Author: UmaKant Joshi
IAS टीना डाबी का सिंघम अंदाज :बाड़मेर में सख्त कार्रवाई राजस्थान के बाड़मेर जिले की कलेक्टर आईएएस टीना डाबी इन दिनों अपने सख्त और एक्शन से भरे अंदाज के कारण सुर्खियों में हैं। बाड़मेर को स्वच्छ और साफ बनाने के लिए टीना डाबी ने ‘नवो बाड़मेर’ अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत वह सड़क पर उतरकर कार्रवाई कर रही हैं। टीना का यह दृढ़संकल्पित और निष्पक्ष रुख लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। 1. दुकानदारों को दी सख्त चेतावनी टीना डाबी ने सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए स्वयं मैदान में उतरकर निरीक्षण किया। एक वायरल वीडियो में टीना माइक लेकर जनता से स्वच्छता बनाए रखने की अपील करती नजर आईं। जब कुछ लोग सड़क पर रुकने लगे तो उन्होंने कड़क अंदाज में कहा, “अगर रुकोगे, तो सफाई कराऊंगी।” उन्होंने एक दुकानदार को डस्टबिन न होने पर दुकान बंद करने की चेतावनी दी और कहा, “सुधर जाओ, नहीं तो दुकान बंद करा दूंगी।” 2. चौखट पर बैठकर दुकानदार से करवाई सफाई टीना डाबी का शहर की साफ-सफाई पर कितना ध्यान है, यह उस वक़्त साफ दिखा जब वह खुद एक दुकान के बाहर चौखट पर बैठकर दुकानदार से सफाई करवाने लगीं। इस दौरान उन्होंने व्यापारी का चालान भी कटवाया और कहा, “मुझे चालान काटते हुए बहुत बुरा लग रहा है, लेकिन आप पढ़े-लिखे हैं, आपको गंदगी नहीं करनी चाहिए।” 3. स्पा सेंटर पर छापा और गेट तोड़ने की कार्रवाई सफाई अभियान के दौरान टीना डाबी ने एक स्पा सेंटर पर भी छापा मारा। जब स्पा संचालक ने गेट बंद कर दिया और काफी देर तक गेट नहीं खोला, तो टीना डाबी ने अधिकारियों को गेट तोड़ने का आदेश दे दिया। गेट तोड़ने के बाद पुलिस ने स्पा सेंटर से पांच लड़कियों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया। टीना डाबी ने इस सेंटर में सेक्स रैकेट चलाए जाने की आशंका भी जताई। टीना डाबी की ये तीन बड़ी कार्रवाईयां यह दिखाती हैं कि वह बाड़मेर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं, और उनका यह सख्त रुख उन्हें लोगों के बीच ‘सिंघम’ की छवि दिला रहा है।
जयपुर में दशहरा महोत्सव रावण दहन की भव्य तैयारियां पूरी जयपुर में असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक दशहरा महोत्सव मनाने के लिए विभिन्न रामलीला मैदानों में रावण दहन की तैयारियां जोरों पर हैं। इस वर्ष आदर्श नगर, विद्याधर नगर, प्रताप नगर और रामलीला मैदान में रावण दहन के भव्य आयोजन किए जाएंगे, जिनमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी। मुख्य कार्यक्रम और शोभायात्रा: श्री राम मंदिर प्रन्यास समिति द्वारा आदर्श नगर दशहरा मैदान में 105 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि होंगे। दोपहर 2:30 बजे भगवान राम की शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो आदर्श नगर का भ्रमण कर शाम 6:15 बजे दशहरा मैदान पहुंचेगी। मुख्यमंत्री भगवान श्री राम का स्वागत करेंगे और 7:15 बजे भव्य आतिशबाजी के साथ 105 फीट के रावण का दहन करेंगे। इस कार्यक्रम में सांसद मंजू शर्मा, मेयर सोमिया गुर्जर और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहेंगे। विद्याधर नगर: 121 फीट का रावण दहन विद्याधर नगर स्टेडियम में जयपुर दशहरा मेला समिति द्वारा 121 फीट ऊंचे रावण का दहन होगा, जिसे जयपुर घराने के पूर्व महाराज पदमनाभ सिंह संपन्न करेंगे। इस कार्यक्रम का शुभ मुहूर्त रात 9:15 बजे का है, जिसमें राजस्थान के राज्यपाल हरी भाऊ बागडे़ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। रामलीला मैदान: 70 फीट ऊंचे रावण का दहन रामलीला मैदान में 12 अक्तूबर को 70 फीट के रावण का दहन किया जाएगा, जिसे श्री सनातन धर्म महोत्सव समिति द्वारा आयोजित किया गया है। रावण दहन का समय शाम 8:15 बजे का तय किया गया है। इस आयोजन में त्रिवेणी धाम के संत, सांसद मंजू शर्मा और हवा महल विधायक बालमुकुंद आचार्य मुख्य अतिथि होंगे। प्रताप नगर: 51 फीट का रावण दहन प्रताप नगर के कुंभा मार्ग पर 51 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि होंगे और 6:00 बजे रावण दहन करेंगे। इस आयोजन में एक लाख से अधिक राम भक्तों के शामिल होने की उम्मीद है।
Rajasthan News अफसरों की मनमानी से अटकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। सरकारी कर्मचारी जहां रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन सुविधाओं के लिए वित्त विभाग के चक्कर काट रहे हैं, वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाले लोग भी पिछले चार महीनों से अपने भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। राज्य के वित्त विभाग के अफसरों ने इस प्रक्रिया को जटिल बना दिया है, जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ा है। ऐसा कोई विभाग नहीं है जो भुगतान के लिए वित्त विभाग के पास न जा रहा हो। पहले बेरोजगारी भत्ते के लिए परेशान किया गया, और अब सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान में भी देरी हो रही है। बजट है, पर पेंशन नहीं मिल रही सबसे चिंताजनक बात यह है कि सामाजिक न्याय विभाग के पास पेंशन देने के लिए बजट का प्रावधान तो है, लेकिन वित्त विभाग ने इस प्रक्रिया पर अपनी पकड़ बना रखी है। इससे पेंशनरों को भुगतान मिलने में देरी हो रही है, और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। लंबित पत्रावली और बढ़ती देरी हाल ही में सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाकर वाहवाही तो बटोरी, लेकिन पेंशनर अब भी महीनों से इस राशि के खातों में आने का इंतजार कर रहे हैं। मई 2024 से प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान रुका हुआ है, और इस संबंध में सामाजिक न्याय विभाग ने वित्त विभाग को पत्रावली भेजी थी, जो अब तक लंबित है। केंद्र से पैसे का इंतजार राज्य की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि पेंशन के भुगतान के लिए राज्य सरकार को केंद्र से धनराशि का इंतजार करना पड़ रहा है। वित्त विभाग ने कहा है कि इस सप्ताह केंद्र से करीब 10,000 करोड़ रुपये की राशि राज्य को ट्रांसफर होनी है, जिसके बाद पेंशन जारी करने का आश्वासन दिया गया है। मई से सितंबर तक पेंशन बकाया सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के अनुसार, मई से अगस्त 2024 तक की पेंशन राशि 1979.25 करोड़ रुपये बकाया है। जब इसमें सितंबर 2024 की राशि भी जोड़ दी जाए, तो कुल 2970.70 करोड़ रुपये पेंशनरों को दिए जाने हैं। पेंशनरों की परेशानियां बढ़ीं पेंशन भुगतान में देरी के कारण प्रतिदिन लगभग 250 से 300 पेंशनर्स विभागीय मुख्यालय के चक्कर काट रहे हैं। इनमें से अधिकतर लोग विलंब से भुगतान की समस्या को लेकर शिकायत कर रहे हैं। राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाले लोगों की परेशानी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस संकट का समाधान कब तक करती है।
Rajasthan News SI भर्ती परीक्षा पर फैसला जल्द राजस्थान में सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा को लेकर बना सस्पेंस जल्द खत्म हो सकता है। SI भर्ती प्रकरणों की समीक्षा के लिए गठित मंत्रियों की कमेटी ने अपना काम पूरा कर लिया है। अब यह परीक्षा निरस्त होगी या जारी रहेगी, इस पर 13 अक्टूबर को होने वाली कैबिनेट बैठक या मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विदेश दौरे से पहले फैसला लिया जा सकता है। गुरुवार को सचिवालय में विधि मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में SI भर्ती से जुड़े प्रकरणों की अंतिम समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के बाद यह संकेत मिल रहे हैं कि सरकार जल्द ही अपना निर्णय सुना सकती है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अगर परीक्षा को निरस्त किया जाता है, तो उन अभ्यर्थियों का क्या होगा जिन्होंने पूरी मेहनत और ईमानदारी से यह परीक्षा पास की है? साथ ही, अगर भविष्य में भर्ती को लेकर कानूनी विवाद उठते हैं या अदालत में याचिका दायर की जाती है, तो सरकार की रणनीति क्या होगी? इन सभी पहलुओं पर कमेटी ने गहन चर्चा की है। विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि गृह विभाग और SOG (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) द्वारा सभी आवश्यक तथ्यों का संकलन पूरा कर लिया गया है। अब मंत्रियों के बीच आपसी मंत्रणा के बाद एक राय बनाई जाएगी और सरकार को जल्द रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने भी बताया कि भर्ती निरस्त करने के संभावित प्रभावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया है। सभी तथ्यों और जानकारी को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट तैयार की जाएगी। 1-2 बैठकों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा, और अंतिम निर्णय सरकार द्वारा लिया जाएगा। माना जा रहा है कि 13 अक्टूबर को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक से पहले या मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से पूर्व इस मामले पर निर्णय हो जाएगा।
Tata Group सुबह की चाय से लेकर हवाई सफर तक टाटा समूह भारत का एक विशाल और प्रतिष्ठित कारोबारी समूह है, जो लगभग हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कर चुका है। यह समूह 30 कंपनियों का एक बड़ा नेटवर्क है, जिसका संचालन 100 से अधिक देशों में फैला हुआ है। टाटा का कारोबार ऑटोमोबाइल, उपभोक्ता उत्पाद, ऊर्जा, इंजीनियरिंग, आईटी सेवाएं, वित्तीय सेवाएं, रिटेल, और स्टील जैसे प्रमुख क्षेत्रों में फैला हुआ है। आइए, इस समूह के संचालन और इसकी प्रमुख कंपनियों के बारे में जानते हैं: टाटा समूह का कारोबार: टाटा समूह का संचालन टाटा संस द्वारा किया जाता है, जो कि समूह की होल्डिंग कंपनी है। टाटा संस की 66% हिस्सेदारी टाटा परिवार से जुड़े पांच प्रमुख ट्रस्टों के पास है। ये ट्रस्ट परोपकारी कामों में भी शामिल होते हैं। समूह की हर कंपनी स्वतंत्र रूप से काम करती है, लेकिन इनका नियंत्रण टाटा संस के तहत होता है। प्रमुख क्षेत्रों में टाटा समूह की कंपनियां: टाटा समूह की परोपकारी गतिविधियां: टाटा समूह न केवल व्यापार के लिए जाना जाता है, बल्कि समाज में सुधार के लिए भी अग्रणी रहा है। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट जैसे प्रमुख ट्रस्ट शिक्षा, स्वास्थ्य, और आजीविका सृजन जैसे क्षेत्रों में योगदान देते हैं। टाटा समूह की विशिष्ट पहचान: निष्कर्ष: टाटा समूह एक विविध और विशाल कारोबारी साम्राज्य है, जो न केवल व्यापारिक क्षेत्रों में अग्रणी है, बल्कि परोपकारी कामों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हैरी ब्रूक का तिहरा शतक मुल्तान में रचा इतिहास हैरी ब्रूक ने पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में तिहरा शतक जड़कर क्रिकेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है। उन्होंने 310 गेंदों में 300 रन बनाए, जिसमें 28 चौके और 3 छक्के शामिल थे। इस शानदार पारी के साथ, वे भारत के पूर्व बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बाद टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज तिहरा शतक बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। सहवाग का रिकॉर्ड सहवाग ने 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चेन्नई में महज 278 गेंदों में तिहरा शतक बनाया था, जो अब तक का सबसे तेज तिहरा शतक है। हैरी ब्रूक का 310 गेंदों में तिहरा शतक अब इस सूची में दूसरे स्थान पर है। इंग्लैंड के लिए तिहरा शतक ब्रूक इंग्लैंड के लिए टेस्ट में तिहरा शतक लगाने वाले छठे बल्लेबाज बने हैं। इससे पहले लेन हटन, वैली हैमंड, ग्राहम गूच, एंडी सैंडम, और जॉन एड्रिच ने भी इंग्लैंड के लिए तिहरा शतक लगाया था। इसके अलावा, ब्रूक पाकिस्तान के खिलाफ तिहरा शतक बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज बने हैं। सबसे तेज तिहरा शतक (गेंदों के लिहाज से) हैरी ब्रूक का यह अद्भुत प्रदर्शन न केवल उनके करियर के लिए, बल्कि इंग्लिश क्रिकेट के लिए भी एक नई उपलब्धि है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह एक यादगार पल है, और उनके भविष्य के खेलों के लिए यह प्रेरणा स्रोत बनेगा।
IND vs BAN हार्दिक पांड्या का शानदार कैच भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में एक असाधारण कैच लपककर सभी को हैरान कर दिया। इस मैच का आयोजन दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में हुआ, जहां भारतीय टीम ने बांग्लादेश के सामने 222 रनों का विशाल लक्ष्य रखा। शानदार कैच का कारनामा पारी के 14वें ओवर में, जब बांग्लादेश की टीम संघर्ष कर रही थी, तब हार्दिक ने वरुण चक्रवर्ती के ओवर की तीसरी गेंद पर रिशाद हुसैन द्वारा किए गए हवाई स्वीप को लपका। हार्दिक ने लगभग 27 मीटर की दौड़ लगाकर बाईं ओर डाइव लगाई और शानदार तरीके से कैच पकड़ लिया। गिरते समय उन्होंने कैच को नहीं छोड़ा, जिससे उनकी फुर्ती और दक्षता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस शानदार कैच का वीडियो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसके बाद फैंस इस पर जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। IND vs BAN हार्दिक पांड्या का शानदार कैच मैच का परिणाम भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नीतीश रेड्डी और रिंकू सिंह के अर्धशतकों की बदौलत 20 ओवर में 9 विकेट पर 221 रन बनाए। बांग्लादेश की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 135 रन ही बना सकी और भारत ने 86 रनों से यह मुकाबला जीत लिया। यह रनों के अंतर से बांग्लादेश के खिलाफ टी20 में भारत की सबसे बड़ी जीत है। गेंदबाजों का दमदार प्रदर्शन भारत ने अपनी गेंदबाजी में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। नीतीश रेड्डी और वरुण चक्रवर्ती ने दो-दो विकेट चटकाए, जबकि अर्शदीप सिंह, वाशिंगटन सुंदर, अभिषेक शर्मा, मयंक यादव, और रियान पराग ने एक-एक विकेट हासिल किया। दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार हुआ है जब किसी टी20 मुकाबले में भारत के सात गेंदबाजों को विकेट मिले। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। इससे पहले, भारतीय टीम ने बांग्लादेश को टेस्ट सीरीज में भी 2-0 से क्लीन स्वीप किया था। हार्दिक का यह कैच निश्चित रूप से इस मैच की सबसे बड़ी हाइलाइट रहा और उनकी प्रतिभा को एक बार फिर से उजागर किया।
Share Market Updates शेयर बाजार में तेज़ी सेंसेक्स 500अंक ऊपर शेयर बाजार में गुरुवार को सकारात्मक रुझान देखने को मिला, जिसमें सेंसेक्स 500 से अधिक अंकों की तेजी के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी 25,000 के पार पहुंच गया। सेंसेक्स 513 अंक या 0.63% की बढ़त के साथ 81,980.40 पर और निफ्टी 50 130 अंक या 0.52% की उछाल के साथ 25,112.65 पर कारोबार कर रहा है। एलएंडटी, पावर ग्रिड, एमएंडएम, एनटीपीसी और टाटा स्टील के शेयरों में 1% से अधिक की वृद्धि देखी गई, जिससे बाजार में मजबूती आई। इसके विपरीत, इंफोसिस, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, और एशियन पेंट्स के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। एलएंडटी के शेयरों में 2% की बढ़त का मुख्य कारण महाराष्ट्र में नए उर्वरक संयंत्र के लिए राष्ट्रीय केमिकल्स द्वारा 1,000 करोड़ रुपये का अनुबंध मिलने से हुआ। इस बढ़त ने बाजार को और समर्थन दिया। इसके साथ ही, घरेलू बाजार में निफ्टी स्मॉलकैप 100 और मिडकैप 100 में भी 0.5% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई, जो यह दर्शाता है कि छोटे और मझोले शेयरों में भी अच्छी तेजी है। बाजार का ध्यान गुरुवार को आने वाले मुद्रास्फीति (CPI) के आंकड़ों पर रहेगा, जिससे यह समझने में मदद मिलेगी कि फेडरल रिजर्व के अगले कदम क्या होंगे। कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार के रुझान को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए निवेशकों की नजर इस पर भी टिकी रहेगी। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती के संकेत मिलने के बाद भारतीय बाजार में भी इस सकारात्मक रुझान का असर देखा जा रहा है।
राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है, जिसमें उनकी निजी विदेश यात्राओं पर निगरानी रखने के नियमों को सख्त कर दिया गया है। अब यदि कोई सरकारी कर्मचारी निजी यात्रा पर विदेश जाना चाहता है, तो उसे पहले से अधिक जानकारी देनी होगी। इनमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि उन्हें यह बताना पड़ेगा कि यात्रा के लिए धन की व्यवस्था कहां से की गई है। नई गाइडलाइन की प्रमुख शर्तें राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है कड़ी निगरानी और पारदर्शिता सरकार ने इन नियमों को लागू करके सरकारी कर्मचारियों की विदेश यात्राओं पर कड़ी नजर रखने का निर्णय लिया है। इससे न केवल कर्मचारियों की विदेश यात्राओं का सही ब्यौरा रहेगा, बल्कि यात्रा के लिए धन की व्यवस्था की पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। अब तक कर्मचारियों को केवल यात्रा की अवधि और कारण बताना होता था, लेकिन नए नियमों के तहत यात्रा के खर्च और इसके स्रोत की जानकारी भी देना जरूरी होगा। पहली बार ऐसी जानकारी मांगी जा रही है यह पहली बार है जब राजस्थान सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की निजी विदेश यात्राओं को लेकर इतनी विस्तृत जानकारी मांगी है। इससे सरकारी कर्मचारियों की गतिविधियों पर सरकार की बेहतर निगरानी हो सकेगी और भ्रष्टाचार या अनियमितताओं पर भी अंकुश लगेगा। इन नई शर्तों के तहत, सरकार का उद्देश्य यह है कि सरकारी कर्मचारी विदेश यात्राओं के दौरान किसी अवांछनीय गतिविधि में शामिल न हों और उनकी यात्रा पूरी तरह से वैध और पारदर्शी हो।
रतन टाटा 86 साल की उम्र में महान उद्योगपति का निधन देश के सबसे सम्मानित और प्रतिष्ठित उद्योगपतियों में से एक, रतन टाटा, का 86 साल की उम्र में निधन हो गया। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से देश के औद्योगिक और सामाजिक क्षेत्र में गहरा शोक छा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रतन टाटा को असाधारण व्यक्तित्व और दूरदर्शी सोच का व्यक्ति बताया और उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। रतन टाटा: जीवन और करियर की शुरुआत 28 दिसंबर 1937 को जन्मे रतन टाटा का बचपन एक प्रतिष्ठित पारिवारिक माहौल में बीता। वे टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी टाटा के दत्तक पोते और नवल टाटा के पुत्र थे। स्कूली शिक्षा मुंबई में प्राप्त करने के बाद, उन्होंने कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से आर्किटेक्चर में स्नातक किया। इसके बाद, रतन टाटा ने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एडवांस मैनेजमेंट प्रोग्राम की पढ़ाई की, जिससे उन्हें नेतृत्व और प्रबंधन में गहरा अनुभव मिला। टाटा समूह में योगदान और नई ऊँचाइयाँ रतन टाटा ने 1961 में टाटा समूह में अपने करियर की शुरुआत की। शुरुआत में उन्होंने टाटा स्टील के शॉप फ्लोर पर काम किया, जहाँ से उनकी विनम्र शुरुआत हुई। साल 1991 में उन्हें टाटा ग्रुप का चेयरमैन बनाया गया। उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने अभूतपूर्व ऊंचाइयों को छुआ। उन्होंने टाटा समूह को न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मजबूत बनाया। रतन टाटा के नेतृत्व में, टाटा समूह ने लैंड रोवर और जगुआर जैसी वैश्विक ब्रांडों का अधिग्रहण किया, जिससे भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच पर चमक उठा। टाटा मोटर्स द्वारा भारत की पहली पूर्ण रूप से स्वदेशी कार टाटा इंडिका का निर्माण भी उन्हीं की सोच का परिणाम था। इसके साथ ही, टाटा नैनो जैसी दुनिया की सबसे सस्ती कार का उत्पादन करके उन्होंने मध्यम वर्ग के लोगों के लिए कार खरीदना संभव बनाया। परोपकार और समाजसेवा रतन टाटा को सिर्फ एक सफल उद्योगपति के रूप में नहीं, बल्कि एक समाजसेवी और परोपकारी के रूप में भी जाना जाता है। उनके नेतृत्व में टाटा ट्रस्ट्स ने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए। उन्होंने हमेशा सामाजिक उत्थान और जन कल्याण को प्राथमिकता दी। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य सेवा तक, रतन टाटा की पहल ने लाखों लोगों की जिंदगियों को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। सादगी और विनम्रता के प्रतीक रतन टाटा अपनी सादगी और सरल स्वभाव के लिए भी प्रसिद्ध थे। उन्होंने हमेशा विनम्रता को अपना जीवन सिद्धांत बनाया। इतनी बड़ी जिम्मेदारियों के बावजूद, उन्होंने कभी भी भव्य जीवनशैली नहीं अपनाई और लोगों के साथ सीधे संवाद करना पसंद किया। 2008 में मुंबई आतंकी हमलों के बाद, जब ताज होटल पर हमला हुआ था, तब रतन टाटा ने न केवल अपने कर्मचारियों की मदद की, बल्कि उन सभी पीड़ित परिवारों की भी सहायता की, जो इस हमले से प्रभावित हुए थे। सम्मान और पुरस्कार रतन टाटा को उनकी अभूतपूर्व उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। साल 2008 में उन्हें पद्म विभूषण, जो कि भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, उन्होंने दुनिया भर से कई मानद उपाधियां और पुरस्कार प्राप्त किए, जिनमें कॉर्नेल यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से प्राप्त सम्मान शामिल हैं। अंतिम दिनों की अफवाहें और वास्तविकता रतन टाटा के निधन से पहले भी उनके स्वास्थ्य को लेकर अफवाहें फैल गई थीं। सोमवार को खबरें आई थीं कि उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है, लेकिन खुद रतन टाटा ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से इन खबरों का खंडन किया था। हालांकि, बुधवार रात को वे अंततः अपनी लंबी बीमारी से जूझते हुए दुनिया से विदा हो गए। टाटा परिवार और उद्योग जगत की प्रतिक्रिया रतन टाटा के निधन पर टाटा समूह के मौजूदा चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “रतन टाटा न केवल टाटा समूह के अध्यक्ष थे, बल्कि वे मेरे लिए एक गुरु, मार्गदर्शक और मित्र थे। उनका नेतृत्व और उनके द्वारा स्थापित नैतिक मानदंड आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।” रतन टाटा की मृत्यु ने न केवल भारत के उद्योग जगत में बल्कि समाज के हर वर्ग में एक गहरा शून्य पैदा कर दिया है। उनकी परोपकारिता, दूरदर्शी सोच और मानवता के प्रति समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा। समाप्ति और विरासत रतन टाटा की विरासत उनके द्वारा स्थापित नैतिकता, व्यापार की दूरदर्शी सोच और समाज के प्रति गहरी संवेदनशीलता के रूप में हमेशा जीवित रहेगी। उनका जीवन एक उदाहरण है कि सफलता और विनम्रता साथ-साथ चल सकते हैं। भारत के इतिहास में उनका योगदान हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा, और आने वाली पीढ़ियाँ उनकी प्रेरणादायक यात्रा से सीखती रहेंगी।
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