कैथल जिले के कलायत विधानसभा क्षेत्र के सिसमौर गांव की 25 वर्षीय बेटी रूबल ने राजस्थान राज्य न्यायिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर जज बनकर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली रूबल ने राज्य में 76वीं रैंक के साथ इस प्रतिष्ठित परीक्षा को पास किया। रूबल के इस अभूतपूर्व उपलब्धि को लेकर गांव और परिवार में खुशी की लहर है, वहीं उनके सम्मान में राधा कृष्ण पब्लिक स्कूल, कैथल में एक स्वागत समारोह आयोजित किया गया।
रूबल की शैक्षिक यात्रा
रूबल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राधा कृष्ण पब्लिक स्कूल, कैथल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने सोनीपत के खानपुर गांव स्थित भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई (BLLB) की। रूबल ने बताया कि विश्वविद्यालय में अध्ययन करते हुए उन्होंने न्यायिक सेवा में जाने का सपना देखा और अपनी मेहनत और लगन से उसे साकार किया। अपने परिवार और ग्रामीण क्षेत्र का नाम न्यायिक क्षेत्र में रोशन करने का दृढ़ निश्चय उनकी सफलता की प्रेरणा बना।
परिवार का हौसला बना प्रेरणा
रूबल के पिता बलजीत सिंह का इसी साल 22 अगस्त को निधन हो गया था। उनके परिवार ने इस कठिन समय में उनका साथ देते हुए उन्हें प्रेरित किया। उनकी मां प्रीति, भाई रणदीप और बहन रूबी ने उनके हौसले को बनाए रखा। स्कूल के निदेशक लाभ सिंह लैलर ने रूबल की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया और बताया कि उनका परिवार हमेशा रूबल की पढ़ाई और करियर में उनका सहारा बना रहा।
समारोह में किया गया भव्य सम्मान
राधा कृष्ण पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में रूबल का विशेष सम्मान किया गया। स्कूल के निदेशक लाभ सिंह लैलर और प्रधानाचार्या मंजू रानी ने उन्हें पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया। ग्रामीणों और स्कूल के शिक्षकों ने उनके इस मुकाम तक पहुंचने के संघर्ष की सराहना की।
रूबल की सफलता का मंत्र: अनुशासन और सोशल मीडिया से दूरी
रूबल ने बताया कि उनकी इस सफलता का बड़ा कारण स्कूल में सिखाए गए अनुशासन और सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी के दौरान वह सोशल मीडिया से दूर रहीं और केवल सकारात्मक और उपयोगी सामग्री पर ही ध्यान दिया। रूबल का मानना है कि सोशल मीडिया से अच्छी चीजें सीखकर अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहना सफलता का प्रमुख सूत्र है।
ग्रामीण क्षेत्र में एक नई उम्मीद
रूबल की इस सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे ग्रामीण क्षेत्र का मान बढ़ाया है। ग्रामीणों का कहना है कि रूबल ने न्यायिक क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक है। उनकी यह उपलब्धि ग्रामीण अंचल के बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देती है।
