Author: UmaKant Joshi
Rajasthan News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राइजिंग राजस्थान समिट के मंच से राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उनकी टीम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पिछले 12 महीनों में राजस्थान में कानून व्यवस्था में सुधार, बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में विकास और आमजन की राहत के लिए किए गए प्रयास प्रशंसनीय हैं। पीएम के इस बयान को मुख्यमंत्री के लिए एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। कानून व्यवस्था में सुधार की तारीफ प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा किए गए प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से न केवल जनता को राहत मिली है बल्कि निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है। पीएम ने इसे मुख्यमंत्री शर्मा के मजबूत नेतृत्व का परिणाम बताया। विकास कार्यों को सराहा पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री द्वारा बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर दिए गए ध्यान को भी सराहा। उन्होंने कहा कि इन प्राथमिकताओं से राज्य में विकास की गति तेज हुई है और आमजन को सीधे लाभ मिला है। पार्टी के भीतर विरोध पर विराम पीएम मोदी की यह तारीफ राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है। हाल ही में कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने सरकार की कुछ नीतियों पर सवाल खड़े किए थे, लेकिन पीएम की इस सराहना ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान पर विराम लगा दिया है। राजनीतिक संदेश प्रधानमंत्री का यह बयान भजनलाल शर्मा के लिए राजनीतिक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। राइजिंग राजस्थान के मंच से दिए गए इस संदेश ने पार्टी को एकजुट करने और गुटबाजी खत्म करने की कोशिश को बल दिया है। यह सराहना भाजपा के लिए राज्य में मजबूत नेतृत्व और एकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राइजिंग राजस्थान और राज्य की नई दिशा इस आयोजन ने न केवल राजस्थान के विकास कार्यों को नई दिशा दी है, बल्कि यह भी दिखाया है कि प्रदेश में राजनीतिक स्थिरता और नेतृत्व कितना मजबूत है। पीएम की इस सराहना से मुख्यमंत्री शर्मा और उनकी टीम को न केवल प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि राज्य में भाजपा को भी मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
20 वर्षों तक सीरिया पर शासन करने वाले बशर अल-असद का शासन विद्रोही बलों के तगड़े अभियान के बाद समाप्त हो गया। राजधानी दमिश्क और प्रमुख शहरों पर कब्जा जमाने के बाद विद्रोही संगठनों ने असद परिवार की सत्ता को उखाड़ फेंका। इसके बाद सवाल उठा कि बशर अल-असद ने ईरान की जगह रूस में शरण क्यों ली और महाशक्तियों की सीरिया में दिलचस्पी का कारण क्या है? आइए जानते हैं विस्तार से। 1. रूस ने असद को गुपचुप तरीके से कैसे निकाला? सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के अनुसार, बशर अल-असद विद्रोहियों के दमिश्क पहुंचने से पहले ही रूस भाग गए। फ्लाइट ट्रैकिंग साइट्स के अनुसार, दमिश्क एयरपोर्ट से एक इल्युशिन एयरक्राफ्ट ने विद्रोहियों के शहर पर कब्जा शुरू करते ही उड़ान भरी। इसके बाद यह विमान उत्तर-पश्चिम दिशा में गया और ट्रैकिंग बंद कर दी गई। रूस ने बाद में पुष्टि की कि असद और उनका परिवार उनके संरक्षण में है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि असद को गुप्त तरीके से निकाला गया था ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। 2. रूस, न कि ईरान, क्यों बना असद का ठिकाना? रूस ने असद को मानवीय आधार पर शरण देने की घोषणा की। 3. रूस का असद को समर्थन क्यों? रूस ने पश्चिम एशिया में अमेरिका और यूरोप के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए असद का समर्थन किया। 4. सीरिया में महाशक्तियों की दिलचस्पी का कारण भौगोलिक स्थिति: सीरिया पश्चिम एशिया में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। यह तुर्किये, इराक, लेबनान, इस्राइल, और जॉर्डन के बीच स्थित है और भूमध्य सागर तक पहुंच प्रदान करता है। धार्मिक और राजनीतिक संतुलन: सीरिया में बहुसंख्यक सुन्नी मुस्लिम हैं, लेकिन असद अलावाइट (शिया संप्रदाय) समुदाय से आते हैं। अमेरिका और रूस के बीच संघर्ष: पश्चिम एशिया में प्रभाव बढ़ाने की होड़ ने अमेरिका और रूस को सीरिया में खींचा। 5. असद के लिए रूस और ईरान का महत्व निष्कर्ष: बशर अल-असद का रूस में शरण लेना उनकी सुरक्षा और रूस के साथ उनके गहरे संबंधों को दर्शाता है। सीरिया की रणनीतिक स्थिति, धार्मिक विविधता, और अंतरराष्ट्रीय राजनीति इसे महाशक्तियों के लिए हमेशा आकर्षण का केंद्र बनाए रखती है।
ऊना पुलिस की बड़ी सफलता हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले की पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। हरोली पुलिस ने मात्र 72 घंटों के भीतर 61 लाख रुपये की ठगी के आरोपी को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किया। मामले की जड़ें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंबोडिया तक फैली हुई हैं। मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि साइबर ठगी के इस गिरोह ने डिजिटल गिरफ्तारी का बहाना बनाकर ऊना जिले के एक व्यक्ति से 61 लाख रुपये ठग लिए थे। आरोपी, रोशन यादव, जो जयपुर जिले के चोमू गोबिंदगढ़ क्षेत्र का निवासी है, 10% कमीशन लेकर अपने बैंक खातों में ठगी की रकम जमा करता था और फिर इसे गिरोह के अन्य सदस्यों को भेज देता था। ठगी के अंतरराष्ट्रीय तार जांच में खुलासा हुआ कि इस गिरोह का मुख्य सरगना कंबोडिया में बैठकर व्हाट्सएप कॉल के जरिए पूरे ऑपरेशन को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर ऊना लाया और उसके बैंक खाते में मौजूद 12 लाख रुपये की राशि फ्रीज कर दी है। अन्य मामलों में भी सफलता एसपी राकेश सिंह ने बताया कि ऊना पुलिस ने बीते वर्ष दर्ज एक धोखाधड़ी के मामले में हरियाणा के मेवात क्षेत्र से साढ़े आठ लाख रुपये की राशि रिकवर की है। इसके अलावा, दो अन्य मामलों में पुलिस ने रायपुर और ऊना में 35 ग्राम चिट्टा (नशीला पदार्थ) बरामद किया और आरोपियों को गिरफ्तार किया। नशा निवारण केंद्र पर कार्रवाई हरोली में बिना पंजीकरण चल रहे एक नशा निवारण केंद्र पर भी पुलिस ने कार्रवाई की। वहां अवैध रूप से रखे गए लोगों को मुक्त कराया गया। पुलिस की अपील पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और अनजान कॉल्स या संदेशों के जरिए किसी भी वित्तीय लेनदेन से बचने की अपील की है। साथ ही, साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई और सूचित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। सकारात्मक कदम ऊना पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराध और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस का यह प्रयास क्षेत्र में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद करेगा।
रविवार रात जोधपुर-जैसलमेर नेशनल हाईवे पर एक दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और 21 लोग घायल हो गए। यह हादसा आगोलाई क्षेत्र के भाटों की ढाणी के पास हुआ, जब यात्रियों से भरी एक मिनी बस और ट्रेलर के बीच जोरदार टक्कर हो गई। दर्शन से लौटते समय हुआ हादसा मिली जानकारी के अनुसार, मिनी बस में सवार यात्री पोखरण स्थित आशापुरा माताजी के दर्शन कर लौट रहे थे। बस में ज्यादातर यात्री एक ही परिवार के थे, जो शादी के बाद जात लगाने की परंपरा निभाने मंदिर गए थे। रात करीब सवा नौ बजे, हाईवे पर ट्रेलर और बस की आमने-सामने की टक्कर हो गई, जिससे बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मृतकों और घायलों की स्थिति इस हादसे में शिवप्रसाद और रक्षिता नामक दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बस में सवार 21 अन्य लोग घायल हो गए, जिनमें से छह की हालत गंभीर है। सभी घायलों को तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से जोधपुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस और स्थानीय लोगों की तत्परता दुर्घटना की सूचना मिलते ही बालेसर थाना प्रभारी नरपतदान चरण अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से उन्होंने घायलों को बस से बाहर निकाला और उन्हें चिकित्सा सहायता के लिए भेजा। घटना के बाद ट्रेलर का चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है। सड़क सुरक्षा पर सवाल यह हादसा एक बार फिर हाईवे पर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार से जुड़े खतरों को उजागर करता है। प्रशासन से अपील है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
बीकानेर के स्टेशन रोड स्थित राजमाता सुदर्शना कला दीर्घा में आयोजित एक अनूठी प्रदर्शनी ने भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम इतिहास को जीवंत कर दिया। यह आयोजन नौशाद एकेडमी ऑफ हिंदुस्तानी संगीत और अमन कला केंद्र द्वारा किया गया, जिसमें ओल्ड फिल्म पोस्टर प्रदर्शनी और फिल्म संगीत कार्यक्रम का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रदर्शनी का उद्देश्य भारतीय सिनेमा की समृद्ध विरासत और रचनात्मकता को सिनेमा प्रेमियों और युवा पीढ़ी तक पहुंचाना था। प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण इस दो दिवसीय प्रदर्शनी में 1935 से लेकर वर्तमान तक की फिल्मों के दुर्लभ और ऐतिहासिक पोस्टर प्रदर्शित किए गए। इनमें हाथ से बने पोस्टरों ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। ये पोस्टर न केवल कला और सिनेमा के गहरे रिश्ते को दिखाते हैं, बल्कि सिनेमा के स्वर्णिम दौर की झलक भी पेश करते हैं। प्रदर्शनी में बॉलीवुड के साथ-साथ क्षेत्रीय फिल्मों के पोस्टर भी शामिल थे, जिनमें से कई को दुर्लभ और संग्रहणीय माना जाता है। सिनेमा प्रेमियों के लिए विशेष अवसर यह प्रदर्शनी सिनेमा प्रेमियों और कलाप्रेमियों को भारतीय सिनेमा की समृद्ध विरासत से जुड़ने का बेहतरीन अवसर प्रदान करती है। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन युवा पीढ़ी को सिनेमा के विकास और इसके रचनात्मक पहलुओं से रूबरू कराने का एक प्रयास हैं। सिनेप्रेमियों की बड़ी संख्या में भागीदारी प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में दर्शकों ने भाग लिया और पुराने पोस्टरों के जरिए भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम इतिहास को नजदीक से जानने का अवसर प्राप्त किया। दर्शकों ने इन पोस्टरों को देखकर उस दौर की फिल्मों और उनके प्रचार के तरीकों को समझने का प्रयास किया। कलात्मक विरासत का संरक्षण अमन कला केंद्र हर साल इस तरह की प्रदर्शनी का आयोजन करता है। यह प्रदर्शनी न केवल सिनेमा के प्रति लोगों की रुचि को बढ़ावा देती है, बल्कि यह भारतीय सिनेमा की कलात्मक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण का भी प्रतीक है। यह आयोजन बीकानेर में कला और सिनेमा के उत्सव के रूप में याद किया जाएगा। इससे न केवल भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम इतिहास की झलक मिली, बल्कि यह युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बना।
राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर के महाबार गांव में शुक्रवार सुबह एक दुर्लभ पक्षी के मिलने से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पक्षी के पैर में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगी हुई थी, जिसके चलते इसे जासूसी से जुड़ा मामला माना जा रहा है।घटना का विवरण:कहां मिला पक्षी?बाड़मेर के महाबार गांव के मेवाणियों की ढाणी क्षेत्र में ग्रामीणों ने एक संदिग्ध पक्षी देखा।डिवाइस का विवरण:पक्षी के पैर में सिल्वर कलर की रिंग जैसी डिवाइस बंधी हुई थी, जिस पर कुछ नंबर और अंग्रेजी में लिखा था।ग्रामीणों की प्रतिक्रिया:ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और वन विभाग को सूचना दी।पक्षी को पकड़कर सदर पुलिस थाना के हवाले कर दिया गया।जांच का मौजूदा चरण:पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की जांच:पक्षी के पाकिस्तान से आने की संभावना जताई जा रही है।डिवाइस को इलेक्ट्रॉनिक रिमोट की मदद से जांचा जा रहा है।पहले भी ऐसे मामले:पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां अक्सर रिमोट-नियंत्रित पक्षियों और एंटीनुमा गुब्बारों का इस्तेमाल भारतीय सीमा की सुरक्षा जानकारी लेने के लिए करती रही हैं।जैसलमेर के मोहनगढ़ में एक महीने पहले एंटीनुमा गुब्बारा मिला था।क्या हो सकती है वजह?जासूसी का शक:यह पक्षी संभवतः भारतीय सीमा की सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के उद्देश्य से भेजा गया हो सकता है।सावधानी बढ़ी:पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेकर पुष्टि और सत्यापन में जुटी हैं।पक्षी से जुड़े नेटवर्क और डिवाइस के उद्देश्य का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
मुंबई के गोवंडी पुलिस स्टेशन में ट्रेन ब्लास्ट की झूठी सूचना देने वाले युवक मिर्जा बेग को अजमेर एटीएस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से हिरासत में लिया है। युवक पर मुंबई पुलिस में पहले से मुकदमा दर्ज है, और अब इस मामले की गहन जांच की जा रही है। घटना का विवरण: सूचना का स्रोत:झारखंड निवासी मिर्जा बेग ने मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी थी कि कुछ लोग ट्रेन ब्लास्ट की साजिश रच रहे हैं। एटीएस की कार्रवाई:मुंबई पुलिस की शिकायत पर अजमेर एटीएस, जिला स्पेशल पुलिस, और क्लॉक टॉवर थाना की संयुक्त टीम ने आरोपी को हिरासत में लिया। क्या हुआ अब तक? पकड़ने की प्रक्रिया: शनिवार सुबह मुंबई कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद एटीएस ने मिर्जा बेग को अजमेर से पकड़ा। आरोपी ने दावा किया कि एक कंपनी का मालिक षड्यंत्र रच रहा है। मुंबई पुलिस को सूचना:हिरासत में लिए गए आरोपी की जानकारी मुंबई पुलिस को दे दी गई है, जो इस मामले की गहन जांच करेगी। पुलिस का बयान: एडिशनल एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मिर्जा बेग पर मुंबई पुलिस में पहले से मामला दर्ज है।
रतलाम जिले की पुलिस ने बच्चा चोर गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर दो अपहृत बच्चों को सुरक्षित बरामद किया है। इस गिरोह के तार राजस्थान और गुजरात से जुड़े पाए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। घटना का विवरण तारीख: 30 नवंबर 2024 स्थान: जावरा तहसील, हुसैन टेकरी क्षेत्र, रतलाम पीड़ित: एक 1 वर्षीय बच्ची और 8 वर्षीय बच्चा घटना: झोपड़ी में रहने वाले इन बच्चों का मेला मैदान से अज्ञात बदमाशों ने अपहरण कर लिया। पुलिस की कार्रवाई जांच टीम का गठन:अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा और जावरा नगर पुलिस अधीक्षक दुर्गेश आर्मो के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। सीसीटीवी फुटेज की जांच:100 से अधिक स्थानों के फुटेज खंगालने के बाद संदिग्धों की पहचान हुई। गिरफ्तारी और बरामदगी:राजगढ़ जिले के ब्यावरा से दोनों बच्चों को आरोपियों के कब्जे से बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपी बबली पति सलीम हनीफ पिता अब्दुल रशीद नासरा बी पति फारुख राशिद पिता शफीक शाह जुलेखा (राशिद की पत्नी) मेहजबीन बी पति असफाक खान (गुजरात के मेहसाणा से गिरफ्तार) एक नाबालिग अपहरण का मकसद आरोपियों ने बताया कि बच्चों को 80,000 रुपये में बेचने की योजना थी। बच्चों को गुजरात के मेहसाणा में मेहजबीन बी के पास ले जाया जा रहा था, जिसे अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का बयान पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश की जा रही है। सराहनीय कार्य पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने दोनों बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलवाया, जो काबिले तारीफ है।
राजस्थान में राजनेताओं और अफसरशाही के बीच विवाद कोई नई बात नहीं है। यह समस्या दशकों से चली आ रही है और हर सरकार के दौरान यह चर्चा का विषय बनती है। ब्यूरोक्रेसी और राजनेताओं के बीच तालमेल का अभाव अक्सर शासन के सुचारु संचालन में बाधा बनता है। राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी: क्यों है खास चर्चा में? राजस्थान उन राज्यों में से एक है जहां अफसरों का प्रभाव राजनेताओं से अधिक दिखता है। कई अधिकारी राजनीतिक दलों से जुड़ चुके हैं। सत्ता में आने वाले हर दल ने इस समस्या का सामना किया है। अफसरों का कामकाज कई बार राजनेताओं के फैसलों पर भारी पड़ता है। ताजा विवाद: किरोड़ीलाल मीणा का बयान कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने हाल ही में अफसरों पर उनके और मुख्यमंत्री के बीच गलतफहमी पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने सीएम से अपील की कि वे उन अफसरों की पहचान करें जो विवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। मीणा का बयान राजस्थान में अफसरशाही और राजनेताओं के तनावपूर्ण रिश्तों की एक और कड़ी है। गहलोत सरकार के दौरान विवाद अशोक चांदना बनाम सीएम सचिव:तत्कालीन खेल मंत्री अशोक चांदना ने सीएम सचिव कुलदीप रांका पर नाराजगी जताते हुए ट्वीट किया था कि उन्हें मंत्री पद से मुक्त कर दिया जाए। रमेश मीणा बनाम बीकानेर कलेक्टर:रमेश मीणा और कलेक्टर भगवतीप्रसाद कलाल के बीच खुलेआम विवाद हुआ। भाजपा के आरोप विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने अफसरों पर भ्रष्टाचार और कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए। सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने उन्हीं आरोपों को भाजपा के खिलाफ दोहराया। अफसरों का प्रभाव और राजनीतिक दलों का बदलता रुख विपक्ष में रहते हुए पार्टियां ब्यूरोक्रेसी के खिलाफ सवाल उठाती हैं। सत्ता में आते ही वही पार्टियां अफसरशाही का समर्थन करती नजर आती हैं। बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर राजनीतिक दलों का रवैया अक्सर बदलता रहा है। मुख्य समस्याएं और निष्कर्ष सत्ता के समीकरण:ब्यूरोक्रेसी और राजनेताओं के बीच सत्ता का संघर्ष विवाद का मुख्य कारण है। भ्रष्टाचार और कार्यशैली:भ्रष्टाचार और निर्णय लेने में देरी से विवाद बढ़ते हैं। राजनीतिक दबाव:अफसरों पर राजनीतिक दबाव और दलों से जुड़ाव शासन में संतुलन बिगाड़ता है। राजस्थान में ब्यूरोक्रेसी और राजनेताओं के बीच बेहतर तालमेल के बिना शासन प्रणाली की दक्षता में सुधार संभव नहीं है। सत्ता में आने वाले दलों को इस समस्या का दीर्घकालिक समाधान निकालना होगा।
बीकानेर में मसाज पार्लरों की आड़ में चल रहे अनैतिक कार्यों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। कोटगेट थाना पुलिस ने मॉर्डन मार्केट स्थित एक मसाज पार्लर पर छापा मारकर पांच युवतियों और दो युवकों को आपत्तिजनक स्थिति में गिरफ्तार किया।पुलिस की कार्रवाईछापेमारी टीम:कार्रवाई का नेतृत्व सीओ सिटी श्रवणदास संत और थानाधिकारी मनोज शर्मा ने किया।गिरफ्तारी:मौके से कुल सात लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें पांच युवतियां और दो युवक शामिल हैं।सूचना का आधार:पुलिस को मुखबिर से मसाज पार्लर में अनैतिक गतिविधियों की जानकारी मिली थी, जिसकी पुष्टि के बाद योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की गई।लंबे समय से चल रहा गोरखधंधाप्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह अवैध धंधा लंबे समय से संचालित हो रहा था।पुलिस अब गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ कर इस रैकेट के अन्य सदस्यों और इसके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।इस कार्रवाई के बाद मसाज पार्लर संचालकों और इस अवैध धंधे से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।जनता और प्रशासन चिंतितमसाज पार्लर की आड़ में चल रही इन गतिविधियों ने न केवल आम जनता को बल्कि प्रशासन को भी चिंता में डाल दिया है।पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।प्रशासन अब इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर अन्य संभावित स्थानों पर भी छापेमारी की योजना बना रहा है।निष्कर्षबीकानेर में अनैतिक गतिविधियों पर पुलिस की यह कार्रवाई एक अहम कदम है। इससे न केवल समाज में जागरूकता बढ़ेगी बल्कि ऐसे अवैध कार्यों पर लगाम लगाने में भी मदद मिलेगी। पुलिस की आगे की जांच और कार्रवाई इस मामले को पूरी तरह उजागर करने में महत्वपूर्ण होगी।
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