Author: UmaKant Joshi

राजस्थान में प्रशासनिक फेरबदल: 186 RAS अधिकारियों के तबादले, कंफ्यूजन की स्थिति राजस्थान में सोमवार रात एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया, जिसमें 186 RAS अधिकारियों के तबादले किए गए। यह ध्यान देने योग्य है कि 6 सितंबर को भी 386 RAS अधिकारियों के तबादले हुए थे, लेकिन नई सूची में उनमें से कई के ट्रांसफर निरस्त कर दिए गए, जबकि कुछ अधिकारियों की फिर से तबादला प्रक्रिया की गई।इससे पहले, रविवार रात जारी IAS तबादला सूची में भी ऐसा ही देखने को मिला था, जहां 22 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर एक महीने के भीतर ही फिर से किए गए। इस स्थिति ने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि भजनलाल सरकार पहले तबादलों पर न करने के लिए आलोचना का सामना कर रही थी, और अब कंफ्यूजन के कारण स्थिति और भी जटिल हो गई है।IAS अधिकारियों की पहली ट्रांसफर लिस्ट 5 सितंबर को जारी की गई थी, जिसमें 108 अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया। फिर, 22 सितंबर को इसी लिस्ट में 22 IAS अधिकारियों को दोबारा बदला गया, जिसमें कुछ के ट्रांसफर को निरस्त भी किया गया। इस लिस्ट में भवानी सिंह देथा, हरिमोहन मीणा, पीयुष सामरिया, राजेंद्र कुमार, शुभम चौधरी, आशीष मोदी, अरुण कुमार हसीजा, और अतुल प्रकाश शामिल हैं।RAS अधिकारियों के लिए यह दूसरी बार तबादला किया गया है, जिसमें कई अधिकारियों को पुनः बदल दिया गया है। जैसलमेर जिला परिषद के सीईओ मुकेश चौधरी, जिन्हें हाल ही में डूंगरपुर से ट्रांसफर कर जैसलमेर का सीईओ बनाया गया था, का अब फिर से ट्रांसफर कर पाली जिला परिषद का सीईओ बना दिया गया है।मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में भी दो बड़े बदलाव हुए हैं। संयुक्त सचिव जसवंत सिंह का ट्रांसफर कर उन्हें बीकानेर के अतिरिक्त संभागीय आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया है। वहीं, मोहन दान रत्नू और राम सिंह गुर्जर के ट्रांसफर भी निरस्त कर दिए गए हैं।इस फेरबदल में पीएचईडी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी के विशेष सहायक लोकेश कुमार सहल को पीएचईडी के संयुक्त सचिव के पद पर लगाया गया है, जबकि उप सचिव शंकरलाल सैनी को कन्हैया लाल चौधरी का नया विशेष सहायक बना दिया गया है। इसके अलावा, वन मंत्री संजय शर्मा के पीएस डॉ. भास्कर बिश्नोई का भी तबादला किया गया है।इन तबादलों ने राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था में अराजकता की स्थिति उत्पन्न कर दी है, और यह देखने की बात होगी कि सरकार इस स्थिति को कैसे संभालती है।

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दौसा: एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त 1150 किलो अवैध मादक पदार्थों का निस्तारण, बाजार मूल्य 80 करोड़ रुपये दौसा जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप जब्त किए गए मादक पदार्थों का सफल निस्तारण किया गया है। पुलिस ने लगभग 1150 किलो अवैध मादक पदार्थों को जलाकर नष्ट किया, जो विभिन्न पुलिस थानों द्वारा की गई करीब 80 कार्रवाइयों के दौरान जब्त किए गए थे।दौसा जिला पुलिस अधीक्षक रंजीता शर्मा ने बताया कि 2017 से अब तक की गई कार्रवाइयों में कुल 1150 किलो मादक पदार्थ जब्त किया गया था। इन पदार्थों का निस्तारण धारा 52ए (2) एनडीपीएस एक्ट के तहत, जिला औषधि व्ययन समिति के सदस्यों की उपस्थिति में दौसा रिजर्व पुलिस लाइन में किया गया।इस प्रक्रिया के दौरान दौसा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल और पुलिस अपराध सहायक सोहनलाल भी मौजूद थे। निस्तारण के समय, मादक पदार्थों का वजन जिला औषधि व्ययन समिति के सदस्यों के सामने करवाया गया और इसकी फोटोग्राफी तथा वीडियोग्राफी की गई, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।जलाए गए मादक पदार्थों की बाजार मूल्य लगभग 80 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जो इस अभियान की गंभीरता और प्रभाव को दर्शाती है। पुलिस की यह कार्रवाई न केवल कानून के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि समाज में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रही लड़ाई को भी मजबूत बनाती है।

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जयपुर में दर्दनाक हादसा: तीन साल के मासूम अकरम की कार से कुचलकर मौत जयपुर के सांगानेर थाना क्षेत्र के सीताबाड़ी इलाके में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें तीन साल का मासूम अकरम खेलते समय एक कार की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठा। यह घटना रविवार दोपहर करीब एक बजे ड्रीम होम कॉलोनी में हुई।अकरम अपने घर के बाहर सड़क पर खेल रहा था, तभी एक तेज रफ्तार नेक्सन कार अचानक मोड़ से आई और बच्चे को कुचल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चालक ने तुरंत गाड़ी रोकी, लेकिन तब तक अकरम की मौत हो चुकी थी।हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने कार चालक को रोका और बच्चे को उसी कार से जयपुरिया हॉस्पिटल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।पुलिस ने घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। सांगानेर थाने के SHO किशन लाल ने बताया कि मृतक बच्चा बिहार निवासी अकरम था, जिसके पिता मोहम्मद निसार एक दर्जी हैं और मां शहजादी घरेलू कामकाज करती हैं। परिवार विष्णु गार्डन कॉलोनी में किराए पर रह रहा था।पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर फैला दी है, और अकरम के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

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