Author: UmaKant Joshi
Young Leaders Dialogue 2025 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारत मंडपम में आयोजित “विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग” में हिस्सा लिया। यह आयोजन राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर किया गया, जो स्वामी विवेकानंद की जयंती (12 जनवरी) पर मनाया जाता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के युवाओं को नेतृत्व और विकास के लिए प्रेरित करना और उन्हें राजनीति एवं अन्य क्षेत्रों में योगदान के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम के मुख्य बिंदु2047 के विकसित भारत का रोडमैपप्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए उनके विचार साझा करने का आग्रह किया। महिला सशक्तिकरणडिजिटल भारतखेलों में उत्कृष्टतास्टार्टअप और नवाचारइन जैसे 10 प्रमुख विषयों पर युवाओं के साथ चर्चा की गई।युवाओं के नेतृत्व को प्रोत्साहन यह आयोजन राजनीति में एक लाख नए युवाओं को जोड़ने के लिए सरकार के प्रयास का हिस्सा है।इसे युवाओं की राजनीति की पाठशाला कहा गया, जहां नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक विचारों को विकसित किया गया।कार्यक्रम का स्वरूप प्रधानमंत्री ने इसे एक अभियान करार दिया, जिसमें युवा ऊर्जा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का समावेश है।प्रमाणपत्र देकर युवाओं की प्रतिभा को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को देश निर्माण के विचार में भागीदार बनाना है। युवाओं को दिए गए संदेशप्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा: विज्ञान, तकनीक और नवाचार के प्रति जुनून से देश को एक नया आयाम मिलेगा।युवाओं को स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने और भारत को स्टार्टअप राजधानी बनाने का आह्वान किया।टेक्नोलॉजी में खुद को अपग्रेड करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम की विशेषताएंयह कार्यक्रम पिछले 25 वर्षों की परंपरा को तोड़ते हुए नई ऊर्जा और दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया गया।गैर-राजनीतिक दृष्टिकोण से युवाओं को राजनीति में शामिल करने का उद्देश्य।यह युवा नेतृत्व को सशक्त करने और उन्हें विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करने का प्रयास है। निष्कर्ष”विकसित भारत युवा सम्मेलन 2025″ न केवल एक आयोजन था, बल्कि एक ऐसा अभियान था जो युवाओं को सशक्त और प्रेरित करने के लिए समर्पित था। प्रधानमंत्री मोदी का यह संवाद युवाओं के लिए उनके भविष्य को नई दिशा देने और देश के विकास में योगदान देने का एक सशक्त मंच बना।
Rajasthan स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर आज राजस्थान सरकार 13,000 युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र प्रदान करेगी। जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य कार्यक्रम की अगुवाई करेंगे। मुख्य कार्यक्रम की विशेषताएं: चिकित्सा, वित्त, गृह, राजस्व, माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षा जैसे विभागों में नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।31,000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा होगी, जिसमें 20,000 करोड़ रुपये के नए प्रोजेक्ट का शिलान्यास और 10,000 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण शामिल है।यह राशि ऊर्जा, सार्वजनिक निर्माण, जल संसाधन, कृषि, शिक्षा, पर्यटन, पंचायती राज और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों के लिए उपयोग की जाएगी।सरकार की रोजगार योजनाएं:राज्य सरकार का लक्ष्य अगले 5 सालों में 10 लाख रोजगार प्रदान करना है, जिसमें 4 लाख सरकारी और 6 लाख निजी क्षेत्र में दिए जाएंगे। साथ ही, कौशल और उद्यमिता विकास के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा, “हम प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं और उन्हें रोजगार और विकास की सौगात देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।” युवा दिवस के इस खास मौके पर आयोजित रोजगार उत्सव न केवल सरकारी नौकरियों का तोहफा है, बल्कि यह राजस्थान के विकास और युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Team India के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के एक हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट ने क्रिकेट जगत में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। जडेजा ने अपनी टेस्ट जर्सी की तस्वीर साझा की, जिससे यह कयास लगाया जा रहा है कि वह टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की योजना बना रहे हैं। जडेजा का टी20 से संन्यासजडेजा ने पिछले साल टी20 विश्व कप के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास लिया था। हालांकि, वह अभी भी भारतीय टीम के लिए वनडे और टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर प्रदर्शन पर सवालऑस्ट्रेलिया दौरे पर जडेजा का प्रदर्शन औसत रहा था। बल्ले से: उन्होंने तीन टेस्ट मैचों में केवल 135 रन बनाए।गेंद से: उन्होंने चार विकेट चटकाए।भारत ने इस दौरे पर 1-3 से हार का सामना किया, जिसके बाद जडेजा के प्रदर्शन पर भी सवाल उठे।चैंपियंस ट्रॉफी और आगामी सीरीजभारत को जनवरी में इंग्लैंड के खिलाफ पांच टी20 और तीन वनडे मैच खेलने हैं।फरवरी में चैंपियंस ट्रॉफी की शुरुआत होगी।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चयनकर्ता जडेजा के प्रदर्शन और भविष्य पर चर्चा कर रहे हैं। बीसीसीआई 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए टीम में युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता देने पर विचार कर रहा है।प्रशंसकों और विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाजडेजा की इंस्टाग्राम पोस्ट के बाद: कुछ फैंस ने इसे उनके संन्यास का संकेत माना।वहीं, कुछ ने उन्हें पहले से ही “हैपी रिटायरमेंट” कह दिया।क्या कहते हैं आंकड़े?रवींद्र जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में अब तक भारत के लिए अहम योगदान दिया है। वह एक ऑलराउंडर के तौर पर टीम की रीढ़ माने जाते हैं।हालांकि, हालिया प्रदर्शन में कमी के कारण चयन समिति अब उनके भविष्य पर विचार कर रही है।निष्कर्षजब तक बीसीसीआई आधिकारिक घोषणा नहीं करता, यह कहना मुश्किल है कि जडेजा टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेंगे या नहीं। आगामी इंग्लैंड सीरीज और चैंपियंस ट्रॉफी में उनके चयन से उनके करियर की दिशा पर और स्पष्टता मिलेगी।
Los Angeles Fire- अमेरिकी राज्य कैलिफोर्निया के प्रमुख शहर लॉस एंजेलेस में लगी जंगल की आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है और अब तक हजारों एकड़ जमीन जलकर खाक हो चुकी है। इस आग पर लाख कोशिशों और संसाधनों के बावजूद काबू नहीं पाया जा सका है। वैज्ञानिकों के अनुसार, आग के तेजी से फैलने का कारण दक्षिणी कैलिफोर्निया में अत्यधिक सूखे की स्थिति और प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियां हैं। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय-सैन डिएगो के जलविज्ञानी मिंग पैन के मुताबिक, दक्षिणी कैलिफोर्निया की मिट्टी में नमी का स्तर ऐतिहासिक रूप से केवल 2 प्रतिशत है। इस क्षेत्र में अक्टूबर से जनवरी के बीच बारिश का मौसम होता है, लेकिन इस बार बारिश बेहद कम हुई, जिससे प्राकृतिक जल स्रोत सूख गए। हवा के गर्म और शुष्क होने की वजह से मिट्टी और पौधों से पानी वाष्पित हो गया, जिससे जंगलों में सूखापन बढ़ गया। यही स्थिति आग के तेजी से फैलने का मुख्य कारण बनी। इसके अलावा, शक्तिशाली सांता एना हवाओं ने भी इस आग को और विकराल बनाने में अहम भूमिका निभाई। ये शुष्क और तेज हवाएं दक्षिणी कैलिफोर्निया के पहाड़ों से तट की ओर बहती हैं। जनवरी 2025 की शुरुआत में इन हवाओं की रफ्तार 80 मील प्रति घंटे तक पहुंच गई थी, जिससे आग पर नियंत्रण पाना और मुश्किल हो गया। अब तक इस आपदा में कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 180,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। आग ने हजारों घरों, स्कूलों और संरचनाओं को भी नष्ट कर दिया है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आग के बाद क्षेत्र में सूखा पड़ने की संभावना है, जिससे हालात और बदतर हो सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि एक या दो अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार हो सकता है। इसके लिए लंबे समय तक वनों के प्रबंधन और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता होगी। इस घटना ने एक बार फिर पर्यावरणीय संतुलन और जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों पर ध्यान केंद्रित किया है। सूत्र: -कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन डिएगो-स्थानीय मौसम विभाग-क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन रिपोर्ट
HMPV: भारत में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) संक्रमण के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। अब असम में 10 महीने के बच्चे में इस वायरस की पुष्टि हुई है। बच्चा डिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एएमसीएच) में भर्ती है, और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। एचएमपीवी का भारत में प्रभाव:एचएमपीवी संक्रमण के मामले कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में पहले ही सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संक्रमण मौसमी है और इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। डॉ. ध्रुबज्योति भुइंया (एएमसीएच अधीक्षक) ने बताया कि यह संक्रमण नियमित जांच में सामने आया। उन्होंने कहा कि इन्फ्लूएंजा और फ्लू जैसे लक्षणों वाले मामलों के नमूने अक्सर ICMR को भेजे जाते हैं। एचएमपीवी: एक परिचयएचएमपीवी पैरामाइक्सोविरीडे परिवार का वायरस है, जिसकी पहली पहचान 2001 में नीदरलैंड में हुई थी। यह मुख्य रूप से बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को प्रभावित करता है। लक्षण और असर:सामान्य लक्षण:सर्दी, खांसी, बुखारगले और श्वांस नली में कफगंभीर लक्षण:ब्रोंकियोलाइटिस (फेफड़ों में सूजन)निमोनिया (फेफड़ों में पानी भरना)श्वसन पथ में गंभीर संक्रमण संक्रमण का फैलाव और बचाव:एचएमपीवी संक्रमित व्यक्ति के खांसने-छींकने से फैलता है। इसके लक्षण कोरोनावायरस और आम फ्लू से मिलते-जुलते हैं, जिससे इसे पहचानना मुश्किल हो सकता है। बचाव के उपाय: मास्क पहनना नियमित रूप से हाथ धोनाप्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखनादुनिया भर में एचएमपीवी के मामले:2023 में यह संक्रमण नीदरलैंड, ब्रिटेन, फिनलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका, और चीन में देखा गया। विशेषज्ञों की राय:लाहोवाल के ICMR-आरएमआरसी के वैज्ञानिक डॉ. बिस्वजीत बोर्काकोटी ने बताया कि डिब्रूगढ़ जिले में 2014 से अब तक 110 मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि, यह इस साल का पहला मामला है। निष्कर्ष:एचएमपीवी एक सामान्य मौसमी संक्रमण है और घबराने की आवश्यकता नहीं है। समय पर डॉक्टर से परामर्श और उचित देखभाल से इसे आसानी से प्रबंधित किया जा सकता है। जागरूकता और बचाव के उपाय अपनाकर इस संक्रमण से बचा जा सकता है।
Rajasthan जयपुर। गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कांग्रेस के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता सारहीन बयानबाजी से जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस की कार्यशैली और बयानबाजी को बिना तथ्य और उद्देश्य के बताया। कांग्रेस पर आरोप:सारहीन बयानबाजी: जवाहर सिंह ने कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके नेता कभी “आलू से सोना” निकालने की बात करते हैं तो कभी “काली और पीली दाल” में अंतर नहीं समझ पाते।इसी तर्ज पर प्रदेश के नेता भी जनता को गुमराह करने में जुटे हैं।एसआई भर्ती विवाद: कांग्रेस द्वारा की जा रही बयानबाजी पर उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई एसआई भर्ती में गड़बड़ियां थीं।हालांकि यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए सरकार की ओर से टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।भ्रष्टाचार और पेपर लीक मामले: कांग्रेस सरकार के समय 17 पेपरलीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने इन पर लगाम लगाई और जिम्मेदार लोगों को जेल भेजा।हाल ही में बीज निगम का पेपर लीक होने से बचा और 14 माफियाओं को गिरफ्तार किया गया।भाजपा सरकार की उपलब्धियां:उपचुनावों में सफलता: भाजपा ने उपचुनाव में पांचों सीटें जीतकर कांग्रेस को पछाड़ दिया।उन्होंने कांग्रेस को आंतरिक लड़ाई खत्म कर सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने की सलाह दी।राइजिंग राजस्थान समिट: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में समिट के दौरान 35 लाख करोड़ के एमओयू साइन किए गए।पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के एमओयू धरातल पर नहीं उतर सके।रोजगार और विकास: भाजपा सरकार 4 लाख सरकारी और 6 लाख निजी क्षेत्र में रोजगार देने की प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के विकास को केंद्र में रखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को लागू कर रही है।युवाओं से अपील:गृहराज्य मंत्री ने युवाओं को कांग्रेस के झूठे बयानों से गुमराह न होने की सलाह दी और भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन सुनिश्चित कर रही है। निष्कर्ष:जवाहर सिंह बेढ़म के बयान से साफ है कि भाजपा सरकार कांग्रेस की नीतियों और कामकाज को विफल बताते हुए अपने शासनकाल की उपलब्धियों को जनता के सामने रख रही है। वहीं, उन्होंने कांग्रेस नेताओं को सार्थक राजनीति करने की सलाह दी।
Rajasthan जयपुर। बीआरटीएस कॉरिडोर, जो सुविधा से अधिक परेशानी बन चुका है, को हटाने में लगभग 40 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस 16 किमी लंबे कॉरिडोर के निर्माण में 167 करोड़ रुपए खर्च हुए थे, लेकिन यह अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पाया। कॉरिडोर की शुरुआत और विफलता:निर्माण वर्ष: 2006-07 में जवाहरलाल नेहरू नेशनल अरबन रिन्यूअल मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत यह कॉरिडोर सीकर रोड और न्यू सांगानेर रोड पर बनाया गया था।उद्देश्य: शहरी सार्वजनिक परिवहन के लिए अलग लेन प्रदान करना, ताकि ट्रैफिक दबाव कम हो।विफलता के कारण:अधूरा निर्माण (46.8 किमी में से केवल 16 किमी का निर्माण हुआ)।पर्याप्त बसों की कमी।25% हिस्से पर मात्र 1% ट्रैफिक।स्थानीय लोगों की नाराजगी और रिपोर्ट:सर्वे परिणाम: सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा किए गए सर्वे में 70% से अधिक लोगों ने इसे हटाने की मांग की।ट्रैफिक रेशो में सुधार:कॉरिडोर रहते समय: 0.51%।कॉरिडोर हटने के बाद: 0.42%।एक्सीडेंटल प्वाइंट्स: 11 स्थानों को दुर्घटनाजनक घोषित किया गया था।राजनीतिक और तकनीकी विवाद:पूर्ववर्ती परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने इसे “मौत का कुआं” बताया था।तत्कालीन यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने इसे हटाने का विरोध किया, क्योंकि यह सेंट्रल फंड से बना प्रोजेक्ट था।अनुमानित खर्च और अधूरा प्लान:दिल्ली में बीआरटीएस हटाने पर 10 करोड़ रुपए खर्च हुए थे।जयपुर में 46.8 किमी का प्लान था, लेकिन केवल 16 किमी ही बन सका।निष्कर्ष:बीआरटीएस कॉरिडोर, जो शहर के ट्रैफिक समस्या का समाधान बनने के लिए बनाया गया था, अब एक असफल प्रोजेक्ट बन गया है। इसे हटाने के बाद जयपुर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।
HMPV not new virus in India: नई दिल्ली भारत सरकार ने सोमवार (6 जनवरी, 2025) को स्पष्ट किया कि ह्यूमन मेटापनेयूमोवायरस (HMPV) देश के लिए नया नहीं है और यह पहले से ही भारत सहित दुनिया भर में फैल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि जिन मामलों की पुष्टि हुई है, उनमें से किसी भी मरीज का विदेश यात्रा इतिहास नहीं है, और सभी संक्रमित मरीज तेजी से ठीक हो रहे हैं। HMPV कोई नई बीमारी नहींस्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एक वीडियो संदेश में कहा, “HMPV कोई नया वायरस नहीं है। इसे पहली बार 2001 में पहचाना गया था, और यह कई वर्षों से पूरी दुनिया में मौजूद है। यह वायरस सांस के जरिए फैलता है और सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, यह मुख्य रूप से हल्के श्वसन संक्रमण का कारण बनता है।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि देश की स्वास्थ्य प्रणाली और निगरानी नेटवर्क सतर्क हैं, और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। चीन और पड़ोसी देशों पर नजरमंत्रालय ने बताया कि भारत चीन और पड़ोसी देशों की स्थिति पर भी नजर रखे हुए है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इस मामले को लेकर सतर्क है और समय-समय पर जानकारी साझा कर रहा है। ILI और SARI मामलों में कोई असामान्य वृद्धि नहींस्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और आईडीएसपी नेटवर्क के आंकड़ों के अनुसार, देश में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (SARI) के मामलों में कोई असामान्य वृद्धि नहीं देखी गई है। जानकारों की रायडब्ल्यूएचओ की पूर्व प्रमुख वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने सोशल मीडिया पर लिखा, “HMPV को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। यह एक ज्ञात वायरस है, जो मुख्य रूप से हल्के श्वसन संक्रमण का कारण बनता है। सर्दी-खांसी होने पर सामान्य सावधानियां बरतें, जैसे मास्क पहनना, हाथ धोना, भीड़ से बचना, और यदि लक्षण गंभीर हों तो डॉक्टर से सलाह लें।” एम्स दिल्ली के प्रोफेसर नीरज निश्चल ने कहा कि HMPV को कोरोना वायरस से तुलना नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया, “COVID-19 पूरी तरह से नया वायरस था, जिसके खिलाफ हमारी कोई प्रतिरक्षा नहीं थी। HMPV को 2001 से पहचाना गया है और इसके प्रमाण 1950 के दशक तक मिलते हैं। 10 साल की उम्र तक अधिकांश बच्चे इसके खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेते हैं।” भारत में HMPV के मामलेकर्नाटक: दो शिशुओं में HMPV की पुष्टि हुई, जिनका कोई यात्रा इतिहास नहीं था।गुजरात: एक निजी अस्पताल में राजस्थान के डूंगरपुर जिले के दो महीने के समय से पहले जन्मे बच्चे में संक्रमण पाया गया।सरकार और राज्यों की तैयारीदिल्ली, कर्नाटक, और महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभागों ने HMPV के संभावित प्रसार को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।केंद्र सरकार ने कहा कि ICMR देशभर में HMPV के प्रसार की निगरानी करेगा और WHO के अद्यतन जानकारी के आधार पर कदम उठाए जाएंगे।सावधानी बरतें, घबराएं नहींविशेषज्ञों का मानना है कि HMPV एक हल्का संक्रमण है और इसके लिए विशेष सावधानियां अपनाने की आवश्यकता है। मास्क पहनें, हाथ धोएं, और भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचें। अगर लक्षण गंभीर हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
Rajasthan जयपुर में 170 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए बीआरटीएस (बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर को हटाने का फैसला लिया गया है। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की कार्यकारी समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। बीआरटीएस प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमिउद्देश्य:बीआरटीएस का निर्माण शहरी सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए किया गया था। इसमें बसों के लिए अलग कॉरिडोर बनाए गए ताकि यात्रियों को तेज और सुरक्षित सफर का अनुभव हो।स्थान:सीकर रोड (7.1 किमी): एक्सप्रेसवे से अंबाबाड़ी तक।न्यू सांगानेर रोड (9 किमी): अजमेर रोड से बी-2 बायपास तिराहा तक।लागत: ₹170 करोड़।समस्या:कॉरिडोर पर अन्य वाहनों के चलने से मूल उद्देश्य विफल हो गया।पैदल यात्रियों और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी सुविधाओं का अभाव।सड़कों पर स्थान की कमी के चलते कॉरिडोर की आलोचना। सीआरआरआई रिपोर्ट और जेडीए का निर्णयस्टडी रिपोर्ट:केंद्रीय सड़क अनुसंधान संगठन (सीआरआरआई) ने सुझाव दिया कि या तो कॉरिडोर को पूरी तरह लागू किया जाए या हटा दिया जाए।फैसला:जेडीए आयुक्त आनंदी की अध्यक्षता में बैठक के दौरान कॉरिडोर को हटाने का निर्णय लिया गया।इस प्रोजेक्ट को विफल मानते हुए इसे हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बीआरटीएस के अन्य उदाहरणभोपाल और इंदौर:मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और इंदौर में भी बीआरटीएस प्रोजेक्ट विफल रहा।भोपाल में बीआरटीएस पहले ही हटा दिया गया है, और इंदौर में इसे हटाने की प्रक्रिया जारी है। स्थानीय संगठन और जनता की मांगस्थानीय संगठनों ने लंबे समय से बीआरटीएस हटाने की मांग की थी। मुख्य कारण:अन्य वाहनों के लिए कम जगह।यातायात में रुकावट और असुविधा।सार्वजनिक संसाधनों का अप्रभावी उपयोग। निष्कर्षबीआरटीएस प्रोजेक्ट का विफल होना योजना निर्माण और कार्यान्वयन में खामियों को उजागर करता है। जयपुर विकास प्राधिकरण का यह निर्णय शहर के यातायात प्रबंधन को पुनर्गठित करने और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने का प्रयास है।
Rajasthan अलवर नगर निगम के राजस्व अधिकारी युवराज मीणा को एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए जयपुर में विधानसभा गेट के पास गिरफ्तार किया। यह रिश्वत यूडी टैक्स वसूलने वाली कंपनी का कामकाज आगे बढ़ाने के एवज में मांगी गई थी। घटना का विवरणआरोपी: युवराज मीणा, राजस्व अधिकारी, अलवर नगर निगम।रिश्वत की राशि: ₹3 लाख।स्थान: जयपुर, विधानसभा गेट।पकड़ने की योजना:कंपनी प्रतिनिधि ने एसीबी को शिकायत दी।एसीबी ने योजना बनाकर युवराज मीणा को रंगेहाथों पकड़ा।रिश्वत की राशि लेने के लिए मीणा ने एक प्राइवेट व्यक्ति का सहारा लिया। कार्रवाई का विवरणगिरफ्तारी:युवराज मीणा और रिश्वत लेने वाले व्यक्ति को कार में बैठे हुए गिरफ्तार किया गया।सर्च ऑपरेशन:जयपुर स्थित आमेर के घर और अलवर नगर निगम कार्यालय पर तलाशी।सवेरे 4 बजे तक चली कार्रवाई में महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। पृष्ठभूमि और राजस्व हानि का मामलाहोर्डिंग टेंडर में गड़बड़ी: अलवर नगर निगम में होर्डिंग टेंडर को लेकर पहले से शिकायतें थीं।टेंडर प्रक्रिया में देरी से नगर निगम को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा था।अन्य गड़बड़ियां उजागर होने की संभावना: रिश्वतखोरी के मामले ने निगम में व्यापक भ्रष्टाचार की ओर संकेत किया है।एसीबी ने जब्त दस्तावेजों की जांच शुरू की।अन्य संभावित घोटालों की तहकीकात भी की जाएगी। एसीबी का बयानएएसपी अभिषेक पारीक:आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद, युवराज मीणा के खिलाफ जांच तेज की गई है।निगम की राजस्व हानि से जुड़े अन्य मामलों को भी खंगाला जाएगा। निष्कर्षअलवर नगर निगम में भ्रष्टाचार का यह मामला प्रशासन की पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल खड़ा करता है। एसीबी की कार्रवाई ने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कड़ी सजा का संदेश दिया है। इस घटना से निगम के कामकाज की समीक्षा और सुधार की आवश्यकता और भी स्पष्ट हो गई है।
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