Author: UmaKant Joshi
करौली जिले की जिला स्पेशल टीम (DST) ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने हत्या, लूट, डकैती और फायरिंग जैसे संगीन मामलों में फरार चल रहे 35 हजार रुपये के इनामी बदमाश तिमन सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस के लिए एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है। कैसे हुआ गिरफ्तार?करौली एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय के नेतृत्व में डीएसटी टीम ने मुखबिर से मिली सूचना पर तिमन सिंह को आरेनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। यह बदमाश पिछले तीन साल से पुलिस के रडार पर था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। आरोपी पर मामले और इनामभरतपुर जिले में 5 मामले: हत्या, लूट, डकैती, और फायरिंग जैसे गंभीर अपराधों में शामिल।इनामी राशि:करौली एसपी द्वारा घोषित ₹25,000।भरतपुर एसपी द्वारा घोषित ₹10,000।सहयोगी पहले ही गिरफ्तारइससे तीन दिन पहले पुलिस ने तिमन सिंह के एक साथी को गिरफ्तार किया था। उसके बयान के आधार पर पुलिस को तिमन सिंह की लोकेशन का पता चला, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई संभव हो सकी। पुलिस का बयानएसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने कहा: “पुलिस अपराधियों के खिलाफ यह अभियान जारी रखेगी। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है, जिससे उसके अन्य आपराधिक मामलों और गैंग के नेटवर्क का खुलासा हो सके।” निष्कर्षडीएसटी की यह कार्रवाई पुलिस की सक्रियता और अपराधियों पर शिकंजा कसने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। तिमन सिंह की गिरफ्तारी करौली और भरतपुर में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राजस्थान सरकार ने सफाई कर्मियों की 23,820 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने का बड़ा फैसला लिया है। इसको लेकर स्वायत्त शासन विभाग ने आदेश जारी किए हैं। भर्ती प्रक्रिया का विवरण पदों की संख्या: 23,820 सफाई कर्मी। निकायों की संख्या: 185। आवेदन की अंतिम तिथि: 27 नवंबर 2024। फैसला: भर्ती के लिए जारी विज्ञापन को प्रत्याहारित किया गया। फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों की शिकायतें राज्य सरकार को विभिन्न निकायों से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जमा कराने की शिकायतें मिल रही थीं। जयपुर ग्रेटर और जयपुर हेरिटेज निगम ने पहले ही भर्ती प्रक्रिया स्थगित कर दी थी। ऐसी ही शिकायतें अन्य निकायों से भी सामने आईं। सरकार का निर्णय शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए स्वायत्त शासन विभाग ने पूरी प्रक्रिया को निरस्त करने का आदेश दिया। सरकार ने बताया कि प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया भर्ती निरस्त होने से अभ्यर्थियों में नाराजगी है। कई उम्मीदवारों ने महीनों से तैयारी और आवेदन प्रक्रिया में समय और पैसे लगाए थे। उम्मीदवार अब आश्वासन और वैकल्पिक प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। भविष्य की संभावना सरकार ने प्रक्रिया की खामियों को सुधारने का संकेत दिया है। नई भर्ती प्रक्रिया कब शुरू होगी, इस पर अब तक कोई स्पष्टता नहीं है। निष्कर्ष यह निर्णय सरकार की पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने की दिशा में कदम है, लेकिन यह अभ्यर्थियों के लिए निराशाजनक है। सरकार को शीघ्र ही नई प्रक्रिया के लिए रूपरेखा प्रस्तुत करनी चाहिए, ताकि योग्य उम्मीदवारों को रोजगार के अवसर मिल सकें।
अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज के सालाना उर्स की तैयारियों को लेकर बुधवार को कांग्रेस नेताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें उर्स मेला क्षेत्र में सफाई, सड़क निर्माण, बिजली और सुरक्षा सहित कई मांगें की गईं। कांग्रेस नेताओं का ज्ञापन महेंद्र सिंह रलावता के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। ज्ञापन में मेला क्षेत्र के वार्डों (7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 69, 70) में व्यवस्थाओं की मांग रखी गई। उर्स शुरू होने से पहले सफाई अभियान, नालियों की मरम्मत, और सड़कों पर जमा मलबा हटाने की अपील की गई। मुख्य मांगें सफाई और कचरा प्रबंधन मेला क्षेत्र में 24×7 सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नालियों की सफाई और गंदे पानी को सड़कों पर फैलने से रोका जाए। सड़क और बिजली व्यवस्था उर्स से पहले संपर्क सड़कों की मरम्मत और नई सड़क निर्माण। विद्युत तार और केबल सही कर स्थायी व अस्थायी रोशनी की व्यवस्था। पेयजल और जल सप्लाई जल सप्लाई लाइनों के लीकेज को ठीक कर समय पर पानी उपलब्ध कराने का निर्देश। सुरक्षा और निगरानी मेला क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी बढ़ाई जाए। निर्माण कार्य पर रोक मेला अवधि के दौरान मेला क्षेत्र में कोई नया निर्माण कार्य न किया जाए। नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति इस ज्ञापन के दौरान कांग्रेस के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे: शिवकुमार बंसल राशिद खान गजेंद्र सिंह रलावता मुख्तियार नवाब ऋषि घारू और अन्य स्थानीय नेता। निष्कर्ष कांग्रेस ने जिला प्रशासन से अपील की कि ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स में आने वाले जायरीनों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। सफाई, सुरक्षा, सड़क और बिजली जैसी सुविधाएं प्राथमिकता पर दी जाएं ताकि इस पवित्र आयोजन में किसी तरह की बाधा न आए।
दमोह जिले के मुकेश कॉलोनी में बुधवार रात चोरों के एक गिरोह ने सराफा दुकान का शटर तोड़कर डेढ़ किलो चांदी और ₹14,000 नकद चोरी कर लिए। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें आठ चोरों का गिरोह साफ नजर आ रहा है। घटना का विवरणदुकान का नाम: मां ज्वेलर्स, मालिक प्रदीप सोनी।चोरों ने रात में दुकान का शटर तोड़कर प्रवेश किया।चोरी के बाद चोर सुभाष कॉलोनी की ओर भागे।वारदात के दौरान एक ऑटो चालक ने चोरों को देखा और शोर मचाया, लेकिन चोर फरार हो गए।पुलिस कार्रवाईकोतवाली टीआई आनंद राज ने बताया कि: मामला दर्ज कर लिया गया है।सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच जारी है।चोरों की तलाश के लिए इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।ऑटो चालक से लूट की घटना जबेरा थाना निवासी उदय तिवारी (19) ने शिकायत दर्ज कराई है कि राजा राजपूत नामक व्यक्ति ने सब्जी और किराना सामान खरीदने के बहाने उसका ऑटो बुक किया। घटना का विवरणदमोह पहुंचने पर राजा ने बात करने के बहाने चालक का मोबाइल मांगा।मोबाइल लेकर राजा भाग गया और फोन बंद कर दिया।अगले दिन जब चालक ने अपनी सिम चालू कराई और वापस लौट रहा था, उसने राजा को जबलपुर नाका शराब दुकान के पास देखा।मोबाइल मांगने पर राजा ने हाथापाई की और दूसरा मोबाइल गिराकर भाग गया।पुलिस की कार्रवाईपुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।राजा राजपूत पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा है।निष्कर्षदमोह जिले में बढ़ते अपराधों से नागरिकों में डर का माहौल है। पुलिस को इन मामलों में तेजी से कार्रवाई कर अपराधियों को पकड़ने की जरूरत है। सीसीटीवी फुटेज और शिकायतों के आधार पर पुलिस जल्द ही चोरों और लुटेरों को पकड़ने का दावा कर रही है।
राजस्थान की भजनलाल सरकार ने संघ के हिंदुत्व एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए अहम कदम उठाते हुए लव जिहाद के खिलाफ नया कानून लाने का निर्णय लिया है। इस कानून का उद्देश्य अवैध धर्मांतरण को रोकना और राज्य में हिंदुत्व विचारधारा को मजबूत करना है।मुख्य घटनाक्रम:लव जिहाद कानून का प्रस्तावआगामी विधानसभा सत्र में ‘प्रोविजन ऑफ अनलॉफुल कन्वर्जन ऑफ रिलीजन बिल 2024’ पेश किया जाएगा।शनिवार को कैबिनेट की बैठक में इस बिल के मसौदे को मंजूरी दी गई।घोषणाओं और प्रतिक्रियाएं:राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह राज्य की सांस्कृतिक और सामाजिक सुरक्षा के लिए आवश्यक है।संघ की पृष्ठभूमि वाले नेताओं और संगठनों ने इस पहल को संघ के हिंदुत्व एजेंडे का हिस्सा माना है।राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में हिंदुत्व एजेंडाउत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में पहले से ही ऐसे कानून लागू हैं।राजस्थान में लव जिहाद के मुद्दे को बीजेपी ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में जोर-शोर से प्रचारित किया था।हाल ही में मथुरा में हुई संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में धर्मांतरण और लव जिहाद जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी।राजनीतिक पृष्ठभूमि और प्रभावसंघ और सरकार का गठजोड़:राजस्थान सरकार की यह पहल संघ के हिंदुत्व के एजेंडे को प्रदेश में लागू करने की दिशा में बड़ा कदम है।राज्य में चुनावी तैयारियों के मद्देनजर इसे एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।चुनावी रणनीति:बीजेपी: हिंदुत्व आधारित मुद्दों पर जोर देकर अपने कोर वोट बैंक को मजबूत करने का प्रयास कर रही है।विपक्ष: इन कानूनों को धार्मिक ध्रुवीकरण का प्रयास बताते हुए आलोचना कर सकता है।संभावित प्रभाव और चुनौतियां:सामाजिक असर:कानून के लागू होने से सांप्रदायिक ध्रुवीकरण बढ़ने की संभावना है।अल्पसंख्यक समुदायों में असुरक्षा की भावना बढ़ सकती है।चुनावी लाभ:बीजेपी और संघ के लिए यह कदम हिंदुत्व समर्थक वोट बैंक को संगठित करने में मददगार हो सकता है।कानूनी विवाद:प्रस्तावित कानून को लेकर मानवाधिकार संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा अदालतों में चुनौती दी जा सकती है।निष्कर्षभजनलाल सरकार का यह कदम राजस्थान की राजनीति में एक नए चरण की शुरुआत का संकेत देता है, जहां धार्मिक मुद्दे और हिंदुत्व एजेंडा चुनावी रणनीति का प्रमुख हिस्सा होंगे। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह कानून सामाजिक ताने-बाने और राजनीतिक संतुलन को कैसे प्रभावित करता है|3dSee translation
अजमेर जिले के मदनगंज थाना पुलिस ने साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जयपुर साइबर पुलिस थाना आयुक्तालय के सुपुर्द किया है। ये आरोपी जयपुर के 83 वर्षीय बुजुर्ग, राजेंद्र कुमार माहेश्वरी से 90 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह से जुड़े थे। क्या है मामला? मदनगंज थाना प्रभारी शंभू सिंह शेखावत के अनुसार, तीनों आरोपियों ने ठगी की रकम से अजमेर के एक प्रतिष्ठित ज्वेलर्स की दुकान से सोने-चांदी के आभूषण खरीदे थे। आरोपी: गोगराज मेघवंशी, दिनेश कुमार मीणा, और रवि मीणा उर्फ रोमन (सभी किशनगढ़ निवासी)। मोडस ऑपरेंडी: ये साइबर ठगों को अलग-अलग दस्तावेजों के जरिए फर्जी बैंक खाते खुलवाने में मदद करते थे। ठगी का तरीका और गिरफ्तारी दिनांक: 18 नवंबर 2024 तीनों आरोपियों ने एक प्रतिष्ठित ज्वेलरी स्टोर से सोने की चेन और अंगूठी खरीदी, जिसका भुगतान आरटीजीएस के जरिए ठगी की रकम से किया गया। भुगतान के बाद जयपुर साइबर पुलिस ने ज्वेलरी स्टोर के खाते को फ्रीज कर दिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार किया। जांच में हुए खुलासे आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे साइबर ठगों के साथ मिलकर फर्जी बैंक खाते खोलते और ठगी की रकम को निकालने में मदद करते थे। इस मामले में जयपुर निवासी बुजुर्ग राजेंद्र कुमार माहेश्वरी के साथ 90 लाख रुपये की ठगी की गई थी। प्रकरण संख्या 392/2024 के तहत यह मामला जयपुर साइबर पुलिस थाना में दर्ज है। अगली कार्रवाई पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर ठगी के अन्य मामलों और शामिल लोगों के नेटवर्क का पता लगा रही है। यह मामला साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा के प्रति लोगों को सतर्क करने का एक बड़ा उदाहरण है। निष्कर्ष:अजमेर पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ एक अहम कदम है। यह घटना दिखाती है कि डिजिटल ठगी के नेटवर्क में न केवल ठग शामिल होते हैं, बल्कि उन्हें सहायता देने वाले भी कानूनी दायरे में आते हैं।
राजस्थान सरकार की पहली वर्षगांठ का जश्न 15 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। इसे भव्य रूप देने के लिए राज्य सरकार ने तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया है। 17 दिसंबर को जयपुर के ददिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल जनसभा होगी। इस सभा में कई बड़ी घोषणाएं होने की संभावना है, जिनमें पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) समेत ₹1 लाख करोड़ की योजनाएं शामिल हो सकती हैं। तीन दिवसीय कार्यक्रम का शेड्यूलसरकार का यह उत्सव तीन दिन तक चलेगा: 15 दिसंबर: युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन।16 दिसंबर: महिलाओं को समर्पित कार्यक्रम।17 दिसंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सभा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए हाल ही में ददिया का दौरा किया। कार्यक्रम स्थल पर तीन लाख से अधिक लोगों को लाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए सभी विधायकों को भीड़ जुटाने का जिम्मा सौंपा गया है। संभावित घोषणाएं और लाभप्रधानमंत्री मोदी के इस कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की उम्मीद है: 1. ईआरसीपी (पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना)यह राजस्थान के 13 जिलों में पेयजल और सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण योजना है।परियोजना मानसून के दौरान व्यर्थ बहने वाले पानी का उपयोग करके चंबल बेसिन से अन्य क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने की परिकल्पना करती है।इससे 2.82 लाख हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा मिलेगी और 13 जिलों को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।लाभान्वित जिलों में अलवर, दौसा, जयपुर, अजमेर, टोंक, सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, भरतपुर, धौलपुर और करौली शामिल हैं।2. किसानों को राहतराज्य सरकार किसानों के खातों में ₹1,000 की किस्त जारी करेगी।3. रोजगार के अवसरकरीब 60,000 नई नौकरियां देने की घोषणा हो सकती है।4. अन्य विकास परियोजनाएंबुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास से जुड़ी कई योजनाएं पेश की जा सकती हैं।ईआरसीपी के राजनीतिक मायनेईआरसीपी को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है। पीएम मोदी की इस सभा से यह परियोजना लॉन्च की जाएगी, जिससे सरकार विपक्ष को करारा जवाब देने की तैयारी में है। ईआरसीपी का उद्देश्यपानी की आपूर्ति: मानसून के पानी का सही उपयोग कर सूखाग्रस्त क्षेत्रों में राहत।सिंचाई: कृषि के लिए जल संकट का समाधान।लाभार्थी जिलों की संख्या: 13 जिले और 83 विधानसभा क्षेत्र।
मुंबई, 26 नवंबर – आज से 16 साल पहले, 26 नवंबर 2008 का वह काला दिन, जिसे कोई भी भारतीय कभी भूल नहीं सकता। इस दिन आतंकियों ने मुंबई की शांति और सुरक्षा को निशाना बनाते हुए ऐसा दर्द दिया, जिसकी टीस आज भी महसूस होती है।क्या हुआ था 26/11 को?26 नवंबर की रात 10 पाकिस्तानी आतंकवादी समुद्र के रास्ते मुंबई में घुसे। उन्होंने शहर के प्रमुख स्थानों को अपना निशाना बनाया और 60 घंटे तक पूरे मुंबई को बंधक बना लिया। ये आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे और पूरी योजना पाकिस्तान में बनाई गई थी।आतंकी हमले के प्रमुख स्थलछत्रपति शिवाजी टर्मिनस (CST): आतंकियों ने यहां अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें 58 लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हुए।ताजमहल पैलेस होटल: आतंकी इस होटल में घुसे और कई लोगों को बंधक बना लिया। तीन दिन तक एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स) कमांडो ऑपरेशन चलाते रहे।ओबेरॉय ट्राइडेंट होटल: यहां भी आतंकियों ने बंधक बनाकर गोलाबारी की।नरीमन हाउस: यहूदी समुदाय के इस केंद्र को भी निशाना बनाया गया, जिसमें कई मासूमों की जान गई।कामा अस्पताल: आतंकियों ने यहां हमला कर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया।शहीदों की कुर्बानीइस हमले में 166 निर्दोष लोग मारे गए और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए। देश ने अपने वीर जवानों को भी खोया, जिन्होंने आतंकियों का बहादुरी से मुकाबला किया।शहीद हेमंत करकरे: मुंबई एटीएस के चीफ, जिन्होंने आतंकियों से लड़ते हुए जान गंवाई।शहीद तुकाराम ओम्बले: उन्होंने अपनी जान देकर अजमल कसाब को जिंदा पकड़ा।शहीद विजय सालस्कर और अशोक कामटे: इन जांबाज अफसरों ने भी अपनी जान की परवाह किए बिना देश के लिए बलिदान दिया।आतंक का मास्टरमाइंडइस हमले की साजिश पाकिस्तान में रची गई थी। अजमल कसाब, जो हमले के दौरान पकड़ा गया, ने पूरी घटना की सच्चाई उजागर की। कसाब को बाद में फांसी दी गई।सबक और सुरक्षा के कदम26/11 ने भारत की सुरक्षा प्रणाली को झकझोर दिया। इसके बाद देश में सुरक्षा उपायों को मजबूत किया गया। कोस्टल गार्ड, NSG, और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को नई तकनीक और ट्रेनिंग से लैस किया गया।26/11 को नहीं भूल सकता भारत26/11 सिर्फ एक हमला नहीं था, यह मानवता पर हमला था। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि आतंक के खिलाफ हमारी एकजुटता ही हमारी ताकत है।आज, इस दिन पर देश अपने शहीदों को नमन करता है और आतंक के खिलाफ लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है।#publicsaathi #26/11 #blackday #mumbaiattacks #hindinews
अलवर न्यूज- राजस्थान सरकार द्वारा 49 नगरीय निकायों में प्रशासकों की नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस निर्णय को असंवैधानिक और लोकतंत्र-विरोधी करार दिया।टीकाराम जूली की आपत्तिटीकाराम जूली ने कहा कि राज्य सरकार ने पांच नगर निगम, 20 नगर परिषद, और 24 नगर पालिकाओं का कार्यकाल समाप्त होने का हवाला देकर उनमें सरकारी अधिकारियों को प्रशासक बना दिया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाला कदम बताया।उनका कहना है कि सरकार को इन निकायों में तुरंत चुनाव कराने चाहिए थे। प्रशासक नियुक्त करना जनता को उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों से वंचित करने जैसा है। यह कदम न केवल असंवैधानिक है, बल्कि संविधान की मूल भावना के भी खिलाफ है।वन स्टेट, वन इलेक्शन का हवालाजूली ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार “वन स्टेट, वन इलेक्शन” के नाम पर अपनी विफलताओं को छुपाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार निकाय चुनाव कराने से बच रही है क्योंकि उसे हार का डर है।नौकरशाही का बढ़ता दबदबाजूली ने चेतावनी दी कि इस कदम से नौकरशाही का हस्तक्षेप बढ़ेगा और नगर निकायों में अव्यवस्था फैलेगी। जनता की समस्याएं अनसुनी रह जाएंगी, और प्रशासक प्रणाली लोकतंत्र के लिए घातक साबित होगी।सरकार का जवाबहालांकि, सरकार ने तर्क दिया है कि निकायों का कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रशासक नियुक्त करना जरूरी था। चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए यह कदम उठाया गया।संविधान दिवस से पहले विवादटीकाराम जूली ने कहा कि संविधान दिवस से पहले इस प्रकार का निर्णय लेना संविधान का अपमान है। यह साबित करता है कि सरकार लोकतंत्र के बजाय अपनी मनमानी थोपने में विश्वास रखती है।यह मुद्दा अब राज्य की राजनीति में गर्माया हुआ है और आने वाले समय में इसे लेकर और बहस होने की संभावना है।
केकड़ी न्यूज- केकड़ी के टांटोती कस्बे को हाल ही में नगरपालिका का दर्जा मिलने के बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ है। अक्टूबर में नगर पालिका घोषित हुए इस क्षेत्र में अभी तक किसी स्थायी कर्मचारी की नियुक्ति नहीं हुई है। नतीजतन, यहां के निवासी मूलभूत सेवाओं के लिए परेशान हो रहे हैं।अधिसूचना के बाद भी सुविधाएं नदारद10 अक्टूबर 2024 को टांटोती ग्राम पंचायत को चतुर्थ श्रेणी नगरपालिका का दर्जा दिया गया। इसके तहत ग्राम पंचायत के निर्वाचित सरपंच को नगरपालिका अध्यक्ष और उपसरपंच को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था और कार्मिकों की नियुक्ति में देरी ने नागरिकों की समस्याओं को और बढ़ा दिया है।बंद पड़े पंचायत कार्यपालिका के गठन के बाद पंचायत समिति ने ऑनलाइन सेवाएं रोक दी हैं। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड सुधार, और जन आधार अपडेशन जैसे छोटे कार्य भी अटके हुए हैं। प्रशासनिक भवन पर अब भी “ग्राम पंचायत टांटोती” लिखा हुआ है, जिससे स्पष्ट है कि पालिका का संचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया है।पहला चेयरमैन और भविष्य की योजनाएंग्राम पंचायत के सरपंच ओम डूंगरवाल को टांटोती नगर पालिका का पहला चेयरमैन नियुक्त किया गया है। 1 दिसंबर से वार्ड परिसीमन की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें 20 वार्ड बनाए जा सकते हैं। हालांकि, कार्मिकों की नियुक्ति और आधारभूत संरचना तैयार करने की दिशा में ठोस कदम अब भी प्रतीक्षित हैं।प्रशासनिक बयानअजमेर क्षेत्रीय उप निदेशक सना सिद्दीकी के अनुसार, टांटोती में जल्द ही कर्मचारियों की नियुक्ति होगी। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जयपुर मुख्यालय से ईओ की नियुक्ति की जाएगी।नागरिकों की उम्मीदेंटांटोती के लोग इस बदलाव को विकास की दिशा में एक कदम मानते हैं। लेकिन इस बीच, प्रशासनिक कछुआ चाल ने उनकी उम्मीदों को झटका दिया है। क्षेत्रीय विधायक शत्रुघ्न गौतम से लोग इस मसले पर जल्द समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं।यह स्थिति प्रशासनिक सुस्ती का एक उदाहरण है, जहां नागरिकों की समस्याओं का तत्काल समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए।
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