Author: UmaKant Joshi
Rajasthan में कांग्रेस द्वारा जयपुर में धरने के बाद भाजपा के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए इसे जनता को गुमराह करने की कवायद बताया। मंत्री पटेल का बयान: पटेल ने कहा, “कांग्रेस को यह स्वीकार नहीं हो रहा कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। धरना केवल एक राजनीतिक नाटक था।” मदन दिलावर का आरोप: उन्होंने कांग्रेस के धरने को फ्लॉप शो बताते हुए कहा, “यह केवल जनता को गुमराह करने का प्रयास था। भाजपा सरकार विकास और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” कांग्रेस पर भाजपा के आरोप: भाजपा की प्रतिबद्धता: भाजपा मंत्रियों ने कहा कि पार्टी विकास और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित है। कांग्रेस को जनता की भलाई के लिए किए जा रहे कार्यों को लेकर परेशानी हो रही है। निष्कर्ष:भाजपा ने कांग्रेस के धरने को महज राजनीतिक नाटक करार देते हुए खुद को देशहित और विकास के प्रति प्रतिबद्ध बताया।
दु:खद घटना: Rajasthan जैसलमेर जिले के खेतोलाई गांव की ट्रेनी पायलट चेष्टा बिश्नोई का सड़क दुर्घटना में दुखद निधन हो गया। चेष्टा का सपना आसमान में उड़ान भरने का था, लेकिन वह उड़ान से पहले ही दुनिया को अलविदा कह गईं। अंगदान से आठ लोगों को मिला जीवन:चेष्टा के परिवार ने उनके निधन के बाद एक बड़ा और प्रेरणादायक फैसला लिया। परिवार ने उनके अंगदान का निर्णय लिया, जिससे चेष्टा की मृत्यु के बाद भी उनके अंगों से आठ लोगों को जीवनदान मिला। पुणे के चिकित्सालय में चेष्टा के हृदय, लिवर और अन्य अंगों का सफलतापूर्वक दान किया गया।चेष्टा का यह अंगदान उनके परिवार और समाज के लिए एक महान कार्य बन गया, जो दूसरों के जीवन को बचाने में मददगार साबित हुआ। परिवार और समाज का शोक:चेष्टा खेतोलाई के पूर्व सरपंच भैराराम बिश्नोई की पड़पोत्री थीं। उनके पिता ज्योति प्रकाश बिश्नोई और माता सुषमा बिश्नोई पोकरण में इंडेन गैस एजेंसी संचालित करते हैं।चेष्टा का एक भाई भी है, जो पढ़ाई कर रहा है।पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी महाराज, पूर्व कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद और प्रधान भगवतसिंह तंवर सहित कई जनप्रतिनिधियों ने चेष्टा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। संवेदनशील पहल:चेष्टा ने अपने निधन के बाद अंगदान करके समाज के सामने एक उत्तम उदाहरण पेश किया। उनके इस महान कार्य ने अंगदान के महत्व को उजागर किया और लोगों को इस दिशा में जागरूक किया। अंतिम विदाई:आज शाम को चेष्टा का पार्थिव शरीर खेतोलाई में पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। जिलेवासियों के लिए यह एक दुखद और गमगीन दिन है, क्योंकि खेतोलाई की होनहार बेटी का विमान उड़ाने का सपना अब कभी पूरा नहीं हो सकेगा।
महाकुंभ की तैयारी: rajasthan प्रयागराज में 2025 में आयोजित होने वाले महाकुंभ स्नान को लेकर राजस्थान से श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए रेलवे ने विशेष तैयारियां की हैं। स्पेशल ट्रेन रूट और प्रस्ताव: रेलवे बोर्ड ने उत्तर-पश्चिम रेलवे और अन्य जोनल रेलवे से प्रस्ताव मांगे हैं। स्थानीय स्तर की पहल: महाकुंभ की खासियत:
Rajasthan देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान समरावता हिंसा मामले में गिरफ्तार निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा की रिहाई को लेकर समर्थकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जयपुर में बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट ने सरकार और प्रशासन को सतर्क कर दिया है। क्या है मामला?समरावता हिंसा: उपचुनाव के दौरान हुई हिंसा के आरोप में नरेश मीणा और 18 अन्य को गिरफ्तार किया गया।नरेश मीणा का समर्थन: निर्दलीय प्रत्याशी नरेश के समर्थन में देवली-उनियारा क्षेत्र में जनसमर्थन तेजी से बढ़ रहा है।रिहाई की मांग: समर्थकों ने 8 दिसंबर तक रिहाई का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन अब तक रिहाई नहीं हुई। आंदोलन की तैयारीमहापंचायत का आयोजन: नरेश मीणा की रिहाई के लिए देवली-उनियारा में महापंचायत बुलाई गई।महापंचायत में कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल भी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।जयपुर कूच और हाईवे जाम: 29 दिसंबर को जयपुर में बड़े आंदोलन की तैयारी।टोंक हाईवे जाम करने की भी योजना पर चर्चा।एजेंसियां सतर्क: खुफिया रिपोर्ट्स ने सरकार को संभावित आंदोलन की चेतावनी दी है।आंदोलन की तैयारियों को लेकर एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। नरेश मीणा की जमानत पर देरी17 दिसंबर को टोंक जिला एवं सेशन कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी।केस डायरी नहीं पहुंचने के कारण सुनवाई 23 दिसंबर तक टाल दी गई।समर्थकों का कहना है कि यदि न्याय नहीं हुआ, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। सरकार और प्रशासन की चुनौतीराजनीतिक दबाव: कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल की सक्रियता से मामला राजनीतिक रंग ले रहा है।आंदोलन की संभावना: जयपुर में आंदोलन और टोंक हाईवे जाम से राज्य सरकार की साख पर सवाल उठ सकते हैं।प्रशासन की जिम्मेदारी: आंदोलन रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है। निष्कर्षनरेश मीणा प्रकरण ने राजनीतिक और प्रशासनिक तनाव को बढ़ा दिया है। उनकी रिहाई को लेकर आंदोलन की सुगबुगाहट से सरकार पर न्यायिक और जन दबाव दोनों बढ़ गए हैं। आने वाले दिनों में 23 दिसंबर की सुनवाई और 29 दिसंबर का संभावित आंदोलन राज्य की राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकता है।
Kekri News राजस्थान के अजमेर जिले की भिनाय तहसील के ग्राम बड़ली में अवैध बजरी खनन ने मानवता की सीमाओं को पार कर दिया है। नायक समाज के श्मशान घाट पर की गई खुदाई के कारण जमीन में दबे शवों की अस्थियां बाहर आ गईं, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। घटना का विवरणगांव के नदी किनारे बने श्मशान घाट पर पिछले एक माह से जेसीबी मशीनों की मदद से बजरी माफिया अवैध खनन कर रहे थे। इस खुदाई के दौरान जमीन में गड़े शवों की अस्थियां बाहर निकल आईं। जैसे ही यह खबर फैली, समाज के लोग मौके पर पहुंचे और आरोपियों को भागने पर मजबूर कर दिया।यह घटना न केवल समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करती है, बल्कि प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर करती है। ग्रामीणों की प्रतिक्रियाघटना के बाद नायक समाज के लोगों ने भिनाय तहसीलदार नीलम राठौड़ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि: पिछले एक महीने से बजरी माफिया श्मशान भूमि में अवैध खनन कर रहे हैं।खुदाई के चलते कई शवों की अस्थियां बाहर आ गईं, जिससे उनकी दुर्गति हो रही है।मना करने पर भी खननकर्ता मनमानी कर रहे हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि: श्मशान भूमि में अवैध बजरी खनन पूरी तरह रोका जाए।दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रशासन की भूमिका पर सवालश्मशान भूमि जैसी संवेदनशील जगह पर अवैध खनन होना यह दर्शाता है कि बजरी माफियाओं को प्रशासन का कोई डर नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं कर रहा।तहसीलदार को ज्ञापन के माध्यम से इस समस्या को गंभीरता से लेने और जल्द समाधान की अपील की गई है। समाज का आक्रोश और समाधान की जरूरतश्मशान भूमि को किसी भी समाज के लिए पवित्र स्थान माना जाता है।अस्थियों की दुर्गति ने समाज के लोगों को गहराई से आहत किया है।प्रशासन को चाहिए कि वह न केवल अवैध खनन पर रोक लगाए, बल्कि दोषियों को कड़ी सजा देकर यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। निष्कर्षग्राम बड़ली में हुई यह घटना केवल अवैध खनन का मामला नहीं है, यह समाज की भावनाओं और मानवीय मूल्यों पर प्रहार है। प्रशासन की तत्काल कार्रवाई और सख्त कदम ही इस समस्या का समाधान हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान में भाजपा सरकार के एक साल पूरे होने पर आयोजित ‘एक वर्ष-परिणाम उत्कर्ष’ कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री 46,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 24 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। परियोजनाओं का विवरण 1. उद्घाटन की जाने वाली परियोजनाएं (9 परियोजनाएं – 11,000 करोड़ रुपये) 2. शिलान्यास की जाने वाली परियोजनाएं (15 परियोजनाएं – 35,300 करोड़ रुपये) प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन महत्व: प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास महत्व और निष्कर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कार्यक्रम राजस्थान के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य की आधारभूत संरचना, ऊर्जा क्षेत्र और जल संसाधन विकास को नई गति मिलेगी। खासतौर पर सौर ऊर्जा, रेलवे, और पेयजल आपूर्ति के क्षेत्र में यह बड़ा कदम है, जो राजस्थान को तेजी से विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने में सहायक होगा।
लोकसभा चुनावों में मिली सफलता के बाद उपचुनाव में करारी हार ने राजस्थान कांग्रेस को झटका दिया है। पार्टी संगठन अब कमजोर दिखाई दे रहा है। इसी को लेकर प्रदेश नेतृत्व संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद में जुट गया है। डोटासरा की चेतावनी राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने स्पष्ट किया है कि जो पदाधिकारी पार्टी के लिए काम नहीं कर रहे हैं, उन्हें संगठन से हटाया जाएगा। सोमवार को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में यह बड़ा निर्णय लिया गया। बैठक के मुख्य बिंदु 18 दिसंबर को कांग्रेस का पैदल मार्च 19 दिसंबर से प्रदेशव्यापी अभियान कांग्रेस स्थापना दिवस के कार्यक्रम निष्कर्ष कांग्रेस ने उपचुनाव में मिली हार से सबक लेते हुए संगठन की मजबूती पर फोकस करने और भाजपा सरकार की विफलताओं को जनता के सामने लाने की पूरी तैयारी कर ली है। डोटासरा के सख्त रुख से यह स्पष्ट है कि पार्टी में काम नहीं करने वालों की छुट्टी निश्चित है।
Rajasthan सवाई माधोपुर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जयपुर कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे भाजपा नेताओं की गाड़ी ट्रक से टकरा गई। यह हादसा मंगलवार सुबह करीब 7 बजे कुस्तला टोल के पास हुआ, जिसमें तीन भाजपा नेता घायल हो गए। घटना का विवरण सवाई माधोपुर से भाजपा नेताओं का दल सुबह 6 बजे जयपुर के लिए रवाना हुआ था। स्कॉर्पियो कार में नगर परिषद कार्यवाहक सभापति मेघा वर्मा के पति सुरजीत सिंह, भाजपा जिला मंत्री दीनदयाल मथुरिया, शहर मंडल उपाध्यक्ष अविनाश चौधरी और कार्यकर्ता जयप्रकाश सांवरिया मौजूद थे। कुस्तला टोल के पास अचानक तेज रफ्तार ट्रक ने गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि घायलों को गाड़ी से बाहर निकालने में काफी समय लगा। ड्राइवर फरार, पुलिस जांच में जुटी हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी ड्राइवर की तलाश जारी है। पीएम मोदी का कार्यक्रम गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जयपुर के दादिया में आयोजित ‘एक वर्ष-परिणाम उत्कर्ष’ कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान पार्वती-कालीसिंध-चंबल ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (PKC-ERCP) का शिलान्यास भी किया जाएगा। ये सभी भाजपा नेता इसी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जयपुर जा रहे थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 दिसंबर को जयपुर में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) का उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना का उद्देश्य राजस्थान को जल-अधिशेष राज्य में बदलना है, जिसमें 11 नदियों को जोड़ा जाएगा। ईआरसीपी का महत्व: प्रमुख लाभार्थी जिले: राजस्थान में:झालावाड़, कोटा, बूंदी, टोंक, सवाई माधोपुर, गंगापुर, दौसा, करौली, भरतपुर, और अलवर। मध्यप्रदेश में:गुना, शिवपुरी, श्योपुर, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, उज्जैन, मंदसौर, मुरैना, रतलाम, और ग्वालियर। परियोजना की प्रगति: इतिहास और वर्तमान प्रगति: निष्कर्ष: ईआरसीपी परियोजना राजस्थान में जल समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करने वाली पहल साबित होगी। यह 21 जिलों में जीवन स्तर सुधारने के साथ-साथ कृषि और पेयजल सुविधाओं में बड़ा बदलाव लाएगी। प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन के साथ यह परियोजना नदियों के सतत उपयोग का एक आदर्श मॉडल बनेगी।
Rajasthan News मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को गोवर्धन परिक्रमा विकास परियोजना का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से गिरिराजजी परिक्रमा क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मुख्य बिंदु: चार जोन में होगा विकास वित्त पोषण और प्रदर्शनी: मुख्यमंत्री ने परियोजना को संभव बनाने के लिए वेदांता समूह का आभार व्यक्त किया। निष्कर्ष: गोवर्धन परिक्रमा विकास परियोजना धार्मिक, आध्यात्मिक, और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण पहल है। यह न केवल श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगी, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा देगी।
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