Author: UmaKant Joshi

women’s safety राजस्थान पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक नई पहल की है। राजकॉप सिटीजन एप में जोड़े गए ‘Need Help’ फीचर के जरिए संकट की स्थिति में महिलाओं को तुरंत पुलिस सहायता प्रदान की जाएगी। महिला सुरक्षा को प्राथमिकता केकड़ी के एएसपी रामचन्द्र सिंह ने बताया कि महिलाओं को हर परिस्थिति में सुरक्षा देने के उद्देश्य से पुलिस ने इस फीचर को लॉन्च किया है। सुविधा के फायदे पुलिस मित्र और सुरक्षा सखियों का सहयोग केकड़ी डीवाईएसपी हर्षित शर्मा ने बताया कि इस फीचर का उपयोग बढ़ाने के लिए महिलाओं के लिए एक बड़ा बदलाव राजकॉप एप का ‘Need Help’ फीचर महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निष्कर्ष राजस्थान पुलिस द्वारा उठाया गया यह कदम राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक नई मिसाल स्थापित करेगा। ‘Need Help’ फीचर के जरिए महिलाओं को त्वरित और प्रभावी सहायता मिलेगी, जिससे वे खुद को सुरक्षित और सशक्त महसूस करेंगी।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 17 दिसंबर को राजस्थान में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) की आधारशिला रखने जा रहे हैं। इस बीच, कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने परियोजना से जुड़े समझौता ज्ञापन (एमओयू) को सार्वजनिक करने की मांग की है। गहलोत का केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना अशोक गहलोत ने संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना (पीकेसी-ईआरसीपी) को लेकर केंद्र और राजस्थान सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में राजस्थान और मध्यप्रदेश सरकारों के बीच इस परियोजना को लेकर एक एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। गहलोत का कहना है कि,”इस समझौते को गुप्त क्यों रखा गया है? जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि यह परियोजना उनके लिए लाभकारी होगी या नहीं।” उन्होंने केंद्र सरकार पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए इस एमओयू को तत्काल सार्वजनिक करने की मांग की। ईआरसीपी: राजस्थान के लिए महत्व ईआरसीपी परियोजना राजस्थान के 13 जिलों में जल संकट दूर करने और सिंचाई व्यवस्था में सुधार लाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के पूर्वी हिस्सों में जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस परियोजना की आधारशिला रखा जाना इस योजना के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। गहलोत के आरोप: एमओयू को लेकर संशय गहलोत ने सवाल उठाए कि क्या यह एमओयू राजस्थान के हितों की रक्षा करता है। उन्होंने कहा,”यदि यह परियोजना वास्तव में राजस्थान के हित में है, तो सरकार को इसे छिपाने की जरूरत नहीं है। समझौते की शर्तों को सार्वजनिक करना चाहिए ताकि जनता यह देख सके कि इसमें उनके लिए क्या लाभ है।” राजनीतिक बयानबाजी तेज ईआरसीपी को लेकर गहलोत और केंद्र सरकार के बीच यह बयानबाजी राजनीतिक माहौल को गर्म कर रही है। निष्कर्ष प्रधानमंत्री मोदी का 17 दिसंबर को ईआरसीपी की आधारशिला रखना राजस्थान के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा। हालांकि, गहलोत द्वारा एमओयू सार्वजनिक करने की मांग ने इस परियोजना को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि राज्य सरकार और केंद्र इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं और एमओयू सार्वजनिक किया जाता है या नहीं।

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राजसमंद जिला कार्यालय पर भाजपा द्वारा आयोजित सक्रिय सदस्यता अभिनंदन कार्यक्रम में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने प्रदेश के विकास और भविष्य की योजनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार ने राजस्थान को अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। 35 लाख करोड़ के एमओयू से विकास की नई दिशा दीया कुमारी ने कार्यक्रम में कहा कि राजस्थान में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए हैं, जो प्रदेश के चहुंमुखी विकास की ओर एक बड़ा कदम है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ये योजनाएं ज़मीन पर उतरेंगी और राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में स्थान दिलाएंगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “राजसमंद ने भाजपा को अभूतपूर्व समर्थन दिया है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम जनता के भरोसे पर खरा उतरें और हर क्षेत्र में विकास के कार्यों को गति दें।” कार्यकर्ताओं के साथ आत्मीय जुड़ाव दीया कुमारी ने कहा कि राजसमंद क्षेत्र ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया है और इसी क्षेत्र के समर्थन से राजस्थान में भाजपा की सरकार बनी। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार राजसमंद लोकसभा क्षेत्र में भाजपा को सबसे ज्यादा मतों से जीत मिली। संगठन की मजबूती पर जोर जिला संगठन प्रभारी वीरेंद्र सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि राजसमंद संगठनात्मक दृष्टि से हमेशा अग्रणी रहा है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा, “412 दिनों के प्रवास के दौरान जनता ने जो स्नेह दिया, वह अविस्मरणीय है।” जिला अध्यक्ष की मांग: राजसमंद को मंत्री पद मिले कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष मानसिंह बारहठ ने कहा कि दीया कुमारी के कार्यकाल में राजसमंद का चहुंमुखी विकास हुआ है। उन्होंने मांग की कि राजसमंद को एक मंत्री पद का हक मिलना चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ नेता इस आयोजन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे, जिनमें विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़, दीप्ति माहेश्वरी, जिला प्रमुख रतनीदेवी, पूर्व विधायक बंशी लाल खटीक, और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। निष्कर्ष सदस्यता अभिनंदन समारोह ने यह स्पष्ट किया कि भाजपा संगठन राजसमंद में मजबूत है। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए कार्यकर्ताओं और जनता को भरोसा दिलाया कि राजस्थान जल्द ही देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।

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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने कार्यकाल के पहले साल की उपलब्धियां और चुनौतियां साझा कीं। अमर उजाला के साथ इस विशेष साक्षात्कार में उन्होंने सरकार की प्रमुख योजनाओं, भविष्य की तैयारियों, और “वन नेशन-वन इलेक्शन” जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की। सवाल: सरकार का एक साल पूरा हो गया है। इसे आप कैसे देखते हैं, और राजस्थान में क्या बड़ा बदलाव चाहते हैं? भजनलाल शर्मा: राजस्थान संभावनाओं से भरा प्रदेश है। हमारी सरकार ने वर्षों से अटके फैसलों को तेजी से जमीन पर उतारने का काम किया। पानी की समस्या को प्राथमिकता दी और इस दिशा में एमओयू साइन किए। पेपर लीक मामलों पर सख्त कार्रवाई की गई। कानून व्यवस्था में सुधार हुआ और इन्वेस्टमेंट समिट से निवेश के नए अवसर पैदा हुए। मैं विश्वास दिलाता हूं कि अगले दो सालों में राजस्थान भारत के शीर्ष प्रांतों में होगा। सवाल: आमतौर पर इन्वेस्टमेंट समिट कार्यकाल के अंतिम वर्षों में होती है। आपने इसे पहले ही साल में करवाया और हर दो साल में करवाने की योजना बनाई। क्यों? भजनलाल शर्मा: हमने राजस्थान को निवेश के लिए अनुकूल प्रदेश के रूप में स्थापित किया है। शुरुआती दौर में समिट करवाकर हमने राजस्थान की वैश्विक पहचान बनाई। इसका उद्देश्य प्रदेश को नए अवसरों की ओर ले जाना था। हमने जनता को सुशासन देने और राजस्थान को प्रथम बनाने का लक्ष्य रखा है। सवाल: 35 लाख करोड़ के एमओयू धरातल पर कैसे उतरेंगे? इनका फॉलोअप कैसे करेंगे? भजनलाल शर्मा: हमने इन एमओयू को धरातल पर लाने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की है और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निवेशकों को कोई समस्या न हो। समिट के दौरान मिला उत्साह और सकारात्मक माहौल इस बात का प्रमाण है कि एमओयू का क्रियान्वयन सफल होगा। दो साल में जनता को इसका परिणाम दिखेगा। सवाल: केंद्र सरकार वन नेशन-वन इलेक्शन बिल ला रही है। इस पर आपकी सरकार की क्या तैयारी है? भजनलाल शर्मा: हमारी सरकार केंद्र के निर्देशों के लिए पूरी तरह से तैयार है। वन नेशन-वन इलेक्शन से समय, धन, और ऊर्जा की बचत होगी। इससे जनता को भी राहत मिलेगी। हम इसे लागू करने के लिए हरसंभव तैयारी कर रहे हैं। सवाल: नए जिलों की समीक्षा रिपोर्ट पेंडिंग है। सरकार इस पर कब निर्णय लेगी? भजनलाल शर्मा: नए जिलों को लेकर सरकार की मंशा स्पष्ट है। कमेटी की रिपोर्ट और जनता की भावनाओं के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा। जल्द ही इस पर काम होगा। सवाल: उपचुनाव में भाजपा का शानदार प्रदर्शन रहा। क्या कोई कमी रह गई थी? भजनलाल शर्मा: हमने ईमानदारी और साफ नीयत के साथ काम किया। जनता ने हमारे विकास कार्यों को सराहा और सात में से पांच सीटें देकर हमें आशीर्वाद दिया। कांग्रेस के भ्रम और परिवारवाद की राजनीति की हार हुई है। निष्कर्ष:मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने कार्यकाल के पहले साल को उपलब्धियों का साल बताया। उन्होंने राजस्थान में निवेश, कानून व्यवस्था, और बुनियादी ढांचे को सुधारने के अपने प्रयासों को रेखांकित किया। “वन नेशन-वन इलेक्शन” और नए जिलों पर उनके रुख से स्पष्ट है कि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हैं।

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राजधानी Jaipur के स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। ब्लड कैंसर से पीड़ित एक 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जिसे अस्पताल में चूहे ने काट लिया था। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। घटना का विवरण 11 दिसंबर की रात ब्लड कैंसर से पीड़ित बच्चे को कैंसर इंस्टीट्यूट के पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती कराया गया था। उसी रात, चूहे ने उसके पैर का अंगूठा काट दिया। जब बच्चा दर्द से रोया, तो परिजनों ने देखा कि चूहे ने पैर को बुरी तरह कुतर दिया था, जिससे खून बह रहा था। परिजनों ने इस बारे में नर्सिंग स्टाफ को सूचित किया। लेकिन स्टाफ ने केवल पट्टी बांधकर खानापूर्ति की। शुक्रवार को इलाज के दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे की हालत पहले से ही गंभीर थी। अस्पताल की बदहाल स्थिति वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों और परिजनों ने खुलासा किया कि अस्पताल में लंबे समय से सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। जुलाई 2023 में जोधपुर एमडीएम अस्पताल में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी, जहां एक मरीज का पैर चूहों ने काट लिया था। परिजनों की चिंता और अस्पताल की जवाबदेही घटना के बाद मरीजों के परिजन घबराए हुए हैं। अस्पताल की लचर व्यवस्थाओं के कारण उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर आशंकाएं उठ रही हैं। इस मामले में प्रशासन से तत्काल कार्रवाई और सुधार की मांग की जा रही है। सफाई कर्मियों की तैनाती और वार्डों में सुरक्षा उपायों के अभाव ने एक मासूम की जान ले ली, जो गंभीर चिंता का विषय है। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल इस घटना ने राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर एक बार फिर ध्यान आकर्षित किया है। नियमित निरीक्षण, स्वच्छता व्यवस्था, और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यावश्यक है। अगर व्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त नहीं किया गया, तो ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति हो सकती है।

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Pali Medical college में 2024 का तीसरा देहदान सोजत के रहने वाले प्रकाश गुर्जर के निधन के बाद हुआ। उनके परिवार ने यह महान कदम उठाते हुए उनकी देह चिकित्सा शिक्षा के लिए दान कर दी। नेत्रदान से देहदान तक की यात्रा प्रकाश गुर्जर का असामयिक निधन होने के बाद उनके परिजनों ने आई बैंक सोसायटी से संपर्क कर उनकी आंखें दान करने का निर्णय लिया। आई बैंक सोसायटी पाली चैप्टर के अध्यक्ष हुक्मीचंद मेहता ने परिजनों को नेत्रदान के बाद देहदान के महत्व के बारे में बताया। परिवार ने सहमति जताई, जिसके बाद प्रकाश गुर्जर की देह भी मेडिकल कॉलेज को दान की गई। उनकी आंखों से प्राप्त कॉर्निया को जयपुर भेजा गया, जहां यह दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को रोशनी प्रदान करेगी। पाली मेडिकल कॉलेज: देहदान की बढ़ती संख्या पाली मेडिकल कॉलेज में 2024 में अब तक तीन देहदान हो चुके हैं। कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि अब तक कुल 22 परिवारों ने अपने प्रियजनों का देहदान किया है। यह कदम मेडिकल छात्रों को शारीरिक संरचना और चिकित्सा विज्ञान को बेहतर तरीके से समझने में मदद करता है। परिवार और समाज की भूमिका प्रकाश गुर्जर के पिता हरिराम गुर्जर, मां सुखीदेवी, और बहन दुर्गा गुर्जर सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने इस पहल में सक्रिय भाग लिया। देहदान के दौरान समाज के कई प्रतिष्ठित लोग भी उपस्थित रहे, जिनमें मंगलाराम, सोहन पंवार, पियुष चौहान, देवाराम गुर्जर, और कानाराम शामिल थे। देहदान: मानवता की सेवा में अनमोल योगदान देहदान और नेत्रदान जैसे कदम न केवल चिकित्सा क्षेत्र में योगदान देते हैं, बल्कि मानवता के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनते हैं। पाली और उसके आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती जागरुकता से यह पहल और मजबूत हो रही है, जो आने वाले समय में सामाजिक बदलाव का प्रतीक बनेगी।

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Ajmer Dargah सुप्रीम कोर्ट ने प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट, 1991 पर सुनवाई करते हुए मंदिर-मस्जिद विवाद से जुड़े नए मुकदमों और सर्वेक्षणों पर रोक लगा दी है। इस आदेश पर अजमेर दरगाह और अन्य संबंधित पक्षों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। दरगाह से जुड़े लोगों का स्वागत अंजुमन सैयद जादगान का बयान अजमेर दरगाह के अंजुमन सैयद जादगान के सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को न्यायपालिका पर जनता के विश्वास को बहाल करने वाला बताया। अखिल भारतीय सूफी सज्जादानशीन परिषद परिषद के अध्यक्ष सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने इसे शांति और सांप्रदायिक सौहार्द स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। हिंदू सेना का रुख हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अजमेर दरगाह मामले पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य और सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश सांप्रदायिक तनाव को कम करने और धार्मिक विवादों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है। अजमेर दरगाह विवाद और भविष्य की स्थिति निष्कर्ष सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने देशभर में सकारात्मक प्रभाव डाला है। अजमेर दरगाह से जुड़े धार्मिक और सामाजिक पक्षों ने इसे सौहार्द और शांति की दिशा में कदम माना है। हालांकि, हिंदू सेना के रुख और दरगाह विवाद पर आगामी सुनवाई से इस मामले में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।

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Rajasthan मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले वर्ष के समापन पर किसानों और पशुपालकों के लिए कई बड़ी योजनाओं और वित्तीय सहायता का एलान किया। शुक्रवार को अजमेर में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने 700 करोड़ रुपये की धनराशि सीधा बैंक खातों में ट्रांसफर कर किसान कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। प्रमुख घोषणाएं और लाभ किसानों के लिए योजनाएं पशुपालकों के लिए योजनाएं कृषि शिक्षा को बढ़ावा नई योजनाओं की शुरुआत मुख्यमंत्री का विज़न मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ये योजनाएं राजस्थान के किसानों और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए अहम हैं। साथ ही, कृषि शिक्षा, संरचनात्मक विकास, और उन्नत तकनीकों का उपयोग कर राज्य को आधुनिक कृषि और पशुपालन का केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

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Jaipur में 12 दिसंबर को रन फॉर विकसित राजस्थान का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशभर से आए खिलाड़ियों और युवाओं के साथ दौड़ लगाई और राजस्थान को नई युवा और खेल नीति देने की घोषणा की। उन्होंने खेल सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने और ओलिंपिक के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने की प्रतिबद्धता जताई। आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक घोषणा से जुड़ी प्रमुख बातें। नई युवा और खेल नीति: विकास की दिशा में बड़ा कदम राजस्थान सरकार प्रदेश में नई युवा और खेल नीति लाने की तैयारी कर रही है। इस नीति का उद्देश्य प्रदेश में खेलों को प्रोत्साहित करना और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। इसके तहत: खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2026: राजस्थान बनेगा मेजबान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राजस्थान खेलो इंडिया राष्ट्रीय यूथ गेम्स 2026 की मेजबानी करेगा। यह आयोजन राज्य में खेलों के विकास के साथ-साथ पर्यटन और इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी बढ़ावा देगा। महाराणा प्रताप विश्वविद्यालय: खिलाड़ियों की ट्रेनिंग के लिए नई पहल खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए सरकार महाराणा प्रताप विश्वविद्यालय की स्थापना करेगी। हर साल होगा ‘रन फॉर विकसित राजस्थान’ का आयोजन मुख्यमंत्री ने कहा कि हर साल 12 दिसंबर को प्रदेशभर में रन फॉर विकसित राजस्थान का आयोजन होगा। खेल और युवा विकास को नई दिशा नई नीति के लागू होने से: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की यह पहल राजस्थान को खेलों और युवा विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नई खेल नीति न केवल खिलाड़ियों के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक नई शुरुआत होगी।

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Rajasthan के युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा क्षेत्र से बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य सरकार ने 56,720 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। साथ ही, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने रीट 2024 परीक्षा 27 फरवरी को कराने की घोषणा की है। इस खबर से राज्य के लाखों युवाओं में उत्साह का माहौल है। आइए जानते हैं पूरी जानकारी विस्तार से। रीट 2024: परीक्षा की तारीख और प्रक्रिया राजस्थान में रीट परीक्षा का आयोजन दो साल बाद हो रहा है। इस बार यह परीक्षा 27 फरवरी को दो पारियों में आयोजित की जाएगी: ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया: परीक्षा शुल्क: बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर आवेदकों की संख्या अधिक होती है, तो परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता के आधार पर परीक्षा की तारीखों में बदलाव हो सकता है। रीट के बाद भर्ती प्रक्रिया रीट का परिणाम आने के बाद राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) अध्यापक भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा। केवल रीट में पात्रता प्राप्त करने वाले ही इस भर्ती में आवेदन कर सकेंगे। 56,720 पदों पर भर्ती: विभागवार जानकारी राजस्थान सरकार ने 7 विभागों में बड़ी संख्या में भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें शामिल हैं: 1. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती (52,453 पद) 2. प्रहरी भर्ती (803 पद) 3. वरिष्ठ अध्यापक भर्ती (2,129 पद) 4. चिकित्सा शिक्षा विभाग (329 पद) 5. वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (14 पद) 6. ऊर्जा विभाग (487 पद) 7. आरसीडीएफ (505 पद) रीट 2024 और भर्ती से जुड़े अहम तथ्य भर्ती परीक्षाओं के साथ रोजगार का सुनहरा अवसर राजस्थान सरकार की इस पहल से बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे। समय पर आवेदन और तैयारी के साथ यह अवसर लाखों युवाओं के जीवन में बदलाव ला सकता है। ध्यान दें: आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग के निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और प्रक्रिया का पालन करें।

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