Author: UmaKant Joshi

टोंक जिले की देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर हुए थप्पड़ कांड के बाद समरावता में हालात तनावपूर्ण, पुलिस ने इंटरनेट सेवा बंद की SDM थप्पड़ कांड: टोंक जिले की देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर मतदान के दौरान हुए विवाद ने बुधवार को हिंसक रूप ले लिया। निर्दलीय प्रत्याशी और कांग्रेस के बागी नेता नरेश मीणा द्वारा एसडीएम को थप्पड़ मारने के बाद पूरे क्षेत्र में हंगामा मच गया। पुलिस ने आज गुरुवार को आरोपी नरेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया है। कैसे हुआ विवाद? मतदान के दौरान धरने में शामिल लोगों के लिए आए भोजन को लेकर विवाद शुरू हुआ। नरेश मीणा ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उनके समर्थकों के लिए बाहर से लाया गया भोजन पुलिस ने टोल पर रोक दिया था। इसी बात पर मीणा ने अकेले ही पुलिस अधिकारी से बात करने का फैसला लिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। समर्थकों को जब इसकी सूचना मिली, तो वे पुलिस से भिड़ गए और नरेश मीणा को छुड़ा ले गए। मीणा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “मैं गिरफ्तारी देने के लिए आया था, लेकिन पुलिस खुद यहां नहीं थी। भागना मेरे कैरेक्टर में नहीं है। पुलिसवाले ही वहां से हट गए थे।” हिंसा और आगजनी के बाद इंटरनेट सेवा बंद मीणा की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने हिंसा का रास्ता अपनाते हुए पुलिस पर पथराव किया और कई वाहनों को आग लगा दी। हिंसा की इस घटना के बाद प्रशासन ने पूरे समरावता गांव में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पूरे क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया और सुरक्षा के मद्देनजर गांव को छावनी में तब्दील कर दिया। मुख्यमंत्री की सख्त कार्रवाई के निर्देश राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए डीजीपी यूआर साहू से इस बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं और जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी से भी घटना की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री इस घटना पर नजर बनाए हुए हैं और शांति बहाल करने के लिए प्रशासन से लगातार अपडेट ले रहे हैं। एसपी का बयान टोंक एसपी विकास सांगवान ने बताया कि नरेश मीणा को समझाने के बाद ही उसने आत्मसमर्पण किया। मीणा पर कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा, और उसकी गिरफ्तारी के साथ ही पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी। अब तक इस मामले में 60 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर का बयान पुलिस मुख्यालय ने जयपुर से एसटीएफ और आरएसी की अतिरिक्त टीमें उनियारा के लिए रवाना की हैं। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर विशाल बंसल ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और हिंसा करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी नरेश मीणा को पकड़ने के लिए टीमों का गठन किया गया है और उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है। डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की शांति की अपील वहीं, वरिष्ठ नेता डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने सोशल मीडिया पर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक और जिला कलेक्टर से स्थिति का जायजा लिया है और लोगों से धैर्य और शांति बनाए रखने की अपील की है। समरावता में प्रशासन की पैनी नजर, स्थिति नियंत्रण में प्रशासन ने समरावता गांव में पुलिस बल को तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है ताकि हिंसा फिर से न भड़के।

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Rajasthan news:राजस्थान के देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र के समरावता गांव में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुए हिंसक टकराव पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने राज्य के एसीएस होम और डीजीपी को स्टेट हैंगर पर बुलाकर पूरी घटना की रिपोर्ट मांगी। मुख्यमंत्री की नाराजगी और इंटेलिजेंस फेलियरमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समरावता की घटना में इंटेलिजेंस की विफलता पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। देर रात तक चले टकराव के दौरान पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने, हवाई फायरिंग करने और आगजनी जैसी स्थितियों से निपटना पड़ा। मुख्यमंत्री ने इस गंभीर स्थिति पर नाराजगी जताते हुए इसका कारण जानने के लिए तत्काल रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। मीडिया में उठे आरोपों पर भी संज्ञानसमरावता में हंगामे के दौरान नरेश मीणा ने पुलिस पर तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया था। मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ACS होम और डीजीपी से इस आरोप पर भी रिपोर्ट मांगी है। संभावित जांच कमेटी का गठनमुख्यमंत्री इस घटना की जड़ तक जाने के लिए जांच कमेटी बनाने पर भी विचार कर रहे हैं। यह कमेटी इंटेलिजेंस फेलियर, पुलिस की कार्रवाई और घटना के विभिन्न पहलुओं की गहन जांच करेगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए बेहतर इंतजाम किए जा सकें। समरावता की घटना ने राज्य में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस मामले में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तत्पर दिख रहे हैं।

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देवली-उनियारा थप्पड़ कांड में बढ़ा तनाव, समरावता में हिंसा और आगजनी के बाद इंटरनेट बंद SDM थप्पड़ कांड: देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र के समरावता गांव में हुए थप्पड़ कांड में पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए नरेश मीणा के समर्थकों ने हिंसक प्रदर्शन किया, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है। मामले में घटनाक्रम तब बढ़ा जब पुलिस हिरासत से नरेश मीणा समर्थकों की भीड़ के बीच फरार हो गए। कैसे हुआ विवाद? पुलिस ने नरेश मीणा को हिरासत में लिया था, जिसके बाद समर्थकों ने हंगामा करते हुए पुलिस पर पथराव कर दिया। इस अफरातफरी में नरेश मीणा पुलिस की गिरफ्त से भागने में सफल हो गए। बाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैं गिरफ्तारी देने आया था, लेकिन पुलिस ने मुझे रोका। भागना मेरी फितरत में नहीं है।” हिंसा और इंटरनेट सेवा बंद मीणा के फरार होने के बाद देर रात समरावता में भारी हिंसा देखी गई। उग्र भीड़ ने गांव में आगजनी करते हुए कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया, जिसमें करीब 100 से अधिक कारें, बाइक और जीप शामिल हैं। इलाके में सुरक्षा के मद्देनजर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। पुलिस ने 60 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जबकि ग्रामीणों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर भय का माहौल है। मीणा के आरोप नरेश मीणा ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके धरने में शामिल लोगों के लिए भेजा गया खाना टोल पर पुलिस ने रोक लिया था, जिससे वे अकेले ही धरनास्थल छोड़कर बातचीत करने पहुंचे थे। समर्थकों को जब इसकी जानकारी मिली, तो वे उन्हें छुड़ा ले गए। मुख्यमंत्री और प्रशासनिक प्रतिक्रियाएँ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मामले पर गंभीरता दिखाते हुए डीजीपी यूआर साहू और जलदाय मंत्री कन्हैयालाल मीणा से फोन पर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं और घटना पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। विशेष फोर्स तैनात, मुख्य आरोपी की तलाश जारी पुलिस मुख्यालय से स्थिति पर नजर रखते हुए, जयपुर से एसटीएफ और आरएसी की तीन अतिरिक्त कंपनियां उनियारा भेजी गई हैं। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर विशाल बंसल ने कहा कि हिंसा में शामिल आरोपियों की पहचान की जा रही है और मुख्य आरोपी नरेश मीणा की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। डॉ. किरोड़ीलाल मीणा का ट्वीट इस घटनाक्रम पर डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने ट्वीट कर पुलिस महानिदेशक और जिला कलेक्टर से फोन पर वार्ता की जानकारी दी। उन्होंने अपील की कि समरावता के लोग शांति और धैर्य बनाए रखें। समरावता में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात, हालात काबू में प्रशासन ने समरावता गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है, ताकि दोबारा हिंसा की कोई गुंजाइश न हो।

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विधानसभा उपचुनाव: 10 राज्यों की 31 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में 50% से लेकर 90% तक मतदान हुआ, जिसमें मेघालय और कर्नाटक ने सबसे अधिक भागीदारी दिखाई। बिहार में सबसे कम मतदान दर्ज किया गया। इन उपचुनावों के नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। राज्यों में मतदान प्रतिशत बिहार में सबसे कम मतदान देखा गया, खासतौर पर तरारी सीट पर केवल 50.20% वोटिंग हुई। विशेष घटनाएं उपचुनाव के नतीजे और असरउपचुनावों के नतीजे तो विधानसभा में बहुमत को प्रभावित नहीं करेंगे, लेकिन इन राज्यों में राजनीतिक दलों की स्थिति और नेताओं की लोकप्रियता का आकलन जरूर करेंगे।

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SDM थप्पड़ कांड: राजस्थान के देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र के समरावता गांव में हुए चर्चित SDM थप्पड़ कांड ने हिंसक रूप ले लिया। घटना के बाद पुलिस ने नरेश मीणा को हिरासत में लिया, लेकिन उनके समर्थकों ने इसका विरोध करते हुए पुलिस पर पथराव किया और इसी अफरा-तफरी में नरेश मीणा पुलिस की गिरफ्त से फरार हो गए। घटना का विवरण नरेश मीणा के समर्थकों द्वारा पुलिस हिरासत में लिए जाने पर हिंसक विरोध किया गया। गांव में करीब 100 गाड़ियों, बाइकों और जीपों में आग लगा दी गई, जिससे समरावता में तनाव का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने कई युवाओं को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे गांव में दहशत फैल गई है। घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं, और गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। नरेश मीणा का बयान फरारी के बाद नरेश मीणा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा, “न डरे थे, न डरेंगे।” उन्होंने अपने समर्थकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं और जल्द ही आगे की रणनीति साझा करेंगे। सरकार और पुलिस का रुख घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डीजीपी यू आर साहू से मामले की जानकारी ली है और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पूरे समरावता क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है, जिसमें STF और RAC की तीन कंपनियां शामिल हैं। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर विशाल बंसल ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है, और आगजनी में शामिल आरोपियों की पहचान कर 60 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। मुख्य आरोपी नरेश मीणा की लोकेशन ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं, और उसे जल्द गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीमें गठित की गई हैं। डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की अपील इस घटना के बाद सवाई माधोपुर से भाजपा नेता डॉ. किरोड़ीलाल मीणा भी समरावता पहुंचे और सोशल मीडिया पर ट्वीट कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक और टोंक जिला कलेक्टर से स्थिति का जायजा लिया है और सभी से धैर्य बनाए रखने का अनुरोध किया। इस हिंसक घटना के बाद प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है, और पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

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Rajasthan में जल जीवन मिशन से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने आज एक अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और जीआई इंफ्रा को पार्टी बनाने का आदेश दिया है। इस मामले से संबंधित याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए इन दोनों संस्थाओं को मामले में शामिल किया, और ईडी से अगले 4 सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है। क्या है जल जीवन मिशन घोटाला? जल जीवन मिशन घोटाले में 979 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप है, जिसमें राजस्थान के जलदाय विभाग और अन्य ठेकेदारों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार, इरकॉन के नाम पर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किए गए थे, जो कि घोटाले का अहम हिस्सा हैं। इस मामले में पहले ही ईडी और सीबीआई ने कई छापे मारे हैं, और एसीबी ने पूर्व कांग्रेस सरकार के पीएचईडी मंत्री महेश जोशी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की थी। हाईकोर्ट के आदेश याचिकाकर्ता डॉ. टी.एन. शर्मा, जो पब्लिक अगेंस्ट करप्शन के सदस्य हैं, ने कोर्ट से अपील की थी कि इस मामले में ईडी को पार्टी बनाया जाए। कोर्ट ने आज उनकी अपील पर निर्णय लिया और ईडी को मामले में शामिल किया। साथ ही, जीआई इंफ्रा कंपनी को भी पार्टी बना दिया। कोर्ट ने ईडी से यह भी कहा कि अगली सुनवाई तक वे इस मामले से जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट पेश करें। राजनीतिक स्थिति और कार्रवाई इस मामले को विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा ने जोर-शोर से उठाया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जलदाय विभाग ने एक साल के बाद सिर्फ एक एक्सईएन, विशाल सक्सेना, को सस्पेंड किया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि एफआईआर केवल फर्जी दस्तावेजों के जरिए दो फर्मों को टेंडर दिलाने तक सीमित है, जबकि योजना में सब-स्टैंडर्ड काम को लेकर अब तक कोई गंभीर कदम नहीं उठाए गए हैं। भविष्य की संभावनाएं हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि इस घोटाले की जांच में तेजी आएगी और जिन लोगों ने इस घोटाले को अंजाम दिया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ईडी और सीबीआई की जांच में और अधिक खुलासे होने की संभावना है, और राज्य सरकार से भी इस मामले में अपेक्षाएं बढ़ी हैं।

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Rajasthan के देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान एक बड़ा विवाद सामने आया है, जिसमें निर्दलीय उम्मीदवार और कांग्रेस के बागी नेता नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया। इस घटना के बाद राजस्थान की सबसे बड़ी सरकारी सेवा संस्था, RAS एसोसिएशन, सरकार से उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रही है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि नरेश मीणा को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तो वे RAS पेन डाउन हड़ताल करेंगे। बढ़ते विवाद के बीच गिरफ्तारी की मांग घटना के बाद, आरएएस एसोसिएशन के सदस्य मुख्य सचिव से मिलकर नरेश मीणा की गिरफ्तारी की मांग कर चुके हैं। एसोसिएशन का कहना है कि इस प्रकार का आचरण केवल सरकारी कर्मचारियों के सम्मान को ही नुकसान नहीं पहुँचाता, बल्कि यह प्रशासनिक व्यवस्था को भी कमजोर करता है। एसडीएम पर हमला किए जाने की घटना ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में घमासान मचा दिया है। पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति टोंक जिले के समरावता गांव में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है, जहां नरेश मीणा अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे हैं। उनकी बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस ने भारी बल तैनात किया है। टोंक एसपी विकास सांगवान, एडिशनल एसपी ब्रजेन्द्र सिंह भाटी, और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस ने पूरी गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है। इसके अलावा, अर्धसैनिक बल भी मौके पर तैनात किए गए हैं, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। जाट समाज का विरोध इस घटना के बाद टोंक जिले में जाट समाज में गहरा आक्रोश फैल गया है। मालपुरा एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मारे जाने पर जाट समुदाय के लोग लामबंद हो गए हैं और नरेश मीणा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कई स्थानों पर नरेश मीणा के पोस्टर जलाए गए और उनके खिलाफ नारेबाजी की जा रही है। इस तनावपूर्ण माहौल ने उपचुनाव के दौरान पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया है। इस बीच, प्रशासन के लिए यह चुनौती है कि वह किसी भी अप्रिय घटना से बचते हुए चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्वक संपन्न करवा सके।

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Deoli-Uniyara Bypoll- राजस्थान के टोंक जिले की देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के दौरान बड़ा विवाद हुआ। निर्दलीय प्रत्याशी और कांग्रेस के बागी नरेश मीणा ने, मतदान केंद्र पर नोंकझोंक के बाद, एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया। इस घटना से मतदान केंद्र पर हंगामा मच गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। क्या था विवाद का कारण? घटना तब शुरू हुई जब देवली-उनियारा क्षेत्र के कचरावता ग्राम पंचायत के समरावत गांव के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांव को पहले उनियारा उपखंड में रखा गया था, लेकिन पिछली सरकार ने इसे देवली उपखंड में शामिल कर दिया, जिससे वे नाखुश हैं। वे लंबे समय से मांग कर रहे थे कि उनके गांव को फिर से उनियारा उपखंड में जोड़ा जाए। इस मांग को लेकर वे मतदान का बहिष्कार कर रहे थे। थप्पड़ की घटना कैसे हुई? ग्रामीणों की इस मांग का समर्थन करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा वहां पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ धरना दिया। मीणा ने आरोप लगाया कि एसडीएम ने ग्रामीणों की मर्जी के खिलाफ जाकर जबरन तीन लोगों से मतदान करवाया। इससे मीणा और ग्रामीण आक्रोशित हो गए और विवाद बढ़ने पर मीणा ने एसडीएम को थप्पड़ मार दिया। मीणा का स्पष्टीकरण घटना पर सफाई देते हुए नरेश मीणा ने कहा कि वह पिछले चार घंटे से गांव वालों की मांग के समर्थन में धरना दे रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि एसडीएम उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रहे थे और ग्रामीणों की मर्जी के खिलाफ काम कर रहे थे, जिसके कारण स्थिति और बिगड़ गई। इस घटना के बाद इलाके में हंगामा मच गया है और प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। इस मामले ने चुनावी माहौल में और भी गर्मी ला दी है, जहां चुनाव प्रशासन के प्रति लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आ रहा है।

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Rajasthan में 900 करोड़ रुपये से अधिक के जल जीवन मिशन घोटाले के मामले में आज राजस्थान हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हो रही है। इस घोटाले को लेकर पहले ही सीबीआई और ईडी ने राजस्थान में छापेमारी की है। याचिकाकर्ता पब्लिक एगेंस्ट करप्शन की ओर से एक आवेदन दाखिल किया गया है, जिसमें ईडी को भी सुनवाई में शामिल करने की मांग की गई है। सुनवाई का घटनाक्रम और ईडी को शामिल करने की मांग मामले में याचिकाकर्ता पब्लिक एगेंस्ट करप्शन के सदस्य डॉ. टी.एन. शर्मा ने बताया कि पिछली सुनवाई में ईडी से घोटाले पर उठाए गए कदमों का ब्यौरा मांगा गया था। केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल आरडी रस्तोगी ने कहा था कि मामले में अभी ईडी को पार्टी नहीं बनाया गया है, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने ईडी को पार्टी बनाने की याचिका दी है। हाईकोर्ट के कोर्ट नंबर 3 में मामले की सुनवाई होनी है, जो कि इस घोटाले पर तीसरी बार है। एसीबी की एंट्री और एफआईआर इस मामले में हाल ही में एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने भी जांच की और कांग्रेस सरकार के पूर्व पीएचईडी मंत्री महेश जोशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। घोटाले में करोड़ों रुपये का हेरफेर, इरकॉन के नाम पर फर्जी प्रमाण पत्र और जलदाय विभाग की गड़बड़ियां शामिल हैं। 979 करोड़ का घोटाला और फर्जी दस्तावेज़ जल जीवन मिशन के तहत 979 करोड़ रुपये के इस घोटाले में कई फर्मों ने फर्जी प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर टेंडर हासिल किए। जांच में खुलासा हुआ है कि योजना में घटिया काम का उल्लेख किया गया था, लेकिन इस पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। केवल एक एक्सईएन विशाल सक्सेना को निलंबित किया गया है, जबकि बीजेपी, जिसने विधानसभा चुनावों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था, ने सरकार में आने के बाद इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। याचिकाकर्ता का कहना है कि एफआईआर केवल फर्जी दस्तावेजों द्वारा टेंडर लेने पर केंद्रित है, जबकि सब-स्टैंडर्ड काम के मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

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IPL 2025- भारतीय तेज गेंदबाज दीपक चाहर को आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी का बेसब्री से इंतजार है। चाहर ने इस बात की उम्मीद जताई है कि उनकी पूर्व फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) उनके लिए एक बार फिर बोली लगाएगी। चोटों से जूझने के कारण पिछले दो सीजन में चाहर का प्रदर्शन बाधित हुआ था, जिसके चलते वो न केवल टीम इंडिया बल्कि आईपीएल में भी सीएसके के लिए नहीं खेल सके। हालांकि, चाहर को भरोसा है कि उनका पावरप्ले में विकेट लेने का कौशल इस बार भी सीएसके को उनके लिए बोली लगाने के लिए प्रेरित करेगा। चेन्नई में वापसी की उम्मीद चाहर का कहना है कि सीएसके ने पिछली मेगा नीलामी में उन्हें रिटेन नहीं किया था, लेकिन फिर भी टीम ने उनके लिए बोली लगाई और उन्हें 14 करोड़ रुपये में खरीदा। इस बार भी उन्हें उम्मीद है कि चेन्नई सुपर किंग्स उनका मूल्य समझेगी, खासकर ऐसे दौर में जब पावरप्ले में विकेट लेना अधिक मूल्यवान हो गया है। उन्होंने कहा, “इस समय टीमें पावरप्ले में 90 से 100 रन बनाने की कोशिश करती हैं, जिससे बड़े स्कोर बन रहे हैं। पावरप्ले में रनों पर अंकुश लगाने की मेरी क्षमता किसी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।” राजस्थान रॉयल्स से भी उम्मीद चाहर ने खुलासा किया कि अगर सीएसके उनके लिए बोली नहीं लगाती है तो उनकी दूसरी पसंद राजस्थान रॉयल्स होगी। उन्होंने कहा, “अगर मुझे सीएसके में फिर से मौका नहीं मिला, तो मैं राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलना चाहूंगा। मेरे करियर की शुरुआत राजस्थान से हुई थी और मुझे गर्व होगा अगर मैं उनकी टीम का हिस्सा बनूंगा।” सीएसके के रिटेन प्लेयर्स और आरटीएम कार्ड का महत्व चेन्नई सुपर किंग्स ने आगामी नीलामी के लिए अपने प्रमुख खिलाड़ियों को रिटेन किया है, जिनमें कप्तान ऋतुराज गायकवाड़, अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा, बल्लेबाज शिवम दुबे, तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना और एमएस धोनी शामिल हैं। सीएसके के पास अब भी एक ‘राइट टू मैच’ (आरटीएम) कार्ड है, जो उन्हें किसी कैप्ड खिलाड़ी को नीलामी में वापस लेने का अवसर देगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सीएसके चाहर को वापस लाने के लिए इस कार्ड का इस्तेमाल करती है। दीपक चाहर का आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय करियर चाहर ने अब तक भारत के लिए 13 वनडे और 25 टी20 मैच खेले हैं। वनडे में उनके नाम 16 विकेट हैं, जबकि टी20 में उन्होंने 31 विकेट लिए हैं। आईपीएल में 81 मैचों में 77 विकेट लेकर उन्होंने अपनी धारदार गेंदबाजी का लोहा मनवाया है। टी20 में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सात रन देकर छह विकेट है, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में यादगार पारी है। आईपीएल में भी उन्होंने 13 रन देकर चार विकेट की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी की है। दीपक चाहर की इस बयानबाजी ने आईपीएल 2025 की नीलामी को लेकर रोमांच बढ़ा दिया है। क्या चेन्नई सुपर किंग्स एक बार फिर इस बेहतरीन गेंदबाज को अपनी टीम का हिस्सा बनाएगी या राजस्थान रॉयल्स उनके लिए बोली लगाएगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन चाहर की गेंदबाजी क्षमता और पावरप्ले में विकेट चटकाने की उनकी खासियत ने उन्हें एक खास स्थान दिलाया है।

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