Dausa जहां कालीखाड़ गांव में 150 फीट गहरे बोरवेल में गिरे पांच साल के मासूम आर्यन को 55 घंटे के लंबी मशक्कत के बाद सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। यह घटना सोमवार दोपहर करीब 3 बजे हुई, जब आर्यन खेलते-खेलते बोरवेल में गिर गया था।
रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रक्रिया
बच्चे को बचाने के लिए बचाव अभियान तत्काल शुरू हुआ, जिसमें एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन ने कड़ी मेहनत की।
- ड्रिलिंग मशीनों का उपयोग: बच्चे तक पहुंचने के लिए बोरवेल के समानांतर एक गड्ढा खोदा गया।
- तकनीकी चुनौतियां: बचाव अभियान में पानी के स्तर और भूमिगत भाप ने बाधाएं उत्पन्न कीं। कैमरों की मदद से बच्चे की स्थिति की निगरानी की गई, लेकिन दृश्यता की कमी एक बड़ी समस्या रही।
एनडीआरएफ का बयान
एनडीआरएफ के अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान पानी का बढ़ता स्तर और सुरंग की मजबूती बनाए रखना मुख्य चुनौतियां थीं। हालांकि, उनकी कुशलता और समर्पण से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
अस्पताल में उपचार
आर्यन को बाहर निकालते ही बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
स्थानीय प्रशासन और परिवार का धन्यवाद
यह रेस्क्यू ऑपरेशन प्रशासन, एनडीआरएफ और स्थानीय निवासियों की टीमवर्क और साहस का नतीजा है। आर्यन के परिवार और पूरे गांव ने उनकी मेहनत के लिए आभार प्रकट किया।
यह घटना एक बार फिर गहरे बोरवेल और बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर देती है।

