Author: UmaKant Joshi
Bhankrota Jaipur के भांकरोटा अग्निकांड में घायलों की मदद करने वाले योद्धाओं का पुलिस सम्मान करेगी। अजमेर रोड स्थित डीपीएस कट पर हुए इस हादसे के दौरान कई लोग मदद के लिए आगे आए और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। मददगारों की पहचान के लिए विशेष टीम गठितघायलों की मदद करने वाले नागरिकों की पहचान के लिए डीसीपी वेस्ट अमित कुमार ने बगरू एसीपी हेमेन्द्र शर्मा के सुपरविजन में 6 सदस्यों की टीम बनाई है। इस टीम में भांकरोटा एसएचओ मनीष गुप्ता, एसआई सुरेन्द्र, हैड कांस्टेबल प्रवीण, साइबर सेल के दिनेश शर्मा, बहादुर सिंह और श्रीराम शामिल हैं। तकनीकी मदद से पहचानयह टीम हादसे के वायरल वीडियो, आस-पास के अस्पतालों के सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और लोकेशन का एनालिसिस कर रही है। अब तक 13 ऐसे लोगों की पहचान हो चुकी है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना रेस्क्यू में मदद की और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। बाकी लोगों की पहचान के प्रयास जारी हैं। डीसीपी वेस्ट का बयानडीसीपी अमित कुमार ने कहा, “यह हमारी ड्यूटी है, लेकिन ऐसे हादसों में आमजन का आगे बढ़ना और बिना किसी डर के घायलों की मदद करना प्रेरणादायक है। ऐसे लोगों का सम्मान किया जाएगा ताकि अन्य लोग भी भविष्य में ऐसे कार्यों के लिए प्रेरित हो सकें।” रिपोर्ट पांच दिन में होगी तैयारबगरू एसीपी के नेतृत्व में बनी यह टीम पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। सम्मान समारोह के जरिए इन योद्धाओं की बहादुरी को सराहा जाएगा। इस पहल का उद्देश्य न केवल इन मददगारों को प्रोत्साहित करना है, बल्कि समाज में सहयोग और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना भी है।
जार के संजय सैनी प्रदेश अध्यक्ष और सुरेश पारीक महासचिव निर्वाचितजर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (जार) के द्विवार्षिक चुनाव सम्पन्न, भंवर सिंह बने संगठन महासचिव जयपुर। जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (जार) के द्विवार्षिक चुनाव में संजय सैनी को प्रदेश अध्यक्ष, सुरेश पारीक को प्रदेश महासचिव और कौशल मूंदड़ा को प्रदेश कोषाध्यक्ष निर्वाचित किया गया है। मुख्य चुनाव अधिकारी राकेश कुमार शर्मा और सहायक चुनाव अधिकारी योगेश सैन ने बताया कि ये चुनाव रविवार को निर्विरोध सम्पन्न हुए। चुनाव में संजय सैनी (वरिष्ठ पत्रकार) को अध्यक्ष, सुरेश पारीक (दैनिक जोधपुर एक्सप्रेस के संपादक) को महासचिव और कौशल मूंदड़ा (राजस्थान पत्रिका उदयपुर के संवाददाता) को कोषाध्यक्ष चुना गया। अन्य प्रमुख पदों पर निर्वाचित सदस्य: नवनिर्वाचित कार्यकारिणी की पहली बैठकपहली बैठक में संगठन को और मजबूत बनाने और नए जिलों में संगठन की इकाइयों के गठन को लेकर चर्चा हुई। बैठक में संगठन महासचिव के पद पर भंवर सिंह कुशवाह (संपादक, बालाजी टाइम्स, झालावाड़) को नियुक्त किया गया। वहीं, प्रदेश सांस्कृतिक सचिव पद पर जितेन्द्र शर्मा (संपादक, थिंकिंग राइट) को मनोनीत किया गया। महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारितबैठक में संगठन में नए पदों के सृजन का प्रस्ताव पारित किया गया। यूनियन में सात से दस पदों तक की वृद्धि करते हुए संयुक्त सचिव के दस पद और सांस्कृतिक सचिव के एक पद को स्वीकृति दी गई। सदस्यता अभियान और जिलों में चुनावसभी जिलों में सदस्यता अभियान चलाने और नए जिलों में चुनाव कराने पर जोर दिया गया। संगठन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष संजय सैनी और महासचिव सुरेश पारीक ने पत्रकार हितों को प्राथमिकता देने की बात कही। कार्यकारिणी को शुभकामनाएंनिवर्तमान अध्यक्ष सुभाष शर्मा, महासचिव भाग सिंह और कोषाध्यक्ष लेशिष जैन ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं।
Rajasthan की राजनीति में एक नया मोड़ तब आया जब पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें वसुंधरा राजे ने सोशल मीडिया पर साझा कीं। इसे उन्होंने शिष्टाचार मुलाकात बताया, लेकिन इसके निहितार्थ राजस्थान की राजनीति में गहराई से देखे जा रहे हैं। राजे-मोदी की मुलाकात: अहम संकेतबीते वर्षों की दूरी:वसुंधरा राजे का राजस्थान बीजेपी में लंबे समय तक वर्चस्व रहा, लेकिन हाल के वर्षों में उनकी राजनीतिक सक्रियता और प्रभाव में कमी आई।सियासी संकेत:मोदी और राजे के बीच यह मुलाकात वर्षों बाद वन-टू-वन बातचीत के तौर पर हुई। यह तस्वीर संकेत देती है कि बीजेपी नेतृत्व राजस्थान की राजनीति में वसुंधरा राजे की भूमिका पर पुनर्विचार कर रहा है।क्या वसुंधरा राजे भैरोंसिंह शेखावत की राह पर हैं?भाजपा का नया चेहरा:वसुंधरा राजे के स्थान पर बीजेपी ने युवा नेतृत्व को प्राथमिकता देते हुए भजनलाल को मुख्यमंत्री बनाया।संभव भविष्य:विश्लेषकों का मानना है कि वसुंधरा राजे को भैरोंसिंह शेखावत की तरह राष्ट्रीय स्तर पर समायोजित किया जा सकता है। 2027 में उपराष्ट्रपति पद के लिए वसुंधरा राजे एक संभावित उम्मीदवार मानी जा रही हैं।दुष्यंत राजे का करियर दांव पर पुत्र के भविष्य की चिंता:वसुंधरा राजे अपने बेटे दुष्यंत सिंह के राजनीतिक करियर को लेकर चिंतित हैं। झालावाड़-बारां से सांसद दुष्यंत केंद्र में मंत्री पद के दावेदार हैं, लेकिन राजे और केंद्रीय नेतृत्व के तनाव का असर उनके अवसरों पर पड़ा है। दिल्ली-राजे समीकरण:दिल्ली और राजे के बीच दूरियां घटने से दुष्यंत को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना बढ़ सकती है।मोदी की मंच पर तारीफ और संकेत ददिया की सभा:हाल ही में जयपुर में ददिया की सभा में प्रधानमंत्री मोदी ने वसुंधरा राजे की धरोहर का जिक्र किया। यह वसुंधरा राजे के लिए एक सियासी संदेश था कि राजस्थान में उनका स्थान प्रतीकात्मक रहेगा। भजनलाल का ज़िक्र:मोदी के भाषण में भजनलाल की तारीफ ने यह स्पष्ट कर दिया कि बीजेपी की प्राथमिकता अब नई पीढ़ी के नेता हैं। निष्कर्षवसुंधरा राजे और पीएम मोदी की मुलाकात ने राजस्थान की राजनीति में हलचल मचा दी है। यह केवल एक शिष्टाचार मुलाकात नहीं बल्कि सियासी समीकरणों का इशारा है। राजे के लिए राजस्थान से दिल्ली तक का सफर उनके भविष्य को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है। साथ ही, यह मुलाकात उनके बेटे दुष्यंत के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोल सकती है।
जयपुर में स्लीपर बस में आग लगने की घटना ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। इस हादसे में राजस्थान आरएसी की कांस्टेबल अनीता मीणा (28) भी शामिल थीं, जिनकी पहचान उनके पैर की नेल पॉलिश और बिछिया से हुई। यह दुर्घटना राजस्थान के इतिहास में दर्दनाक हादसों में से एक बन गई है। अनीता की कहानी: परिवार की जिम्मेदारी और अधूरी उम्मीदें हादसे की भयावहता क्या कहते हैं अधिकारी पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि हादसे में 40 वाहन जलकर खाक हो गए। 100 से 200 मीटर के आसपास का क्षेत्र राख में तब्दील हो गया। मृतकों को श्रद्धांजलि और प्रशासनिक कदम यह घटना न केवल एक तकनीकी चूक का परिणाम है, बल्कि सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े करती है।
अजमेर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर पर गृहमंत्री अमित शाह द्वारा की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ। अधिवक्ताओं ने इस टिप्पणी के विरोध में गृहमंत्री का पुतला जलाया और सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की, साथ ही इस्तीफे की चेतावनी भी दी। प्रदर्शन का ब्योरा माफी और इस्तीफे की मांग आंदोलन तेज करने की चेतावनी इस घटनाक्रम ने राज्य और देशभर में गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ व्यापक विरोध को जन्म दिया है, और इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो सकती हैं।
Jaipur Fire News शुक्रवार को जयपुर के भांकरोटा इलाके में हुए गैस टैंकर ब्लास्ट ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। इस भयावह हादसे में आग ने एक किलोमीटर तक तबाही मचाई, जिसमें 30 से अधिक वाहन जलकर खाक हो गए और 8 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। कैसे हुआ हादसा? सीएनजी टैंकर अजमेर से जयपुर की ओर आ रहा था। टैंकर ने यू-टर्न लेने की कोशिश की, तभी जयपुर की ओर से आ रहे दूसरे टैंकर ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तुरंत आग भड़क उठी और उसने आस-पास खड़े वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। तबाही का मंजर हादसे के बाद सड़क पर तबाही का नज़ारा था। आग की चपेट में आए 30 से अधिक वाहन पूरी तरह जल गए। कई गाड़ियां इतनी जल चुकी थीं कि उनका कोई अस्तित्व तक नहीं बचा। मौत और घायलों की स्थिति गलत कट बना हादसे की वजह हादसे के चश्मदीदों के अनुसार, सड़क पर गलत कट के कारण यह घटना हुई। सीएम और मंत्रियों ने लिया जायजा घटना के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री और गृह राज्य मंत्री घटनास्थल पर पहुंचे। चश्मदीदों की कहानी आवश्यक कदम यह हादसा न केवल प्रशासन के लिए चेतावनी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी खतरनाक हो सकती है। यह समय है कि प्रशासन और जनता दोनों सतर्क होकर जिम्मेदारी से कार्य करें।
Jaipur -अजमेर रोड पर हुए भीषण आगजनी हादसे ने पूरे राजस्थान को झकझोर कर रख दिया है। इस भयानक घटना में पेट्रोल पंप और कई वाहन आग की चपेट में आ गए, जिससे कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इस त्रासदी के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एसएमएस अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और उनकी स्थिति का जायजा लिया। घायलों से मिलने पहुंचे डोटासराघायलों से मिलने के बाद डोटासरा ने कहा,”यह हादसा गहरी पीड़ा पहुंचाने वाला है। स्लीपर बस में सो रहे यात्रियों को आग से बचने का मौका तक नहीं मिला। आग इतनी तेजी से फैली कि वे संभल नहीं सके।”उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि सभी घायल जल्द स्वस्थ हों और डॉक्टरों की तत्परता की सराहना की। सरकार कर रही है हरसंभव मददडोटासरा ने कहा कि यह घटना एक गंभीर चेतावनी है और इसे रोकने के लिए पहले से ही उचित कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने एक उच्च स्तरीय जांच समिति के गठन और हादसे की गहन जांच की मांग की ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रभावित परिवारों के लिए संवेदना और सहायताकांग्रेस अध्यक्ष ने जान गंवाने वालों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए कहा,”ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और उनके परिजनों को इस कठिन समय में हिम्मत दें।”उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार प्रभावित परिवारों और घायलों को हरसंभव मदद पहुंचाने के लिए तत्पर है। घटना से सबक लेने की जरूरतडोटासरा ने हादसे को प्रशासन और जनता के लिए जिम्मेदारी का क्षण बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा,”यह समय एकजुटता का है। कांग्रेस पार्टी सरकार और प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।” राजनीति से परे इंसानियत का संदेशडोटासरा ने इस घटना पर किसी भी राजनीतिक टिप्पणी से बचते हुए इसे मानवीय दृष्टिकोण से देखने की अपील की। उन्होंने सरकार की तत्परता और राहत कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस कठिन समय में सभी को मिलकर काम करना चाहिए। निष्कर्ष:अजमेर रोड हादसा न केवल एक त्रासदी है, बल्कि एक चेतावनी भी है कि सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दी जाए। डोटासरा का यह संदेश न केवल घायलों के प्रति संवेदना व्यक्त करता है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत पर भी जोर देता है।
Jaipur-अजमेर नेशनल हाईवे पर भांकरोटा के पुष्पराज पेट्रोल पंप के पास आज सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब दो सीएनजी टैंकरों की टक्कर के बाद भीषण आग लग गई। यह हादसा सुबह करीब 5:40 बजे हुआ और धमाके की आवाज 10 किलोमीटर दूर तक सुनी गई। हादसे ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया और 150 से अधिक लोग झुलस गए। इस भीषण घटना में अब तक 15 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। घटना का विवरणप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अजमेर से जयपुर की ओर आ रहा एक सीएनजी टैंकर दिल्ली पब्लिक स्कूल के पास यू-टर्न लेने के दौरान जयपुर से आ रहे दूसरे टैंकर से टकरा गया। टक्कर के तुरंत बाद दोनों टैंकरों में भीषण आग लग गई, जिसने आसपास खड़े वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि 300 मीटर के दायरे में खड़ी 29 ट्रक, 2 बसें और कई कारें जलकर राख हो गईं। घायलों का इलाज और सीएम का दौराघटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। आग से झुलसे सभी घायलों को जयपुर के एसएमएस अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी में अब तक 35 से अधिक मरीजों को भर्ती कराया गया है। इनमें से कई मरीज 70 प्रतिशत से अधिक जल चुके हैं और उनकी हालत गंभीर है। सरकार ने मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त आईसीयू वार्ड स्थापित किए हैं। घायलों की स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एसएमएस अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों को घायलों के इलाज के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं तुरंत मुहैया कराने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि इस हादसे की जांच करवाई जाएगी और पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। आग बुझाने के प्रयास और प्रशासन की कार्रवाईघटना स्थल पर दमकल विभाग की कई गाड़ियां पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान हाईवे के नीचे से गुजर रही गैस पाइपलाइन को बंद कर दिया गया ताकि आग और न फैले। घटना स्थल पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, हादसे का कारण टैंकर में तकनीकी खराबी या मानवीय लापरवाही हो सकती है। चश्मदीदों की भयावह गवाहीप्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं। कुछ चश्मदीदों ने ट्रक में जल चुके कंकालों को देखा, जो इस घटना की भयावहता को दर्शाता है। हाईवे पर मौजूद कई गाड़ियां जलकर पूरी तरह नष्ट हो गईं, जिससे मृतकों और घायलों की सही संख्या का पता लगाने में कठिनाई हो रही है। पूर्व सीएम और नेताओं की प्रतिक्रियापूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह हादसा बेहद चिंताजनक है। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और दिवंगत आत्माओं के लिए शांति की प्रार्थना की। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी घायलों से मिलने एसएमएस अस्पताल पहुंचे। भांकरोटा में यातायात प्रभावितहादसे के बाद अजमेर रोड पर यातायात बाधित हो गया। पुलिस ने यातायात को डायवर्ट कर दिया है, जिससे अन्य मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। चांदपोल से बगरू तक चलने वाली लो-फ्लोर बसों का संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। निष्कर्षभांकरोटा हादसा न केवल जयपुर बल्कि पूरे राजस्थान के लिए एक बड़ी त्रासदी है। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य जारी हैं। सरकार ने हादसे की गहन जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर: 916634755187646884317300363636
Rajasthan कांग्रेस युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया ने 21 दिसंबर 2024 को प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। इस आंदोलन में प्रदेशभर के युवा कांग्रेस कार्यकर्ता भाग लेंगे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्ति अभियान को मजबूती देना और युवाओं के रोजगार के लिए सरकार पर दबाव बनाना है। नशा तस्करी और बुलडोजर नीति पर पूनिया का बयानअभिमन्यु पूनिया ने राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती नशे की तस्करी पर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से सख्त कदम उठाने और अपराधियों की पहचान कर उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग की। उन्होंने सरकार की बुलडोजर नीति का समर्थन करते हुए इसे सकारात्मक कदम बताया। डॉ. अंबेडकर पर गृह मंत्री के बयान का विरोधगृह मंत्री अमित शाह के डॉ. भीमराव अंबेडकर पर दिए बयान को लेकर पूनिया ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बयान लोकसभा में दर्ज हो चुका है और गृह मंत्री को इसके लिए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। ऐसा न होने पर कांग्रेस सड़क पर उतरकर विरोध करेगी। सचिन पायलट के नेतृत्व की वकालतसचिन पायलट को लेकर पूनिया ने कहा कि वह कांग्रेस के बड़े नेता हैं और राहुल गांधी के बाद जनता के बीच सबसे लोकप्रिय हैं। उन्होंने कहा कि समय का चक्र पूरा हो चुका है और अब कांग्रेस में सचिन पायलट के नेतृत्व का दौर लौट आया है। निष्कर्षकांग्रेस युवा मोर्चा का यह आंदोलन राज्य में युवाओं की समस्याओं और नशा तस्करी के खिलाफ सरकार को घेरने की कोशिश है। साथ ही, पार्टी के भीतर सचिन पायलट के नेतृत्व को लेकर नए संकेत भी उभर रहे हैं।
Ajmer Dargah Controversy- अजमेर की ऐतिहासिक दरगाह को लेकर विवाद पर सिविल कोर्ट में सुनवाई शुक्रवार को होगी। इस मामले में तीन पक्ष—अल्पसंख्यक मंत्रालय, दरगाह कमेटी और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI)—को कोर्ट की ओर से नोटिस जारी किया गया था। हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा करते हुए याचिका दायर की थी। विवाद की पृष्ठभूमिहिंदू सेना ने दावा किया है कि वर्तमान दरगाह की जगह पर पहले संकट मोचन महादेव मंदिर था। यह दावा रिटायर्ड जज हरबिलास सारदा की 1911 में प्रकाशित पुस्तक ‘अजमेर: हिस्टॉरिकल एंड डिस्क्रिप्टिव’ के आधार पर किया गया है। हिंदू पक्ष का कहना है कि: दरगाह के निर्माण में पुराने मंदिर के अवशेषों का इस्तेमाल हुआ।मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान होते थे, जिसे ढहाकर दरगाह बनाई गई।दरगाह के गुंबद में मंदिर के हिस्से और तहखाने में गर्भगृह मौजूद है।जान से मारने की धमकीविष्णु गुप्ता को अजमेर दरगाह को लेकर मामला दायर करने के बाद जान से मारने की धमकियां मिलीं। उन्हें कनाडा और भारत से फोन कॉल्स के जरिए सिर कलम करने की धमकी दी गई। गुप्ता ने नई दिल्ली के बाराखंबा थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। राजनीतिक और धार्मिक प्रतिक्रियाएंमामले पर राजनीतिक और धार्मिक नेताओं के तीखे बयान सामने आए हैं: महबूबा मुफ्ती: उन्होंने इसे मुस्लिम स्थलों को निशाना बनाने की साजिश बताया और कहा कि इससे समाज में खून-खराबा हो सकता है।अशोक गहलोत: पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि दरगाह 800 साल पुरानी है, जहां हिंदू-मुस्लिम दोनों आते हैं। उन्होंने भाजपा पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।मदन दिलावर: राजस्थान के मंत्री ने कहा कि औरंगजेब और बाबर ने मंदिर तोड़कर मस्जिदें बनवाईं। जांच से सच्चाई सामने आएगी।सचिन पायलट: उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें असली मुद्दों से ध्यान भटकाकर समाज में तनाव पैदा कर रही हैं।दरगाह कमेटी का पक्षदरगाह के दीवान सैयद जैनुअल अली आबेदीन ने दावा किया कि दरगाह का इतिहास 800 साल पुराना है। उस समय यहां कोई पक्का निर्माण नहीं था, केवल कच्ची कब्र थी। उन्होंने कहा कि इस आधार पर नीचे मंदिर होने की बात अविश्वसनीय है। निष्कर्षअजमेर दरगाह विवाद ने धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर गहरा असर डाला है। कोर्ट की सुनवाई में तीन पक्षों द्वारा दिए गए तर्क मामले की सच्चाई सामने लाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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