Author: UmaKant Joshi
Rajasthan भजनलाल सरकार का फिर यू-टर्न की भजनलाल सरकार ने एक बार फिर अपने फैसले पर यू-टर्न लिया है। सरकार ने रविवार को स्थानीय निकायों में मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी, लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद आदेश को स्थगित कर दिया गया। इस फैसले ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। स्थगित की गई नियुक्तियांराज्य के पांच निगमों में कुल 56 सदस्यों की नियुक्ति की गई थी, जिसमें भरतपुर, उदयपुर, जोधपुर उत्तर, जोधपुर दक्षिण, और पाली नगर निगम शामिल थे। इसके अलावा, विभिन्न नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में भी सदस्य नियुक्त किए गए थे। लेकिन नियुक्ति की अधिसूचना जारी होने के तुरंत बाद, इन्हें स्थगित करने के आदेश दे दिए गए। राजनीतिक नियुक्तियों पर सवालभजनलाल सरकार की इस नीति के यू-टर्न से विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। यह पहली बार नहीं है कि सरकार ने किसी फैसले पर यू-टर्न लिया हो। इससे पहले भी सरकार के कई फैसले पलटे गए हैं, जिससे आम जनता और राजनीतिक विश्लेषकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। स्थगन के कारणों पर अटकलेंइस अचानक आए यू-टर्न के कारणों पर सरकार की तरफ से कोई स्पष्ट कारण नहीं दिया गया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ का मानना है कि इन नियुक्तियों को लेकर आंतरिक मतभेद थे, जबकि कुछ इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम मान रहे हैं। नव-नियुक्त सदस्यों की नाराजगीनव-नियुक्त सदस्य, जिन्हें बधाई मिलने से पहले ही उनके पद से वंचित कर दिया गया, इस फैसले से नाराज बताए जा रहे हैं। इन सदस्यों ने सरकार के इस रवैये पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। इस घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि सरकार की नीतिगत दिशा में अभी भी असमंजस है, और इसके राजनीतिक परिदृश्य पर गहरे प्रभाव पड़ सकते हैं।
Rajasthan विश्वविद्यालय के खाने में मिली छिपकली की हिलती हुई पूंछ के अजमेर में सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जब छात्रों के खाने में छिपकली की कटी हुई पूंछ पाई गई। घटना शनिवार रात की है, जब एक छात्र ने मेस में सब्जी में छिपकली की पूंछ को देखा, जिससे छात्रों में हड़कंप मच गया। छात्रों ने मेस संचालक और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध किया। बढ़ते विवाद को देखते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति से इसकी जांच कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि छात्रों की सेहत से कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उचित कदम उठाए जाएंगे। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार विपिन कुमार ने कहा कि वे मामले की जानकारी लेने किशनगढ़ जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे सोशल मीडिया पर मिली जानकारी के आधार पर स्थिति का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं। हालांकि, जब छात्रों ने यूनिवर्सिटी की पीआरओ अनुराधा मित्तल से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया और बाद में भेजे गए मैसेज का भी जवाब नहीं दिया। इस मामले ने छात्रों के बीच चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है, और उचित कार्रवाई की मांग की जा रही है।
US क्या फिर निशाने पर थे ट्रंप? डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में एक और सेंध लगने की खबर आई है। कैलिफोर्निया के कोचेला में ट्रंप की रैली के दौरान एक व्यक्ति को अवैध बंदूक और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है। सीक्रेट सर्विस ने पुष्टि की है कि उन्हें इस गिरफ्तारी की जानकारी थी, और रैली में न तो ट्रंप और न ही अन्य उपस्थित लोग किसी खतरे में थे। रविवार को जारी एक संयुक्त बयान में, सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि गिरफ्तारी के समय कोई संघीय गिरफ्तारी नहीं की गई है, लेकिन मामले की जांच जारी है। रिवरसाइड काउंटी शेरिफ कार्यालय ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान लास वेगास के 49 वर्षीय वेम मिलर के रूप में हुई है, जिसे बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया है। उसकी अदालत में सुनवाई 2 जनवरी को होगी। गिरफ्तारी की घटना तब हुई जब मिलर एक काले रंग की एसयूवी में रैली स्थल के पास एक चेकपॉइंट पर पहुंचा। शेरिफ के डिप्टी ने उसे उस समय गिरफ्तार किया जब उसके पास लोडेड बंदूक और उच्च क्षमता वाली मैगजीन पाई गई। यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप को निशाना बनाया गया है। पहले भी उन्हें दो बार हमलों का सामना करना पड़ा है। पहली बार पेंसिल्वेनिया में एक गोली उनके कान के पास से निकली थी, और दूसरी बार फ्लोरिडा के गोल्फ कोर्स के बाहर एक व्यक्ति को हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया था। रिवरसाइड काउंटी के शेरिफ चैड बियांको ने कहा कि कोई नहीं जानता कि उस व्यक्ति के मन में क्या था। उन्होंने यह भी कहा कि डिप्टी ने संभावित तीसरे हत्या के प्रयास को रोका। मिलर के पास कई पासपोर्ट और विभिन्न नामों वाले आईडी थे, जो उसके अपंजीकृत वाहन में मिले। उन्होंने बताया कि आगे कोई भी आरोप संघीय अधिकारियों द्वारा लगाया जाएगा।
Baba Siddiqui Murder Case हत्यारोपी धर्मराज कश्यप नाबालिग नहीं महाराष्ट्र पुलिस राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या की जांच कर रही है। इस हाईप्रोफाइल केस में नए घटनाक्रम के अनुसार, हत्यारोपी धर्मराज कश्यप नाबालिग नहीं है। अस्थि परीक्षण से इसकी पुष्टि हुई है, जिसके बाद उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। शनिवार रात को बांद्रा इलाके में तीन हमलावरों ने बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मुंबई पुलिस ने हरियाणा निवासी गुरमेल बलजीत सिंह (23) और उत्तर प्रदेश निवासी धर्मराज राजेश कश्यप (19) को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद धर्मराज के वकील ने दावा किया था कि वह नाबालिग है, जिसे अदालत ने संज्ञान में लेते हुए अस्थि परीक्षण का आदेश दिया। परीक्षण के बाद यह साबित हुआ कि कश्यप नाबालिग नहीं है। अब उसे 21 अक्तूबर तक पुलिस हिरासत में रखा जाएगा। इस बीच, मुंबई पुलिस ने पुणे से प्रवीण लोनकर को भी गिरफ्तार किया है, जो इस मामले से जुड़े शुभम लोनकर का भाई है। दोनों भाइयों पर सिद्दीकी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। मामले की जांच जारी है, और पुलिस विभिन्न पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही है। क्या है मामला? राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या शनिवार रात बांद्रा के वीवीआईपी इलाके में हुई थी। उन्हें लीलावती अस्पताल ले जाया गया, जहां रात 11:27 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि सिद्दीकी को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम भी सामने आ रहा है।
Womens T20 World Cup पाकिस्तान से उम्मीदें भारतीय महिला क्रिकेट टीम टी20 विश्व कप 2024 के सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए अब पाकिस्तान पर निर्भर है। रविवार को ऑस्ट्रेलिया से हारने के बाद भारत के लिए समीकरण मुश्किल हो गए हैं। टीम अब न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच पर नजरें गड़ाए बैठी है। अगर पाकिस्तान न्यूजीलैंड को हरा देता है, तो भारत सेमीफाइनल में अपनी जगह बना सकता है। भारतीय महिला टीम के कोच अमोल मजूमदार ने न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले इस महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले पाकिस्तान को शुभकामनाएं दीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक पत्रकार ने उनसे इस बारे में सवाल पूछा, तो मजूमदार ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं पाकिस्तान को शुभकामनाएं देना चाहता हूं। हम इस मैच को करीब से देख रहे होंगे।” टीम इंडिया ने की सामूहिक प्रयास की बात ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए मैच में कई टर्निंग पॉइंट्स आए। कुछ कैच छूटे और श्रेयंका पाटिल के अंतिम ओवरों में 26 रन दिए गए, जो मैच का रुख बदलने में अहम साबित हुए। हालांकि, कोच मजूमदार ने किसी विशेष घटना को टर्निंग पॉइंट नहीं बताया और इसे सामूहिक प्रयास का नतीजा कहा। उन्होंने कहा, “हम सब इसमें एक साथ हैं। हमें इससे सीखने की जरूरत है और आने वाले दिनों में परिणाम हमारे पक्ष में होंगे।” ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार से भारत की स्थिति मुश्किल रविवार को ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 9 रनों से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। ऑस्ट्रेलिया ने 20 ओवर में 151 रन बनाए, जिसके जवाब में भारत 142 रन ही बना सका। भारत को यह मुकाबला जीतने या नेट रनरेट सुधारने के लिए तेज़ी से रन बनाने की जरूरत थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। भारत का नेट रनरेट अब +0.322 रह गया है, जो न्यूजीलैंड (+0.282) से बेहतर है। अगर न्यूजीलैंड पाकिस्तान को हरा देता है, तो भारत टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार 54 रनों की पारी खेली, लेकिन अंतिम ओवर में टीम को जीत दिलाने में असफल रहीं। ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिनेक्स ने 32 रन देकर 2 विकेट लिए और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनीं। अब भारतीय टीम पाकिस्तान की जीत की प्रार्थना कर रही है ताकि वे सेमीफाइनल में जगह बना सकें।
यूपी: उपचुनाव में अयोध्या की सीट और कटेहरी सीट को लेकर भाजपा का बड़ा फैसला, इन चेहरों पर लगाएगी दांव
यूपी उपचुनाव में अयोध्या की सीट और कटेहरी सीट उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा ने अहम फैसले किए हैं। दिल्ली में भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के साथ एक बैठक में यह तय किया गया कि कटेहरी, मझवां, फुलपुर, और मिल्कीपुर सीटों पर पिछड़े समुदाय के नेताओं को ही उम्मीदवार बनाया जाएगा। खासकर कटेहरी और मझवां सीटों पर पिछड़े वर्ग के नेताओं को उतारने की योजना है, जबकि मिल्कीपुर सीट से दलित चेहरा उतारा जाएगा, जो एक सुरक्षित सीट है। इन सीटों पर जीत भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यक्तिगत रूप से इनकी जिम्मेदारी ली है। बैठक में भाजपा के शीर्ष नेताओं ने जातीय समीकरणों, मौजूदा मुद्दों, और प्रचार अभियानों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री योगी ने अब तक की गई रैलियों, जनसभाओं, और विकास कार्यों की रिपोर्ट दी। इसके अलावा, भाजपा ने सपा और बसपा द्वारा उम्मीदवार उतारने पर अपनी रणनीति तैयार की, विशेष रूप से उन सीटों पर अधिक फोकस किया जा रहा है, जहां सपा का कब्जा है। संजय निषाद को मनाने की कोशिशकटेहरी और मझवां सीटों पर संजय निषाद की पार्टी भी दावेदारी जता रही है। भाजपा ने निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद को मनाने की जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को दी है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नेताओं को निर्देश दिया है कि संजय निषाद को समझाया जाए कि भाजपा की ओर से सिर्फ एक सीट दी जाएगी, वह भी भाजपा के सिंबल पर। गठबंधन धर्म पर जोरसंजय निषाद का कहना है कि गठबंधन धर्म का पालन होना चाहिए। 2022 के चुनाव में कटेहरी और मझवां सीटें निषाद पार्टी को दी गई थीं, तो इस बार भी उन्हें वही सीटें मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि रालोद को मीरापुर सीट दी गई है, इसलिए निषाद पार्टी को भी दोनों सीटें मिलनी चाहिए।
बाबा सिद्दीकी की हत्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी मुंबई के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच के अनुसार, इस हत्या की जिम्मेदारी कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है। गैंग ने सोशल मीडिया के जरिए हत्या के पीछे की वजह बताते हुए दावा किया है कि बाबा सिद्दीकी के दाऊद इब्राहीम और अनुज थापन के साथ संबंध थे, जिस कारण यह कदम उठाया गया। हत्या की साजिश और गैंग का बयानबिश्नोई गैंग ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उनका सलमान खान से कोई विवाद नहीं था, लेकिन बाबा सिद्दीकी के कथित तौर पर दाऊद इब्राहीम के साथ संबंधों ने गैंग को यह कदम उठाने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा कि जो भी सलमान खान या दाऊद के गिरोह की मदद करेगा, उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारीमुंबई पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन आरोपियों की पहचान की है। इनमें करनैल सिंह और धर्मराज को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि शिवकुमार की तलाश जारी है। जांच के अनुसार, आरोपियों को पहले से ही पैसे दिए गए थे और कुछ दिन पहले ही उन्हें हथियारों की डिलीवरी मिली थी। पुलिस का मानना है कि यह सुपारी देकर करवाई गई हत्या है। हत्या की योजना और घटनास्थल की रेकीआरोपियों ने लगभग दो महीने से बाबा सिद्दीकी के घर और दफ्तर की रेकी कर रखी थी। घटना वाले दिन, वे ऑटो रिक्शा से बांद्रा ईस्ट पहुंचे और वहां इंतजार कर रहे थे। जैसे ही बाबा सिद्दीकी पहुंचे, उन पर छह राउंड फायरिंग की गई, जिसमें से तीन गोलियां उन्हें लगीं। उन्हें तुरंत लीलावती अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। विपक्ष ने उठाए सवालइस घटना के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, और ऐसे में यह हत्या सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। मुंबई पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और हत्या के पीछे के मास्टरमाइंड को पकड़ने की कोशिश जारी है।
भारत पर लगा आरोप रूस को प्रतिबंधित टेक्नोलॉजी की सप्लाई अमेरिकी और यूरोपीय अधिकारियों ने हाल ही में भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वह रूस को उन तकनीकी उपकरणों की आपूर्ति कर रहा है, जिन पर पश्चिमी देशों ने प्रतिबंध लगाया हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन प्रतिबंधित तकनीकों का इस्तेमाल रूस अपने हथियारों के निर्माण और युद्ध के दौरान कर रहा है। इससे भारत रूस का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया है, जो वैश्विक राजनीति और यूक्रेन के सहयोगी देशों के लिए चिंता का कारण है। टेक्नोलॉजी पर बैन के बावजूद सप्लाई ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत रूस को उन तकनीकी उपकरणों का निर्यात कर रहा है, जिन पर अमेरिका और यूरोपीय संघ के देशों ने प्रतिबंध लगाया हुआ है। इस सप्लाई के चलते रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा किए गए उस वादे का कोई मतलब नहीं रह जाता, जिसमें उन्होंने युद्ध में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की सप्लाई पर रोक लगाने की बात कही थी। अधिकारियों ने बताया कि भारत अब रूस को माइक्रोचिप्स, सर्किट और मशीन टूल्स जैसी संवेदनशील और प्रतिबंधित वस्तुओं की सप्लाई कर रहा है। निर्यात का बढ़ता स्तर रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत से रूस को अप्रैल और मई के बीच 6 करोड़ डॉलर से ज्यादा का निर्यात हुआ, जो इस साल के पहले महीनों की तुलना में लगभग दोगुना था। जुलाई में यह आंकड़ा 9.5 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया था। इन तकनीकी वस्तुओं के निर्यात में भारत के बाद केवल चीन ही रूस का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। भारत की चुप्पी और पश्चिमी देशों की निराशा अमेरिका और यूरोपीय देशों के अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन के सहयोगी देशों के लिए यह स्थिति निराशाजनक है। पश्चिमी दूतों द्वारा इस मुद्दे को उठाने पर भी भारतीय समकक्षों की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली है। जब इस बारे में भारतीय विदेश मंत्रालय से पूछा गया, तो उन्होंने टिप्पणी करने से मना कर दिया। रूस तक पहुंच रही संवेदनशील तकनीक रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस के सैन्य-औद्योगिक परिसर में बड़ी संख्या में सेंसिटिव टेक्नोलॉजी पहुंच रही है, जिसमें भारत का योगदान लगभग पांचवां हिस्सा है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को ढाई साल हो चुके हैं, लेकिन अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए रूस की सैन्य क्षमताओं को सीमित करने में मुश्किलें आ रही हैं। भारत की भूमिका ने पेश की नई चुनौती भारत द्वारा ऐसे प्रतिबंधित सामानों की शिपमेंट ने एक नई चुनौती खड़ी की है, क्योंकि पश्चिमी देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के साथ अपने संबंध मजबूत करना चाहते हैं। दूसरी तरफ, पीएम मोदी रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ भी संबंध विकसित कर रहे हैं, और रूस से तेल खरीद में भारत सबसे बड़ा खरीदार बन चुका है। रूस ने इन तेल बिक्री से बड़ी मात्रा में धन जमा किया है, जो यूक्रेन युद्ध के दौरान उसकी अर्थव्यवस्था को सहारा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस घटनाक्रम से भारत, रूस और पश्चिमी देशों के बीच के संबंधों में एक नया मोड़ आ गया है, जिससे वैश्विक राजनीति और भू-राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। लेखक परिचय:राजेश भारती, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर के तौर पर काम करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 15 सालों का अनुभव है। राजेश ने नवभारत टाइम्स, दैनिक भास्कर और लोकमत जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के लिए विभिन्न विषयों पर फीचर स्टोरी और रिपोर्टिंग की है।
नोएल टाटा बने टाटा ट्रस्ट के नए चेयरमैन रतन टाटा की जगह लेंगे टाटा समूह के प्रतिष्ठित फिलंथा्रपिक संगठन, टाटा ट्रस्ट, का चेयरमैन अब नोएल टाटा होंगे। यह नियुक्ति रतन टाटा के निधन के बाद हुई है, जिनका हाल ही में 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। नोएल टाटा पहले से ही सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के बोर्ड में ट्रस्टी के रूप में कार्यरत हैं और वे टाटा ट्रेंट के चेयरमैन तथा टाटा स्टील के उप चेयरमैन भी हैं। नोएल टाटा की पृष्ठभूमि नोएल टाटा ने 40 से अधिक वर्षों तक टाटा समूह के साथ काम किया है और वे विभिन्न कंपनियों के बोर्ड में कार्यरत हैं, जैसे कि टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड, वोल्टास, और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन। उन्होंने ट्रेंट के प्रबंध निदेशक के रूप में 11 वर्ष तक कार्य किया, जहां उन्होंने कंपनी की खुदरा श्रृंखला को 2.8 लाख करोड़ रुपये की कंपनी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टाटा ट्रस्ट का महत्व टाटा ट्रस्ट, टाटा संस के 66% हिस्से का मालिक है, जो टाटा ब्रांड के अंतर्गत विभिन्न कंपनियों का होल्डिंग कंपनी है। इसका गठन 1892 में जमशेदजी टाटा द्वारा किया गया था और तब से यह शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, और आवास जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विस्तारित हो गया है। भविष्य की संभावनाएं रतन टाटा के करीबी विश्वासपात्र मेहली मिस्त्री भी टाटा ट्रस्ट्स के नेतृत्व के लिए शीर्ष दावेदार माने जा रहे हैं। मेहली मिस्त्री 2000 से ट्रस्ट्स के साथ जुड़े हुए हैं और उन्हें ट्रस्ट्स में सक्रिय रूप से देखा जाता है। पारसी समुदाय की सहमति किसी को नियुक्त करने के लिए पारसी समुदाय में आम सहमति जरूरी है। वर्तमान में टाटा ट्रस्ट्स के दो प्रमुख टीवीएस के वेणु श्रीनिवासन और पूर्व रक्षा सचिव विजय सिंह हैं, जो उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। रतन टाटा का दृष्टिकोण रतन टाटा ने एक बार कहा था, “मैं इन ट्रस्टों का वर्तमान अध्यक्ष हूँ, भविष्य में यह कोई और भी हो सकता है, जरूरी नहीं कि उसका उपनाम ‘टाटा’ हो।” यह विचार उनके दृष्टिकोण को दर्शाता है कि संस्थाएं सदैव चलती रहेंगी, चाहे नेतृत्व में बदलाव आए। अगली पीढ़ी की तैयारी नोएल टाटा का बेटा Neville Tata 2016 में ट्रेंट में शामिल हुए और हाल ही में स्टार बाजार के प्रमुख बने हैं। उनकी बेटियों, Leah Tata और Maya Tata, को भी टाटा समूह की कंपनियों में शामिल किया गया है। लिआह को हाल ही में इंडियन होटल्स में गेटवे ब्रांड का प्रभार दिया गया, जबकि माया टाटा टाटा डिजिटल में काम कर रही हैं। इस प्रकार, नोएल टाटा की नियुक्ति टाटा ट्रस्ट के लिए एक नई दिशा प्रदान करती है और समूह की स्थिरता एवं विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पीएम मोदी का ईस्ट एशिया सम्मेलन में महत्वपूर्ण संबोधन भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ईस्ट एशिया सम्मेलन को संबोधित किया, जहां उन्होंने एक खास उपलब्धि हासिल की। पीएम मोदी इस सम्मेलन में अध्यक्षता पाने वाले पहले नेता हैं। लाओस के प्रधानमंत्री के बाद मोदी ने सम्मेलन को संबोधित किया, जो भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण क्षण है। मोदी की भागीदारी पीएम मोदी की इस सम्मेलन में भागीदारी उल्लेखनीय है, क्योंकि उन्होंने अब तक के 19 सम्मेलनों में से 9 बार इसमें हिस्सा लिया है। यह उनकी सक्रियता और क्षेत्रीय मुद्दों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आसियान की अहमियत पर जोर अपने संबोधन में, मोदी ने आसियान देशों की एकता का समर्थन करने के साथ-साथ भारत की हिंद प्रशांत नीति और क्वाड सहयोग के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “एक मुक्त, समावेशी और समृद्ध, नियम आधारित हिंद प्रशांत क्षेत्र पूरे इलाके की शांति और समृद्धि के लिए बहुत जरूरी है।” द्विपक्षीय मुलाकात सम्मेलन के दौरान, पीएम मोदी ने अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ द्विपक्षीय मुलाकात भी की। इस मुलाकात में मोदी ने अमेरिका में हाल ही में आए चक्रवाती तूफान मिल्टन में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। भारत की एक्ट ईस्ट नीति का जश्न गुरुवार को, पीएम मोदी ने लाओस में 21वें आसियान-भारत सम्मेलन में भी शिरकत की। यह सम्मेलन भारत की एक्ट ईस्ट नीति के 10 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया था, जो भारत और आसियान देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। ईस्ट एशिया सम्मेलन का इतिहास ईस्ट एशिया सम्मेलन की शुरुआत 2005 में हुई थी और इसकी पहली बैठक मलयशिया के कुआलालंपुर में आयोजित की गई थी। इस सम्मेलन में 16 सदस्य देशों के राष्ट्रप्रमुख भाग लेते हैं, जिनमें आसियान सदस्य देश, ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, जापान, न्यूजीलैंड और दक्षिण कोरिया शामिल हैं। 2011 में, अमेरिका और रूस को भी इस सम्मेलन में शामिल किया गया। इस तरह, पीएम मोदी का यह संबोधन भारत की विदेश नीति में एक नई दिशा को इंगित करता है, जिससे भारत की भूमिका क्षेत्र में और मजबूत हो रही है।
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