Author: UmaKant Joshi

Rajasthan Politics में बजट सत्र से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बीच मुलाकात ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। यह मुलाकात संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाओं को और हवा दे रही है। मुलाकात के मुख्य बिंदुमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, वसुंधरा राजे के आवास पर लगभग 15 मिनट तक रहे।यह मुलाकात राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार और आगामी सियासी समीकरणों के संकेत दे रही है।सूत्रों के अनुसार, यह संभावित है कि 24 जनवरी को मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है।राजभवन के कर्मचारियों को 24 जनवरी को जयपुर न छोड़ने और छुट्टी न लेने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में इनको मिल सकती है जगहवसुंधरा राजे खेमे के पुष्पेंद्र सिंह और श्रीचंद्र कृपलानी के नाम चर्चा में हैं।सूत्रों का कहना है कि ये दोनों नेता आगामी मंत्रिमंडल में मंत्री पद के प्रमुख दावेदार हो सकते हैं। मुलाकात के बाद सीएम का रुखमुलाकात के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, वसुंधरा राजे के आवास से मुस्कुराते हुए निकले।उनकी संतुष्ट भावभंगिमा यह संकेत देती है कि चर्चा सफल रही।सीएम, गाड़ी में बैठने के दौरान पीछे मुड़कर किसी से मुस्कुराते हुए बात कर रहे थे, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि मुलाकात से सकारात्मक परिणाम निकले हैं। राजनीतिक मायनेमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वसुंधरा राजे की यह बैठक राजस्थान की सियासत में संभावित बदलाव का संकेत दे रही है। लंबे समय से चल रहे मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों को बल मिला है।वसुंधरा राजे खेमे की भूमिका इस विस्तार में अहम हो सकती है। निष्कर्षमुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच यह मुलाकात सिर्फ सियासी औपचारिकता नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक समीकरणों की दिशा तय करने वाली बैठक साबित हो सकती है। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अब सभी की निगाहें 24 जनवरी पर टिकी हैं।

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Sawai Madhopur के 262वें स्थापना दिवस पर आयोजित बॉलीवुड नाइट में कृषि मंत्री और सवाई माधोपुर के विधायक डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का एक अनोखा और दिलचस्प अंदाज देखने को मिला। दशहरा मैदान पर आयोजित इस कार्यक्रम में मशहूर बॉलीवुड गायक रविन्द्र उपाध्याय ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। किरोड़ी लाल की फरमाइश और गुनगुनाने का अंदाजकार्यक्रम में पहुंचे डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने फिल्म “भाभी” का प्रसिद्ध गाना “चल उड़ जा रे पंछी अब ये देश हुआ बेगाना” गाने की फरमाइश की। सिंगर रविन्द्र उपाध्याय ने उनकी इस फरमाइश को पूरा करते हुए यह गीत गाया।मंत्री जी खुद भी इस गाने को माइक पर गुनगुनाते नजर आए, लेकिन जैसे ही मीडिया के कैमरे उनकी ओर मुड़े, वे तुरंत माइक से हट गए।उन्होंने मोहम्मद रफी, मुकेश, किशोर कुमार और मन्ना डे के गानों की फरमाइश की।रविन्द्र उपाध्याय ने उनकी फरमाइश पर “कसमें वादे प्यार वफा”, “ओ मेरे दिल के चैन”, और अन्य सदाबहार गाने प्रस्तुत किए, जिन्हें मंत्री जी ने खूब सराहा। कार्यक्रम में माहौल और अन्य प्रस्तुतियांकार्यक्रम में गायक रविन्द्र उपाध्याय ने नए-पुराने फिल्मी गीत, राजस्थानी लोकगीत, पंजाबी पॉप और गजलें प्रस्तुत कीं।देशभक्ति गीतों और राजस्थानी लोक धुनों ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।दर्शक देर रात तक इस संगीतमय माहौल का आनंद लेते रहे। मंत्री जी का संगीत प्रेम और जनता की प्रतिक्रियाडॉ. किरोड़ी लाल मीणा का संगीत प्रेम देखकर कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी, कर्मचारी, और आमजन दंग रह गए। उन्होंने बार-बार सिंगर की तारीफ में अपने हाथ उठाकर गानों की दाद दी।सिंगर रविन्द्र उपाध्याय ने भी मंत्री जी के संगीत प्रेम की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है। उपस्थिति और आयोजनकार्यक्रम में जिला कलेक्टर शुभम चौधरी, पर्यटन अधिकारी मधुसूदन सिंह, प्रशासन के कई अधिकारी, कर्मचारी, और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।आयोजन का नेतृत्व होटल एसोसिएशन, जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग और नगर परिषद ने किया। निष्कर्षसवाई माधोपुर के स्थापना दिवस पर आयोजित बॉलीवुड नाइट न केवल एक मनोरंजक सांस्कृतिक कार्यक्रम बना, बल्कि डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के संगीत प्रेम ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। उनकी उपस्थिति और फरमाइशों ने जनता के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों का भी दिल जीत लिया।

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Rajasthan कर्मचारी चयन बोर्ड ने प्रतियोगी परीक्षाओं के ड्रेस कोड में बड़ा बदलाव करते हुए कुर्ता-पजामा को पुरुष अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा ड्रेस के रूप में मंजूरी दी है। मेटल चेन, जिप वाले जींस-पैंट, जैकेट, और अन्य मेटल वाले कपड़ों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। ड्रेस कोड बदलाव का कारणयह निर्णय हाल ही में हुई परीक्षाओं के दौरान मेटल डिटेक्टर से जांच में आई दिक्कतों के चलते लिया गया। डमी कैंडिडेट और नकल रोकने के उद्देश्य से डीटेल्ड फ्रिस्किंग, बायोमेट्रिक स्कैनिंग, और सीसीटीवी लाइव कवरेज को अपनाया गया।जींस और जैकेट में मेटल जिप और चेन के कारण मेटल डिटेक्टर बार-बार बीप कर रहे थे, जिससे अधिक गहन जांच करनी पड़ी।बोर्ड की समीक्षा के बाद, परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सहज बनाने के लिए यह बदलाव लागू किया गया। नए ड्रेस कोड के नियमपुरुष अभ्यर्थी: कुर्ता-पजामा पहनकर परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।मेटल चेन और जिप वाले जींस, पैंट और जैकेट पूरी तरह प्रतिबंधित।महिला अभ्यर्थी: सलवार सूट, चुन्नी या साड़ी और आधी/पूरी आस्तीन का कुर्ता/ब्लाउज पहनकर परीक्षा में आ सकती हैं।साधारण रबर बैंड के अलावा अन्य जेवरात जैसे चूड़ियां, बाली, अंगूठी या ब्रासलेट पहनने की अनुमति नहीं होगी।अनुमत और प्रतिबंधित चीजें: हवाई चप्पल, सैंडल, और टखने तक के जूते ही पहनने की अनुमति।किसी भी प्रकार की घड़ी, बेल्ट, हैंडबैग, स्कार्फ, गंडा-ताबीज, कैप/हैट, हेयर पिन, मफलर, और शॉल पर रोक। अभ्यर्थियों की प्रतिक्रियाबोर्ड के इस निर्णय पर अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों ने आर्थिक और व्यवहारिक दिक्कतों का हवाला देते हुए इसे तुगलकी फरमान कहा है। उनका मानना है कि कुर्ता-पजामा पहनने का आदेश परीक्षा में शामिल होने वाले गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बनेगा। पहले के नियमपहले पुरुष अभ्यर्थियों को शर्ट, टी-शर्ट, और पैंट पहनकर आने की अनुमति थी, जबकि महिलाएं सलवार सूट, चुन्नी, और साड़ी में आ सकती थीं। हालांकि, मेटल बटन और जड़े हुए गहनों पर पहले से ही रोक थी। निष्कर्षराजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड का यह निर्णय परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और नकल मुक्त बनाने के लिए उठाया गया कदम है। हालांकि, इसे लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी है। अब देखना होगा कि यह नियम परीक्षा प्रक्रिया को कितना सुगम बनाता है और अभ्यर्थियों की समस्याओं का समाधान हो पाता है या नहीं।

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Mahakumbh 2025 के अवसर पर राजस्थान सरकार ने अपने श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क आवास, भोजन, और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल की है। प्रयागराज में आयोजित इस महायोजन के दौरान राज्य के नागरिकों के ठहरने और अन्य आवश्यकताओं के लिए राजस्थान मंडप की स्थापना की गई है। श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाएं -निःशुल्क आवास: .राजस्थान मंडप में डबल बेड और अटैच लेटबाथ युक्त 49 टेंट उपलब्ध हैं।.30 बेड की डोरमेट्री व्यवस्था भी की गई है। -भोजन की व्यवस्था: .दिनभर निःशुल्क भोजन की सुविधा दी जाएगी। -चिकित्सा सेवाएं: .सभी श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है।.स्वास्थ्य सहायता के लिए हेल्पडेस्क और कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। महाकुंभ 2025 का महत्व और आयोजन महाकुंभ भारतीय संस्कृति में एक विशेष धार्मिक आयोजन है, जिसे सभी सिद्धियां प्रदान करने वाला माना जाता है। .आयोजन की अवधि: 26 फरवरी 2025 तक। -मुख्य आकर्षण: .मौनी अमावस्या।.बसंत पंचमी।.माघ पूर्णिमा।.महाशिवरात्रि के शाही स्नान। राजस्थान मंडप का पता और हेल्पलाइन नंबर पता: राजस्थान मंडप, प्लॉट नं. 97, सेक्टर 7, कैलाशपुरी मार्ग, प्रयागराज। हेल्पलाइन नंबर: .कंट्रोल रूम: 9929860529, 9887812885.देवस्थान विभाग राज्य नियंत्रण कक्ष: 0294-2426130 मुख्यमंत्री का संदेश राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा: “महाकुंभ जैसे पवित्र आयोजन में राजस्थान के श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के पुण्यलाभ प्राप्त करें, इसके लिए हर संभव प्रयास किया गया है। यह भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का प्रतीक है।”राजस्थान सरकार की यह पहल राज्य के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण समर्थन है, जो महाकुंभ में शामिल होकर धार्मिक आस्था को सशक्त बनाएगी।

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ECI चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ उपयोग करने की सलाह दी है। आयोग ने इस संदर्भ में एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि यदि कोई राजनीतिक दल या उम्मीदवार एआई के माध्यम से किसी फोटो, वीडियो या अन्य सामग्री का उपयोग करता है, तो उसे उस सामग्री के स्रोत का खुलासा करना होगा। मुख्य दिशा-निर्देशस्रोत का खुलासा: यदि किसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार ने एआई के जरिए बनाई गई किसी सामग्री का प्रचार किया है, तो उसका स्रोत स्पष्ट रूप से बताना जरूरी होगा।सिथेंटिक कंटेट पर अस्वीकरण: अगर एआई द्वारा तैयार सामग्री का उपयोग किया गया है, तो उसे अस्वीकरण देना पड़ेगा, ताकि प्रचार में पारदर्शिता बनी रहे।गलत सूचना फैलाने से सतर्कता: चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से यह भी कहा है कि वे एआई के जरिए फैलाए जा रहे गलत और भ्रामक संदेशों से सतर्क रहें और उन्हें तुरंत रोकने के उपाय करें। चुनाव आयोग की चिंतामुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने चुनावों में एआई के गलत उपयोग को लेकर लगातार चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान एआई द्वारा गलत सूचना फैलाने के प्रयासों को रोकने के लिए प्रशासन को सतर्क रहना होगा और त्वरित कार्रवाई करनी होगी। दिल्ली विधानसभा चुनावों में डीपफेक वीडियो और तस्वीरों के लगातार मामलों के सामने आने के बाद आयोग ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है। दिल्ली विधानसभा चुनाव और डीपफेक वीडियोदिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान एआई-जनरेटेड डीपफेक वीडियो और भ्रामक संदेशों के कई मामले सामने आए हैं। हाल ही में, आम आदमी पार्टी (AAP) पर आरोप लगे थे कि उसने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की एआई-जनरेटेड तस्वीरें और वीडियो पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट की थीं। आयोग ने इस प्रकार के गलत सूचना फैलाने के मामलों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। आयोग का कदमचुनाव आयोग ने सोशल मीडिया और एआई के दुरुपयोग को रोकने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। आयोग का मानना है कि डीपफेक वीडियो चुनावी प्रक्रिया को बाधित करते हैं और इससे चुनावी कानूनों का उल्लंघन होता है। यह कदम चुनाव प्रचार के दौरान एआई के जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है, ताकि चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।

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अपीलीय न्यायाधिकरण, राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने मेटा प्लेटफॉर्म्स और व्हाट्सएप की याचिकाएं गुरुवार को स्वीकार कर ली हैं। इन याचिकाओं में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा और व्हाट्सएप ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा लगाए गए 213.14 करोड़ रुपये के जुर्माने के खिलाफ अपील की थी। सीसीआई ने क्या आदेश दिया था?2021 में व्हाट्सएप द्वारा गोपनीयता नीति में किए गए बदलावों के संबंध में सीसीआई ने मेटा प्लेटफॉर्म्स पर जुर्माना लगाया था। सीसीआई के अनुसार, मेटा और व्हाट्सएप ने बाजार प्रभुत्व का दुरुपयोग किया और अनुचित व्यापार प्रथाओं को बढ़ावा दिया, जिससे उपभोक्ताओं के लिए प्रतिस्पर्धा में अवरोध उत्पन्न हुआ। NCLAT की प्रतिक्रियाNCLAT की दो सदस्यीय पीठ ने इस मुद्दे पर विचार करते हुए कहा कि दोनों पक्षों की दलीलों पर ध्यान देना जरूरी है। पीठ ने मेटा और व्हाट्सएप की याचिकाएं स्वीकार की हैं और इस मामले पर आगे की सुनवाई के लिए आगामी सप्ताह में फैसला सुनाने का संकेत दिया। अंतरिम राहत की मांगव्हाट्सएप और मेटा प्लेटफॉर्म्स के वकील ने सीसीआई के आदेश पर रोक लगाने की मांग की, जबकि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की ओर से पेश हुए वकील ने इसका विरोध किया। मेटा पर जुर्माना और आदेश18 नवंबर 2021 को CCI ने व्हाट्सएप की गोपनीयता नीति अपडेट को लेकर मेटा पर 213.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके अलावा, CCI ने मेटा को प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों को रोकने और भविष्य में ऐसा न करने का निर्देश दिया था। CCI ने मेटा और व्हाट्सएप को कुछ व्यवहारिक उपायों को लागू करने का भी आदेश दिया था, ताकि प्रतिस्पर्धा के दुरुपयोग को रोका जा सके। अगला कदमNCLAT की पीठ ने इस मामले की आगामी सुनवाई में निर्णय लेने का संकेत दिया है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या मेटा और व्हाट्सएप को सीसीआई के आदेश पर अंतरिम राहत मिलती है या नहीं।

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बुधवार को Sawai Madhopur के ठठेरा मोहल्ले में मावत के दौरान बिजली गिरने से एक बड़ा हादसा हुआ। इस घटना में लगभग 8-10 मकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा, जिससे छतों में छेद हो गए और बिजली से जुड़े उपकरण जलकर खराब हो गए। घटना का विवरणठठेरा मोहल्ला निवासी त्रिलोक कुमार ने बताया कि दोपहर बाद वह घर में बैठे थे, जब अचानक तेज आवाज के साथ बिजली कड़कने की आवाज सुनाई दी। इसके तुरंत बाद उनके घर की बिजली सप्लाई बंद हो गई। उन्होंने पाया कि उनके घर की छत में बड़ा छेद हो गया है। इसके अलावा उनके घर का बिजली का मीटर, एलईडी टीवी, फ्रिज, और इन्वर्टर भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। अन्य मकानों को भी नुकसानत्रिलोक कुमार के अलावा मोहल्ले के अन्य 10 से 12 मकानों में भी नुकसान हुआ है। छतों में दरारें आ गईं और बिजली उपकरण जलकर नष्ट हो गए। इस घटना से प्रभावित लोग तुरंत कोतवाली थाने पहुंचे और नुकसान की शिकायत दर्ज करवाई। मुआवजे की मांगघटना से प्रभावित मोहल्ले वासियों ने प्रशासन से क्षति के लिए मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि इस अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदा ने न केवल उनके घरों को नुकसान पहुंचाया, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति पर भी गहरा प्रभाव डाला है। प्रशासन से अपील की गई है कि जल्द से जल्द उनकी मदद की जाए। सावधानी और जागरूकता जरूरीयह घटना बिजली गिरने के खतरों के प्रति सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करती है। ऐसे मौसम में लोगों को घर के अंदर सुरक्षित रहना चाहिए और बिजली से जुड़े उपकरणों का उपयोग बंद कर देना चाहिए। निष्कर्षप्राकृतिक आपदाओं से हुए इस नुकसान से प्रभावित परिवारों को मदद की आवश्यकता है। प्रशासन को शीघ्र ही प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए कदम उठाने चाहिए ताकि उन्हें राहत मिल सके।

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Rajasthan: जयपुर-दिल्ली हाईवे पर कोटपूतली के पनियाला इलाके में एक बड़ा हादसा हुआ, जब बेंजीन केमिकल से भरा एक टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। यह हादसा उस समय हुआ जब टैंकर चालक को झपकी आ गई, जिससे वाहन हाईवे किनारे नाले में गिर गया। टैंकर में बेंजीन जैसे अत्यधिक ज्वलनशील केमिकल भरे होने के कारण स्थिति और खतरनाक हो गई। चालक ने स्थिति भांपते हुए वाहन से कूदकर अपनी जान बचाई। आग लगने से टैंकर और दो क्रेन जलकर खाकहादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और प्रशासन पहुंचा। टैंकर को सीधा करने के लिए क्रेन का सहारा लिया गया, लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान स्पार्किंग हुई, जिससे आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में आग ने टैंकर और दो क्रेनों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयानक थी कि टैंकर धूं-धूं कर जलने लगा। राहगीरों और रिहायशी इलाकों में बढ़ा खतराआग की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत हाईवे पर ट्रैफिक को एक किलोमीटर पहले ही रोक दिया। इसके साथ ही आसपास के रिहायशी इलाकों में सो रहे लोगों को सतर्क किया गया और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। यह त्वरित कार्रवाई संभावित जनहानि को टालने में सहायक रही। दमकल की टीम ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबूघटना स्थल पर आधा दर्जन से अधिक दमकल वाहनों को बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान हाईवे पर ट्रैफिक को पूरी तरह रोक दिया गया था। आग बुझाने के बाद हाईवे पर यातायात को फिर से सुचारू कर दिया गया। क्या था हादसे का कारण?प्राथमिक जांच में पता चला है कि टैंकर चालक को झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित हुआ और पलट गया। क्रेन से टैंकर को सीधा करने के दौरान हुए स्पार्क ने आग भड़काई। बेंजीन, जो कि अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ है, के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। सावधानी और जागरूकता की जरूरतयह घटना न केवल हाईवे सुरक्षा के प्रति सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करती है, बल्कि ज्वलनशील पदार्थों के परिवहन में अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता को भी उजागर करती है। ऐसे हादसों से बचने के लिए वाहनों की नियमित जांच और प्रशिक्षित चालकों की नियुक्ति पर ध्यान देना आवश्यक है। निष्कर्षइस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह घटना एक गंभीर चेतावनी है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और दमकल कर्मियों के प्रयास से एक बड़ी त्रासदी टाल दी गई। वहीं, हाईवे पर यातायात अब सुचारू कर दिया गया है।

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Mahakumbh – मकर संक्रांति के अवसर पर प्रयागराज ने एक दिन के लिए विश्व का सर्वाधिक आबादी वाला शहर बनने का कीर्तिमान स्थापित किया। महाकुंभ के प्रथम अमृत स्नान पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था ने यह अद्वितीय रिकॉर्ड दर्ज किया। स्थायी तौर पर करीब 70 लाख की जनसंख्या वाले प्रयागराज में मकर संक्रांति पर 3.50 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई, जिससे यहां की आबादी 4.20 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई। यह संख्या टोक्यो (3.74 करोड़), दिल्ली (2.93 करोड़), और शंघाई (2.63 करोड़) जैसे दुनिया के सबसे बड़े शहरों से भी अधिक है। विश्व के सबसे बड़े मानव समागम का दृश्यमहाकुंभ का यह आयोजन आस्था, परंपरा और समर्पण का अद्वितीय प्रतीक बन गया। गंगा किनारे हजारों श्रद्धालु और संतों ने मां गंगा और भोले बाबा के जयकारों के साथ डुबकी लगाई। ठंड और लंबी यात्रा की थकान के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह अडिग रहा। प्रमुख मार्गों और पांटून पुलों पर इतनी भीड़ थी कि तिल रखने की भी जगह नहीं बची। कल्पवासियों और संतों की उपस्थितिइस अद्वितीय अवसर पर 10 लाख से अधिक कल्पवासी अपने परिवारों के साथ मेला क्षेत्र में डेरा डाले हुए थे। संतों और अखाड़ों के अनुयायियों की उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। सोमवार शाम तक बड़ी संख्या में संत, साधु और उनके अनुयायी प्रयागराज पहुंच गए थे, जिससे मेला क्षेत्र पूरी तरह भर गया। आस्था के विविध रंगश्रद्धालुओं ने किलों, मंदिरों और पवित्र घाटों पर भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ अपनी आस्था व्यक्त की। जत्थों में यात्रा कर रहे लोग विभिन्न प्रतीकों और निशानों के साथ चलते हुए भक्ति के रंग बिखेरते रहे। कई किमी पैदल यात्रा करते हुए भी उनकी भक्ति और उत्साह में कोई कमी नहीं आई। भविष्य की संभावनाएंमहाकुंभ के अगले बड़े स्नान पर्व, मौनी अमावस्या (29 जनवरी 2025), पर छह से आठ करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। अगर यह अनुमान सटीक साबित हुआ, तो प्रयागराज एक बार फिर से विश्व का सबसे अधिक आबादी वाला शहर बनने जा रहा है। सार्वजनिक आयोजन का प्रभावइस विशाल आयोजन ने न केवल भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक समृद्धि को दर्शाया, बल्कि यह भी साबित किया कि बड़े पैमाने पर लोगों को एकत्र करने और व्यवस्थाओं को संभालने की क्षमता भारत में अद्वितीय है। प्रयागराज के लिए यह अवसर अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त करने का एक अहम मौका साबित हुआ। महाकुंभ का यह आयोजन एक बार फिर भारत की धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक एकता का वैश्विक उदाहरण बन गया।

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Rajasthan भीलवाड़ा जिले के धूलखेड़ा क्षेत्र में सोमवार तड़के एक दर्दनाक हादसे में यात्रियों से भरी बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस घटना में 25 से अधिक लोग घायल हो गए। बस उज्जैन से पुष्कर की यात्रा पर थी और हादसे के वक्त अधिकतर यात्री गहरी नींद में थे। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गयामांडल थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया।21 घायलों को महात्मा गांधी अस्पताल और मांडल अस्पताल में भर्ती कराया गया।12 घायलों को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती किया गया, जबकि बाकी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। हादसे का कारणप्रारंभिक जांच में हादसे का कारण बस का अनियंत्रित होना बताया गया है।बस डिवाइडर पार करते समय संतुलन खो बैठी, जिससे यह हादसा हुआ। घटनास्थल का हालहादसे के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।जो यात्री सुरक्षित थे, उन्हें पास के एक होटल में ठहराया गया।प्रशासन ने यात्रियों के परिजनों को सूचित करने और मदद पहुंचाने के विशेष इंतजाम किए। प्रशासन की अपीलमांडल थाना पुलिस ने यात्रियों और वाहन चालकों से अपील की है कि सड़क पर यात्रा के दौरान सावधानी बरतें और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें। निष्कर्षयह हादसा यातायात सुरक्षा और जागरूकता की अनिवार्यता को दर्शाता है। प्रशासन इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है और घायलों को हर संभव मदद दी जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण सबक है।

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