाएं:अलीगढ़वासियों ने साल 2024 को अलविदा कहते हुए 2025 का स्वागत करने की पूरी तैयारी कर ली है। हर किसी के दिल में नई उम्मीदें और बेहतर कल के सपने हैं। आइए, इस खास मौके पर हम सब एकजुट होकर प्यार और खुशी से भरे साल की शुरुआत करें। आपको और आपके परिवार को नववर्ष की ढेर सारी शुभकामनाएं!
Jaisalmer राजस्थान के जैसलमेर जिले में मोहनगढ़ क्षेत्र में एक अजीब और खतरनाक घटना सामने आई है। शनिवार को एक किसान के खेत में ट्यूबवेल की खुदाई के दौरान धरती से अचानक पानी का तेज फव्वारा निकलने लगा। यह पानी लगभग 50 घंटे तक लगातार बहता रहा। घटना के कारण ग्रामीणों में दहशत फैल गई है, और प्रशासन ने इसे खतरे का क्षेत्र घोषित कर दिया है। घटना का विवरणस्थान: मोहनगढ़, 27 बीडी जोरा माइनर क्षेत्रघटना: ट्यूबवेल खुदाई के दौरान तेज पानी का फव्वारा, जो 50 घंटे बाद स्वतः बंद हो गया।प्रभाव: पानी के तेज दबाव के कारण मशीन और ट्रक जमीन में धंस गए।विशेषज्ञों की चिंताविशेषज्ञों का कहना है कि पानी का रिसाव दोबारा शुरू होने की संभावना है। इसके अलावा, जमीन के नीचे जहरीली गैस की मौजूदगी की आशंका है, जिससे विस्फोट या जमीन धंसने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन की कार्रवाईप्रतिबंध:जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत 500 मीटर के दायरे को निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया है।निरीक्षण:केयर्न एनर्जी कंपनी के विशेषज्ञों ने क्षेत्र का निरीक्षण किया।प्रबंध:पानी निकालने के लिए वैकल्पिक प्रबंध किए जा रहे हैं।जोधपुर विद्युत वितरण निगम जलभराव क्षेत्र की बिजली लाइनों की वैकल्पिक व्यवस्था कर रहा है।ग्रामीणों की स्थितिघटना ने ग्रामीणों को डरा दिया है। तेज फव्वारे और जमीन धंसने की वजह से लोग खेतों के पास जाने से डर रहे हैं। खतरों का अंदेशाजहरीली गैस का रिसाव: जमीन के नीचे जहरीली गैस की पाइपलाइन होने की संभावना।भूस्खलन और विस्फोट का खतरा: पानी का दबाव बढ़ने से जमीन धंसने और विस्फोट होने की आशंका।स्थिति पर नजरप्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, और विशेषज्ञों की टीम नियमित रूप से निरीक्षण कर रही है। यह घटना राजस्थान में प्राकृतिक घटनाओं और मानव हस्तक्षेप के जटिल प्रभावों को उजागर करती है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और ग्रामीणों की जागरूकता से संभावित खतरे को कम करने की कोशिश जारी है।
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