Author: UmaKant Joshi
Bharatpur, बयाना रेलवे स्टेशन: शुक्रवार शाम एक युवक ने शराब के नशे में फुट ओवरब्रिज से दो बार पटरियों पर छलांग लगा दी। गिरने से उसका सिर फट गया और काफी खून बह गया। क्या है पूरा मामला?🚆 युवक की पहचान:➡ राजेंद्र (23), निवासी लाल दरवाजा➡ बुआ के घर रुपबास जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचा था।➡ शराब के नशे में फुट ओवरब्रिज से पटरियों पर कूदा। 🚆 दो बार कूदने की सनक:➡ पहली बार कूदने पर गंभीर चोट नहीं आई।➡ दुबारा पुल पर चढ़कर फिर से पटरियों पर कूद गया।➡ सिर में गहरी चोट और भारी रक्तस्राव हुआ। 🚆 मदद और उपचार:➡ व्यापार महासंघ के सेक्टर प्रभारी जवाली धाकड़ ने आरपीएफ व जीआरपी को सूचना दी।➡ जीआरपी ने घायल युवक को ऑटो से बयाना सीएचसी भिजवाया।➡ प्लेटफॉर्म पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। 🚆 घटना के बाद रेलवे स्टेशन पर भीड़ जुटी, यात्रियों में हड़कंप मच गया।
प्रयागराज में चल रहे Mahakumbh 2025 के दौरान अगले चार दिनों में चार नए विश्व रिकॉर्ड बनाए जाएंगे। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम प्रयागराज पहुंच चुकी है और मेला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। चार दिनों में बनेंगे ये चार विश्व रिकॉर्ड:1️⃣ 14 फरवरी:➡ 15,000 सफाई कर्मचारी संगम क्षेत्र में 10 किमी लंबाई में सफाई करेंगे।➡ कुंभ-2019 में 10,000 सफाई कर्मचारियों ने झाड़ू लगाकर रिकॉर्ड बनाया था, जिसे अब तोड़ा जाएगा। 2️⃣ 15 फरवरी:➡ 300 कर्मचारी गंगा नदी में उतरकर जल सफाई अभियान को गति देंगे। 3️⃣ 16 फरवरी:➡ 1,000 ई-रिक्शा एक साथ संचालित किए जाएंगे, जिससे यह सबसे बड़ा ई-रिक्शा संचालन का रिकॉर्ड बनेगा। 4️⃣ 17 फरवरी:➡ 10,000 लोगों के हाथ के छापे (हैंड प्रिंट) लेकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा। महाकुंभ पहले ही बन चुका है सबसे बड़ा धार्मिक समागमअब तक 48 करोड़ से अधिक श्रद्धालु महाकुंभ में स्नान कर चुके हैं, जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन बन चुका है। कुंभ-2019 में बने थे तीन विश्व रिकॉर्ड:✅ 500 से अधिक शटल बसें चलाकर सबसे बड़ी यातायात व्यवस्था का रिकॉर्ड।✅ 10,000 सफाई कर्मियों द्वारा सबसे बड़ी स्वच्छता व्यवस्था का रिकॉर्ड।✅ 7,500 लोगों के हैंड प्रिंट लेकर नया कीर्तिमान। इस बार सफाई अभियान और हैंड प्रिंट से जुड़े पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर नया इतिहास रचा जाएगा।
Rajsamand जिले के केलवा थाना क्षेत्र में एक सूने मकान से करीब दो लाख रुपये के चांदी के जेवर चुराने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात को कबूल कर लिया है। चोरी की वारदात का खुलासाकेलवा थाना प्रभारी लक्ष्मणराम विश्नोई ने बताया कि यह घटना 2 फरवरी 2025 को सामने आई जब बामन टुकड़ा निवासी अमरचंद पुत्र भगवानलाल जोगी ने केलवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। अमरचंद अपने परिवार के साथ 31 जनवरी को गांव उदाखेड़ा गया था। 2 फरवरी को जब परिवार वापस लौटा तो घर का ताला टूटा हुआ मिला और घर से चांदी के जेवरात चोरी हो चुके थे। चोरी गए जेवरात में शामिल थे:चांदी का कंदोराएक जोड़ी पायजेबहाथ फूलबिछुड़ियांगिरफ्तार आरोपी और बरामदगीपुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक टीम गठित कर जांच शुरू की। गश्त के दौरान दो संदिग्धों से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। ✅ गिरफ्तार आरोपी: रमेशचंद्र (24) पुत्र गोपीलाल भीलहितेश (21) पुत्र कैलाशचंद्र गमेतीपुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब दो लाख रुपये के चांदी के जेवरात भी बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेजने के आदेश दिए गए हैं। अन्य चोरी की वारदातों की जांच जारीथाना प्रभारी के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने केलवा क्षेत्र में अन्य चोरियों में भी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और उम्मीद है कि इससे कई अन्य चोरी के मामलों का खुलासा हो सकता है। इस कार्रवाई से पुलिस ने चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण पाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।
Salumbarविधायक शांता अमृतलाल मीणा ने मुख्यमंत्री दिव्यांगजन स्कूटी योजना के तहत 11 दिव्यांगजनों को निःशुल्क स्कूटी वितरित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें हरसंभव सरकारी लाभ प्रदान किया जाएगा। स्कूटी वितरण कार्यक्रम का आयोजनजिला कलेक्ट्रेट परिसर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा स्कूटी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विधायक शांता अमृतलाल मीणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने 11 दिव्यांगजनों को स्कूटी सौंपते हुए कहा कि यह सुविधा उनके लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। योजना से दिव्यांगजनों को होगा लाभविधायक मीणा ने अपने संबोधन में कहा कि –✅ स्कूटी दिव्यांगजनों के लिए एक महत्वपूर्ण साधन है, जिससे वे आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक जा सकेंगे।✅ यातायात की समस्याएं दिव्यांगजनों के लिए एक बड़ी चुनौती होती हैं, और यह योजना उनके जीवन को आसान बनाने में सहायक साबित होगी।✅ राज्य सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गईकार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक हेमंत खटीक ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी और उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस पहल से स्पष्ट है कि सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास कर रही है।
Behror चिकित्सा सुविधाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संभागीय आयुक्त पूनम ने शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नारहेड़ा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से संवाद कर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार से निरीक्षणसंभागीय आयुक्त ने अस्पताल की ओपीडी, जनाना वार्ड, सामान्य वार्ड, लैब, निःशुल्क दवा वितरण केंद्र और निःशुल्क जांच योजना की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में मेडिकल स्टाफ की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, सफाई व्यवस्था और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं पर गहन समीक्षा की। इस दौरान उनके साथ जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल, उपखंड अधिकारी बृजेश कुमार, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के निर्देशसंभागीय आयुक्त ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि –✅ सरकारी चिकित्सा योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को पूरा लाभ मिल सके।✅ अस्पताल में साफ-सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और डॉक्टरों व चिकित्साकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।✅ मरीजों को पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध कराई जाएं और किसी भी तरह की लापरवाही न हो। मरीजों और परिजनों से बातचीतनिरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर फीडबैक लिया। उन्होंने डॉक्टरों की उपलब्धता, दवाओं की आपूर्ति, सफाई और अस्पताल स्टाफ के व्यवहार को लेकर मरीजों की समस्याओं को सुना और सुधार के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने भी दिया स्वच्छता पर जोरजिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने भी अस्पताल का निरीक्षण किया और स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि –✔️ मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति अपनाई जाए।✔️ अस्पताल में सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।✔️ दवा भंडार का उचित प्रबंधन हो और मरीजों को सभी जरूरी दवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। संभागीय आयुक्त के इस निरीक्षण से साफ है कि प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रति गंभीर है और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
अजमेर मण्डल रेलवे सुरक्षा बल द्वारा मंडल रेल प्रबंधक श्री राजू भूतड़ा तथा प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर के मार्गदर्शन में मंडल क्षेत्राधिकार मे ट्रेनों व स्टेशनो पर यात्रियो को सहज एवं सुरक्षित यात्रा हेतु ‘सेवा ही संकल्प’ का लक्ष्य लेकर रेल सुरक्षा बल द्वारा अनेक आपरेशन चलाये जा रहे है। जिसकी मॉनीटरींग मंडल सुरक्षा आयुक्त श्री दीपक कुमार आजाद रेलवे सुरक्षा बल अजमेर द्वारा करते हुये रेल सुरक्षा बल अजमेर मंडल नये आयामों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। वर्तमान में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा रेलवे संपत्ति के साथ साथ रेल यात्रियों व उनके सामान की सुरक्षा का दायित्व का निर्वहन करते हुये उनकी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा रही है। रेल सुरक्षा बल रेल यात्रियों की सुरक्षा का संरक्षक होने तथा देश के करोडों यात्रियों का भरासे का प्रतीक है। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा गुमशुदा बच्चो व घर से भागकर आये बच्चों को रेस्क्यू कर उनके परिजनो तक पहुॅचाने के लिये “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” शुरू किया गया जिसके तहत रेलवे सुरक्षा बल अजमेर द्वारा वर्ष 2024 मे 260 बच्चों का सफल रेस्क्यू किया गया । जिनको सरकार द्वारा अधिकृत एनजीओ, सीडब्लूसी एवं परिजनो को सुपुर्द किया गया। उक्त रेस्क्यू किये गये अधिकांश बच्चे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड एवं छत्तीसगढ राज्य के पाये गये। भारतीय रेलवे में अवैद्य शराब तस्करी रोकथाम हेतु रेल सुरक्षा बल द्वारा “ऑपरेशन सर्तक” चलाया जा रहा है। जिसके तहत अजमेर मंडल क्षेत्राधिकार में वर्ष 2024 मे अवैद्य शराब परिवहन के कुल 61 मामले रेल सुरक्षा बल द्वारा पकडकर, 1611945 मिलीलीटर (किमत 1164694/-) के साथ 26 व्यक्तियो को अपनी गिरफ्त में कर उनके विरुद्व नियमानुसार कानूनी कार्यवाही हेतु राजकीय रेलवे पुलिस के सुपुर्द किया गया।रेल यात्रियों को सहज व सुरक्षित रुप से अपनी मंजिल पर पहुॅचाने हेतु रेल सुरक्षा बल द्वारा सेवा ही संकल्प का लक्ष्य को सर्वोपरी मानते हुये, भारतीय रेलवे में रेल सुरक्षा बल द्वारा यात्रियों की जीवन रक्षा हेतु ऑपरेशन जीवन रक्षा चलाया जा रहा है। जिसके तहत अजमेर मंडल क्षेत्राधिकार में रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों द्वारा अपने कर्तव्य पालन के दौरान सैदव चौकन्ने रहते हुये वर्ष 2024 मे 04 यात्रियो को मौत के मुॅह से निकालकर उनकी जीवन रक्षा की गई।इसी प्रकार रेल सुरक्षा बल द्वारा भारतीय रेलवे में अवैध मादक पदार्थ परिवहन के रोकथाम के लिए “ऑपरेशन नारकोस” चलाया जा रहा है, जिसके रेल सुरक्षा बल स्टाफ द्वारा अपनी ड्यूटी पर चौकन्ना रहते हुये, वर्ष 2024 मे मादक पदार्थो के अवैध परिवहन के 04 मामलो मे 2177000/- मूल्य का 64.868 किलो मादक पदार्थ बरामद कर, 05 व्यक्तियो को पकडकर, कानूनी कार्यवाही हेतु राजकीय रेलवे पुलिस के सुपुर्द किया गया।भारतीय रेल मे महिलाओं की सुरक्षित व सहज यात्रा हेतु रेल सुरक्षा बल द्वारा “ऑपरेशन मेरी सहेली” चलाया जा रहा है जिसके तहत अजमेर मंडल क्षेत्राधिकार में महिला यात्रियो से महिला रेसुब कर्मी द्वारा सम्पर्क कर उनकी समस्याओ का समाधान किया जाता है। वर्ष 2024 में 76877 महिला यात्रियो की समस्याओ का निस्तारण किया गया।भारतीय रेल में रेल यात्रियों द्वारा अपनी यात्रा के दौरान स्वयं की गलती से अपना किमती सामान अपनी बर्थ पर छोड कर जल्दबाजी में स्टेशन पर यात्रा पूर्ण कर उतर जाते है, और उनका समान गाडी में ही छुट जाता है, उक्त के परिपेक्ष में रेल सुरक्षा बल द्वारा “ऑपरेशन अमानत” चलाया जा रहा है। जिसके तहत अजमेर मंडल क्षेत्राधिकार में वर्ष 2024 में 550 यात्रियो का छूटा हुआ सामान जिसकी अनुमानित मुल्य 12730190/- (एक करोड सत्ताईस लाख तीस हजार एक सौ नब्बे) रूपये का सामान रेल सुरक्षा बल द्वारा संग्रहित कर उन्हे सकुशल/सुरक्षित लोटाया गया।भारतीय रेल में रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान मे रखते हुए, रेल सुरक्षा बल द्वारा अवैध टिकट दलाली करने वालो के विरूद्ध “ऑपरेशन उपलब्ध” चलाया जा रहा है। जिसके तहत अजमेर मंडल क्षेत्राधिकार में वर्ष 2024 में 29 मामले दर्ज कर 35 आरोपियो को गिरफ्तार करते हुए 699 रेल टिकटों की बरामदगी की गई, जिसकी कुल कीमत 1478297/- रूपये पायी गई।भारतीय रेल में रेसुब विभाग द्वारा मानव तस्करी रोकथाम हेतू “ऑपरेशन एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग” अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत अजमेर मंडल क्षेत्राधिकार में लगातार आने जाने वाली सभी सवारी गाडियों पर नजर रख, मानव तस्करी अंतर्गत वर्ष 2024 में बाल श्रम कें लिये ले जा रहे 31 बच्चों को रेसक्यू कर 04 आरोपियों को कानूनी कार्यवाही के लिए राजकीय रेलवे पुलिस को सुपुर्द किया गया। साथ ही रेस्क्यू किये गये महिला व बच्चे को अपना घर आश्रम एवं चाईल्ड हेल्प लाईन को सुपर्द भी किये जा रहे है। मुख्य जनसंपर्क निरीक्षक अजमेर
अजमेर, 9 फरवरी 2025: जे एल एन मेडिकल कॉलेज अजमेर स्थित डॉक्टर भीमराव अंबेडकर सभागार में रविवार को ‘नेशनल ऑर्गेनाईजेशन ऑफ इंश्योरेन्स वर्कर्स’ द्वारा आयोजित 19वीं त्रैवार्षिकी ऑल इंडिया कॉन्फ्रेन्स 2025 का आयोजन हुआ। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के स्पीकर श्री वासुदेव देवनानी, जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने शिरकत की। कार्यक्रम में पहुंचने पर संगठन द्वारा अतिथियों का गर्म जोशी से स्वागत अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मान्यवरों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने अपने संबोधन में इंश्योरेंस क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की भूमिका को सराहा और उनकी कड़ी मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि इंश्योरेन्स कर्मचारियों की मेहनत से ही कई लोगों को सुरक्षा और भविष्य की चिंता कम हो पाती है। उन्होंने इस अवसर पर यह भी बताया कि राज्य सरकार अपने विभिन्न प्रभागों के माध्यम से इंश्योरेंस कर्मचारियों के लिए कल्याणकारी योजनाएं लाने पर काम कर रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके। श्री रावत ने इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता बताते हुए कहा कि यह आयोजन राज्य और देशभर के इंश्योरेन्स कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म साबित हुआ, जिसमें उनके हितों की रक्षा और उनके कार्यक्षेत्र की बेहतरी के लिए कई विचार मंथन किए गए। राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम होने से देश के आम जनों को भी इंश्योरेंस की महत्त्वता के बारे में और अधिक जानकारी और जागृति होगी। कॉन्फ्रेन्स में देशभर से आए विभिन्न इंश्योरेंस कंपनियों के प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर इंश्योरेन्स उद्योग की चुनौतियों, भविष्य की योजनाओं और कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर चर्चा की गई। कार्यक्रम का आयोजन करने वाली संस्था नेशनल ऑर्गेनाईजेशन ऑफ इंश्योरेन्स वर्कर्स के अध्यक्ष ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और आगे भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही। इस कार्यक्रम में सभी प्रतिनिधियों ने एक दूसरे से अनुभव साझा किए और आगामी योजनाओं पर चर्चा की।
Indore के समीप मानपुर के भैरव घाट में शुक्रवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 17 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे में घायल हुए कुछ लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। यह दुर्घटना एक तेज रफ्तार ट्रैवलर वाहन, दो बाइक और एक टैंकर के बीच हुई, जिसमें महाकाल के दर्शन कर लौट रहे कर्नाटक के यात्रियों की जान चली गई। कैसे हुआ हादसा?पुलिस के मुताबिक, यह हादसा शुक्रवार सुबह उस वक्त हुआ जब उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर लौट रहा एक तेज रफ्तार ट्रैवलर वाहन अनियंत्रित हो गया। सबसे पहले उसने दो बाइक सवार युवकों को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों युवक उछलकर सड़क पर गिर गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद ट्रैवलर वाहन आगे बढ़ते हुए सीधे एक टैंकर से जा टकराया, जिससे ट्रैवलर के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। इस भीषण टक्कर में ट्रैवलर में सवार दो महिला यात्रियों की भी मौत हो गई। हादसे के वक्त ट्रैवलर में सभी यात्री कर्नाटक के निवासी थे, जो उज्जैन से दर्शन कर घर वापस लौट रहे थे। मृतकों और घायलों की पहचानइस हादसे में बाइक सवार हिमांशु और शुभम, जो महू क्षेत्र के निवासी थे, उनकी मौके पर ही मौत हो गई। ट्रैवलर में सवार दो महिला यात्रियों की भी जान चली गई, जिनमें से दो कर्नाटक की निवासी थीं। हादसे में घायल हुए लोगों को इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में प्रमुख रूप से शामिल हैं: सविता पति तुकारामसुभाष रेनतीरथ पिता रामचंद्रश्रुति पिता अमरसागर, भाव सिंह, शिव पिता श्रीकांतबबीता पति फकीरामालती पति कृष्णासुनीता पति श्रीकांतप्रशांत, लता, नीलू और बांगला वडि़यप्पाघायलों में से कई की हालत नाजुक बनी हुई है, जिनका इलाज जारी है। तेज रफ्तार और लापरवाही बना हादसे का कारणप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैवलर की रफ्तार काफी तेज थी, और ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। बाइक को टक्कर मारने के बाद ट्रैवलर सीधे टैंकर में जा घुसा। टक्कर के बाद ट्रैवलर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके चलते घायलों को खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकाला गया। हादसे के बाद ट्रैवलर के ड्राइवर की हालत भी गंभीर बनी हुई है और उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जांच में जुटी पुलिसघटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, जिसमें वाहन की गति, ड्राइवर की लापरवाही और सड़क पर अन्य संभावित खतरों का विश्लेषण किया जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर दिखा दिया है कि सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही भरे वाहन संचालन कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकते हैं।
Rajasthan की राजनीति में एक बार फिर ओरण भूमि आवंटन का मुद्दा गरमा गया है, खासकर मारवाड़ क्षेत्र में, जहां इस विषय को लेकर सियासी संग्राम तेज हो गया है। निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और स्थानीय ग्रामीणों ने ओरण भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने की मांग उठाई है। इस मुद्दे ने विधानसभा में भी जोर पकड़ा, जहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। ओरण बचाओ आंदोलन की गूंज विधानसभा मेंविधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने ‘ओरण बचाओ’ का स्लोगन लिखी टी-शर्ट पहनकर सदन में प्रवेश किया, जिससे स्पष्ट हो गया कि यह मुद्दा अब सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहेगा। भाटी ने इस कदम के जरिए ओरण भूमि के संरक्षण की मांग को सशक्त तरीके से उठाया, जिससे विधानसभा का माहौल गरमा गया। इसके जवाब में बीजेपी ने कांग्रेस और उनके समर्थित निर्दलीय विधायकों पर ओरण भूमि के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए। बीजेपी विधायक केसाराम चौधरी ने प्रश्नकाल के दौरान दावा किया कि कांग्रेस समर्थित पूर्व निर्दलीय विधायक ने करीब 240 बीघा ओरण भूमि को खुर्द-बुर्द किया है। इस आरोप ने सदन में बहस को और अधिक तीखा बना दिया। बीजेपी का सियासी दांव: कांग्रेस को घेराबीजेपी ने इस मुद्दे को केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि सियासी हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। बुधवार को विधानसभा में मारवाड़ जंक्शन के विधायक केसाराम चौधरी ने ओरण भूमि से जुड़े सवाल उठाए। जवाब में राजस्व मंत्री ने ओरण भूमि पर कब्जा करने वालों के नाम सदन में उजागर किए, जिनमें कांग्रेस समर्थक पूर्व विधायक खुशवीर सिंह जोझावर और उनकी पत्नी के नाम शामिल थे। बीजेपी ने तुरंत आरोप लगाते हुए कहा कि “कांग्रेस के लोग ही ओरण भूमि को हड़प रहे हैं”, जिससे कांग्रेस की स्थिति असहज हो गई। यह रणनीति स्पष्ट करती है कि बीजेपी ने ओरण विवाद को कांग्रेस के खिलाफ सियासी मोर्चे के रूप में तैयार किया है। जैसलमेर में अदाणी प्रोजेक्ट बना नया विवादओरण विवाद सिर्फ मारवाड़ तक सीमित नहीं है। जैसलमेर के बईया गांव में ओरण भूमि पर अदाणी समूह की सोलर कंपनी के प्रोजेक्ट को लेकर भी विवाद गहराता जा रहा है। निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी इस प्रोजेक्ट का विरोध करते हुए आंदोलन चला रहे हैं, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों का भी समर्थन मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि ओरण या गोचर भूमि के रूप में पंजीकृत होनी चाहिए। उनका दावा है कि सरकार को पहले इस भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करना चाहिए, उसके बाद ही कंपनी को निर्माण कार्य की अनुमति दी जानी चाहिए। ग्रामीणों की मांग है कि गोचर भूमि को अलग कर कंपनी को जमीन आवंटित की जाए ताकि पर्यावरण और पशु-पक्षियों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके। ओरण भूमि क्या है?ओरण शब्द का अर्थ होता है वन भूमि या संरक्षित क्षेत्र, जहां पर न तो खेती की जाती है और न ही पेड़ों की कटाई होती है। यह क्षेत्र पशु-पक्षियों के लिए सुरक्षित आवास के रूप में कार्य करता है। राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है जैसे ओरण, ओण, ओवण या ओरांस। इतिहास गवाह है कि राजस्थान में समय-समय पर ओरण बचाओ आंदोलन होते रहे हैं। साल 2020-21 में जैसलमेर जिले में 55 किलोमीटर लंबी ओरण भूमि को बचाने के लिए ‘ओरण परिक्रमा’ के नाम से बड़ा आंदोलन चलाया गया था। यह मुद्दा ना केवल पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा है बल्कि ग्रामीणों की सांस्कृतिक और भावनात्मक विरासत का भी हिस्सा है। क्या है आगे का सियासी रास्ता?राजस्थान की राजनीति में ओरण भूमि का मुद्दा अब एक प्रमुख चुनावी एजेंडा बनता दिख रहा है। जहां बीजेपी इसे कांग्रेस पर हमला करने के लिए इस्तेमाल कर रही है, वहीं कांग्रेस और निर्दलीय विधायक इसे जनता के अधिकार और भूमि संरक्षण से जोड़कर पेश कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ओरण भूमि का यह विवाद किस राजनीतिक दिशा में जाता है और क्या वाकई इससे राजस्थान की सियासत में कोई बड़ा बदलाव आता है। फिलहाल, इतना तो तय है कि यह मुद्दा जल्द थमने वाला नहीं है।
Rajasthan की राजनीति में एकल पट्टा भ्रष्टाचार मामला एक बार फिर गरमाने लगा है। भजनलाल सरकार ने इस प्रकरण में राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है, जिसमें पहले से दाखिल क्लोजर रिपोर्ट को दोषपूर्ण बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। इस फैसले से पूर्व मंत्री शांति धारीवाल के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि अब इस मामले की नई सिरे से जांच होने की संभावना जताई जा रही है। सरकार ने क्लोजर रिपोर्ट को बताया अधूराराजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) शिव मंगल शर्मा और विशेष लोक अभियोजक (SPP) अनुराग शर्मा ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में तर्क दिया कि ट्रायल कोर्ट में दाखिल क्लोजर रिपोर्ट अधूरी और दोषपूर्ण साक्ष्य जांच पर आधारित थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर पूर्व मंत्री शांति धारीवाल और अन्य को बरी किया गया था। सरकार का मानना है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। 10 फरवरी को हाईकोर्ट में सुनवाई की संभावनामामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान सरकार ने भारत के सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) एस.वी. राजू और अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) शिव मंगल शर्मा को कानूनी सहायता के लिए नियुक्त किया है। जानकारी के मुताबिक, 10 फरवरी को राजस्थान हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई हो सकती है। क्या है एकल पट्टा विवाद?यह मामला 29 जून 2011 का है, जब जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने गणपति कंस्ट्रक्शन के मालिक शैलेन्द्र गर्ग के नाम पर पट्टा जारी किया था। आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ था, क्योंकि पुराने रिजेक्शन की जानकारी लिए बिना नया पट्टा जारी कर दिया गया। 2013 में परिवादी रामशरण सिंह ने इस मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से की थी। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, तत्कालीन गहलोत सरकार ने इस पट्टे को रद्द कर दिया। इस मामले में यूडीएच विभाग के सीनियर आईएएस जीएस संधू समेत 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। जांच के दौरान एसीबी ने शांति धारीवाल से भी पूछताछ की थी, लेकिन बाद में उन्हें राहत मिल गई थी। परिवादी ने शांति धारीवाल को भी आरोपी बनाने के लिए आवेदन दिया, लेकिन इसके खिलाफ धारीवाल ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए धारीवाल के खिलाफ चल रही प्रोटेस्ट पिटीशन और अन्य आपराधिक कार्रवाइयों को रद्द करने का आदेश दिया। अब क्यों बढ़ी शांति धारीवाल की मुश्किलें?भजनलाल सरकार ने ट्रायल कोर्ट के फैसले की पुनरीक्षण याचिका दायर करते हुए नए सिरे से जांच की मांग की है। अगर हाईकोर्ट सरकार की याचिका को स्वीकार करता है, तो शांति धारीवाल और अन्य आरोपियों के खिलाफ दोबारा जांच शुरू हो सकती है। क्या होगा आगे?अब सबकी निगाहें 10 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं। अगर अदालत सरकार की दलीलों को सही मानती है, तो इस मामले में एक बड़ा कानूनी मोड़ आ सकता है। इससे न सिर्फ राजस्थान की राजनीति में हलचल बढ़ेगी, बल्कि पूर्व मंत्री शांति धारीवाल के लिए भी कानूनी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
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